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अहमदाबाद AMC का 24 दिवसीय अतिक्रमण अभियान: 1,428 रेहड़ी हटाई, ₹15.24 लाख जुर्माना वसूला

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अहमदाबाद AMC का 24 दिवसीय अतिक्रमण अभियान: 1,428 रेहड़ी हटाई, ₹15.24 लाख जुर्माना वसूला

सारांश

अहमदाबाद नगर निगम ने 24 दिनों में सातों म्युनिसिपल जोन में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाया — 1,428 रेहड़ी-पटरी, 3,680 होर्डिंग्स और हजारों संरचनाएँ उखाड़ी गईं। ₹15.24 लाख जुर्माना वसूला गया। सवाल यह है कि क्या बिना पुनर्वास के यह सफाई टिकाऊ होगी।

मुख्य बातें

अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने 1 से 24 सितंबर 2026 के बीच 24 दिवसीय अतिक्रमण अभियान चलाया।
शहर के सातों म्युनिसिपल जोन में 1,428 रेहड़ी-पटरी और 413 शेड हटाए गए।
3,680 विज्ञापन बोर्ड, बैनर व होर्डिंग्स और 1,882 बांस-रस्सी-तिरपाल संरचनाएँ भी उखाड़ी गईं।
2,309 वाहन लॉक और 2,340 वाहनों पर जुर्माना लगाकर ₹15.24 लाख वसूले गए।
सर्वाधिक जुर्माना सेंट्रल जोन में — ₹3.13 लाख ; सबसे कम वेस्ट जोन में — ₹1.25 लाख ।

अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने 1 सितंबर से 24 सितंबर 2026 के बीच चलाए गए व्यापक अतिक्रमण-विरोधी अभियान में शहर की सार्वजनिक सड़कों और खुली जगहों से 1,428 रेहड़ी-पटरी और 413 शेड हटाए। इस दौरान 2,340 वाहनों पर जुर्माना लगाते हुए ₹15.24 लाख की वसूली की गई। निगम के एस्टेट / टाउन डेवलपमेंट विभाग ने शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी।

अभियान का दायरा और मकसद

यह अभियान सात म्युनिसिपल जोन — वेस्ट, नॉर्थ-वेस्ट, साउथ-वेस्ट, ईस्ट, सेंट्रल, नॉर्थ और साउथ — में एक साथ चलाया गया। निगम का उद्देश्य यातायात अवरोध दूर करना और सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण से मुक्त कराना था। अभियान के दौरान 1,882 बांस-रस्सी-तिरपाल संरचनाएँ, 8,479 अन्य सामान, और 3,680 विज्ञापन बोर्ड, बैनर व होर्डिंग्स भी हटाए गए। कुल 2,309 वाहनों को लॉक किया गया।

ज़ोन-वार कार्रवाई का ब्यौरा

वेस्ट जोन में गोल्डन ट्रायंगल से स्टेडियम चार रास्ता, स्वास्तिक चार रास्ता, पंचवटी फाइव रोड्स, परिमल गार्डन और सरदार पटेल प्रतिमा तक अभियान चला। यहाँ 172 रेहड़ी-पटरी, 23 शेड, 159 संरचनाएँ और 1,393 सामान हटाए गए; 528 विज्ञापन बोर्ड भी उखाड़े गए। 174 वाहन लॉक और 235 पर जुर्माना लगाकर ₹1.25 लाख वसूले गए।

नॉर्थ-वेस्ट जोन में घाटलोडिया के डमरू सर्कल से गुजरात हाईकोर्ट कॉम्प्लेक्स, राणापार्क, जजेज बंगलो रोड, पकवान चार रास्ता से मानसी सर्कल, इस्कॉन चार रास्ता और थलतेज-गोता-वैष्णोदेवी सर्कल तक 222 रेहड़ी-पटरी, 63 शेड, 287 संरचनाएँ और 1,241 सामान हटाए गए। 349 होर्डिंग्स हटाए गए तथा ₹2.66 लाख जुर्माना वसूला गया।

साउथ-वेस्ट जोन में चाणक्यपुरी चार रास्ता से श्यामल चार रास्ता, प्रह्लादनगर एस.जी. हाईवे और इस्कॉन सर्कल से उजाला सर्कल तक 153 रेहड़ी-पटरी, 83 संरचनाएँ और 819 सामान हटाए गए। 481 बोर्ड हटाकर ₹1.87 लाख जुर्माना वसूला गया।

ईस्ट जोन में हस्तिनापुर सोसाइटी, हाटकेश्वर सर्कल रोड और रबारी कॉलोनी मेट्रो सहित अन्य इलाकों में 253 रेहड़ी-पटरी, 95 शेड, 368 संरचनाएँ और 1,433 सामान हटाए गए। 839 बोर्ड हटाए और ₹2.47 लाख वसूले गए।

सेंट्रल जोन में जमालपुर फ्रूट मार्केट, कालूपुर शाक मार्केट, दरियापुर दरवाजा, गाभा बाजार, नमस्ते सर्कल और भद्रा में 279 रेहड़ी-पटरी और 114 शेड सहित 399 संरचनाएँ व 1,523 सामान हटाए गए। 700 बोर्ड हटाकर ₹3.13 लाख की वसूली हुई — सभी जोनों में सर्वाधिक।

नॉर्थ जोन में मेमको से कुबेरनगर और हीरावाड़ी बीआरटीएस से ठक्करबापानगर तक 179 रेहड़ी-पटरी, 59 शेड, 313 संरचनाएँ और 1,086 सामान हटाए गए। 474 बोर्ड हटाकर ₹1.75 लाख जुर्माना वसूला गया।

साउथ जोन में पिपलाज-पिराना रोड, पिपलाज से सैजपुर, पुष्पक बंगला कैनाल रोड और इसनपुर से गीतामंदिर रोड पर 170 रेहड़ी-पटरी, 59 शेड, 273 संरचनाएँ और 984 सामान हटाए गए। 309 बोर्ड हटाकर ₹2.09 लाख वसूले गए।

आम जनता पर असर

अभियान से शहर की प्रमुख सड़कों पर यातायात की आवाजाही सुगम होने की उम्मीद है। विशेषकर व्यावसायिक बाज़ारों — कालूपुर, जमालपुर और भद्रा — के आसपास वर्षों से जमे अतिक्रमण हटाने से पैदल यात्रियों को राहत मिलेगी। हालाँकि, रेहड़ी-पटरी पर आजीविका निर्भर करने वाले छोटे व्यापारियों पर इसके आर्थिक प्रभाव को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है।

आगे क्या

AMC ने यह स्पष्ट नहीं किया कि भविष्य में ऐसे अभियान नियमित अंतराल पर चलाए जाएँगे या नहीं। नगर निगम के अनुसार, अतिक्रमण-मुक्त सार्वजनिक स्थानों को बनाए रखना दीर्घकालिक शहरी योजना का हिस्सा है। यह देखना बाकी है कि हटाए गए विक्रेताओं के लिए वैकल्पिक पुनर्वास की कोई व्यवस्था की जाती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह आँकड़े उस बड़े सवाल का जवाब नहीं देते कि हटाए गए विक्रेताओं की आजीविका कहाँ जाएगी। अहमदाबाद जैसे तेज़ी से बढ़ते शहर में रेहड़ी-पटरी अर्थव्यवस्था लाखों परिवारों की रोज़ी-रोटी है। बिना वैकल्पिक हॉकर जोन या पुनर्वास नीति के, ऐसे अभियान अक्सर अस्थायी राहत ही साबित होते हैं — कुछ हफ्तों बाद अतिक्रमण फिर लौट आता है। असली परीक्षा यह है कि क्या AMC इस बार स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम उठाएगा।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद AMC का अतिक्रमण हटाओ अभियान क्या था?
यह अहमदाबाद नगर निगम (AMC) का 24 दिवसीय अभियान था जो 1 से 24 सितंबर 2026 के बीच शहर के सातों म्युनिसिपल जोन में चला। इसमें सार्वजनिक सड़कों और खुली जगहों से रेहड़ी-पटरी, शेड, होर्डिंग्स और अन्य अनधिकृत संरचनाएँ हटाई गईं।
अभियान में कुल कितनी कार्रवाई हुई?
अभियान में 1,428 रेहड़ी-पटरी, 413 शेड, 1,882 बांस-रस्सी-तिरपाल संरचनाएँ और 8,479 अन्य सामान हटाए गए। 3,680 विज्ञापन बोर्ड, बैनर व होर्डिंग्स भी उखाड़े गए। 2,309 वाहन लॉक और 2,340 वाहनों पर जुर्माना लगाया गया।
कुल कितना जुर्माना वसूला गया और किस जोन में सबसे अधिक?
पूरे अभियान में ₹15.24 लाख जुर्माना वसूला गया। सेंट्रल जोन में सर्वाधिक ₹3.13 लाख वसूले गए, जबकि वेस्ट जोन में सबसे कम ₹1.25 लाख की वसूली हुई।
AMC ने यह अभियान क्यों चलाया?
अभियान का मुख्य उद्देश्य यातायात की समस्या दूर करना और सार्वजनिक स्थानों को अतिक्रमण से मुक्त कराना था। विशेष रूप से शहर के व्यस्त बाज़ार क्षेत्रों और प्रमुख सड़कों पर वर्षों से जमे अनधिकृत कब्जे को हटाया गया।
क्या हटाए गए रेहड़ी-पटरी वालों के पुनर्वास की कोई योजना है?
AMC के आधिकारिक बयान में हटाए गए विक्रेताओं के पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। यह सवाल अभी अनुत्तरित है कि भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए कोई दीर्घकालिक नीति अपनाई जाएगी या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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