21 जुलाई गोलीकांड: ममता बनर्जी के पास कार्यक्रम का नैतिक अधिकार नहीं — अग्निमित्रा पॉल
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की शहरी विकास और नगर मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने 21 जुलाई 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के पास 21 जुलाई के नाम पर कोई भी राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने का नैतिक अधिकार शेष नहीं है। यह बयान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा 21 जुलाई गोलीकांड की फाइलें दोबारा खोलने की घोषणा के तुरंत बाद आया है।
मुख्य आरोप और राजनीतिक प्रतिक्रिया
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि 21 जुलाई के कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने इस घटना पर एक शब्द भी नहीं बोला, क्योंकि वे स्वयं जानती हैं कि नैतिक रूप से उनका पक्ष कमज़ोर है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस आधार पर TMC हर वर्ष इस तिथि को राजनीतिक उत्सव की तरह मनाती है। पॉल के अनुसार, यह उन परिवारों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है जिन्होंने इस गोलीकांड में अपने प्रियजनों को खोया।
मुआवज़े में कथित अनियमितता
अग्निमित्रा पॉल ने दावा किया कि विधानसभा में सुवेंदु अधिकारी ने 21 जुलाई गोलीकांड से जुड़ी रिपोर्ट सार्वजनिक की, जिसमें खुलासा हुआ कि मृतकों के परिजनों को ₹25 लाख और घायलों को ₹5 लाख मुआवज़ा देने की सिफारिश की गई थी। उनके अनुसार, तत्कालीन राज्य सरकार ने इन सिफारिशों की अनदेखी की और मृतकों के परिजनों को ₹25 लाख के स्थान पर मात्र ₹2 लाख दिए गए। घायलों को भी निर्धारित राशि से कहीं कम मुआवज़ा मिला।
जांच रिपोर्ट दबाने का आरोप
पॉल ने आरोप लगाया कि जनता के पैसे से तैयार की गई जांच आयोग की रिपोर्ट को कभी सार्वजनिक नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि यह रिपोर्ट सामने आती तो कई अधिकारियों और तत्कालीन प्रशासन की भूमिका उजागर हो जाती। इसके विपरीत, जिन अधिकारियों पर सवाल उठे, उन्हें कार्रवाई के बजाय बाद में महत्वपूर्ण पद और जिम्मेदारियाँ दी गईं। उन्होंने यह भी कहा कि TMC के भीतर अब कई गुट सक्रिय हैं और आपसी खींचतान बढ़ रही है, जो हाल की घटनाओं — जैसे पार्टी के झंडे हटाने के विवाद — में भी झलकती है।
न्याय की माँग और आगे की राह
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि वर्षों तक 21 जुलाई के नाम पर बंगाल की जनता की भावनाओं से खिलवाड़ किया गया। उन्होंने माँग की कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस पूरे मामले पर जनता के सामने जवाब दें। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने यह भी कहा है कि जिन पीड़ित परिवारों को अब तक निर्धारित मुआवज़ा नहीं मिला, उन्हें न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा। यदि फाइलें दोबारा खुलती हैं, तो कई पुराने सवालों के जवाब जनता के सामने आ सकते हैं।