एआईएडीएमके सांसद धनपाल की माँग: चार विधायकों के टीवीके में दलबदल की सीबीआई जांच हो
सारांश
मुख्य बातें
अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के सांसद धनपाल ने 28 मई 2026 को माँग की कि पार्टी के चार विधायकों के इस्तीफे और उनके सत्ताधारी दल तमिलगा वेत्री कजगम (टीवीके) में शामिल होने की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से विस्तृत जांच कराई जाए। धनपाल ने आरोप लगाया कि इस दलबदल के पीछे बड़े पैमाने पर धन के लेन-देन की आशंका है और केंद्र सरकार को लोकतंत्र की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।
एक्स पर पोस्ट से उठाए सवाल
धनपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिये दावा किया कि टीवीके सरकार के पास स्वतंत्र बहुमत नहीं था। उनके अनुसार, नई सरकार के सत्ता संभालने के तुरंत बाद चार विधायकों का एक साथ इस्तीफा देना और फिर सत्तारूढ़ दल में शामिल होना गंभीर संदेह पैदा करता है। धनपाल ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से भी इन घटनाक्रमों पर बारीकी से नज़र रखने की अपील की।
किन विधायकों पर है सवाल
जिन चार विधायकों ने एआईएडीएमके से इस्तीफा देकर टीवीके का दामन थामा, उनमें के. मरगथम कुमारवेल, पी. सत्यभामा, एस. जयकुमार और डॉ. सी. इसाकी सुब्बैया शामिल हैं। ये सभी सीवी शनमुगम के नेतृत्व वाले गुट से थे, जिसके पास शुरुआत में 25 विधायकों का समर्थन था।
एआईएडीएमके के भीतर गुटबाज़ी और कमज़ोर होती स्थिति
चुनाव के बाद पार्टी में आए संकट के कारण एआईएडीएमके दो मुख्य गुटों में बंट गई। एक गुट सीवी शनमुगम के नेतृत्व में था, तो दूसरा पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) के नेतृत्व में, जिसे 22 विधायकों का समर्थन था। हाल के हफ्तों में पी. हरिभास्कर, एसएम सुकुमार, डी. जयशंकर, एनएसएन नटराजन, के. मोहन और पी. बालकृष्ण रेड्डी सहित छह विधायक ईपीएस खेमे में लौट आए, जिससे शनमुगम गुट की ताकत घटकर मात्र 15 विधायक रह गई।
सुलह की कोशिश, लेकिन शर्तों पर असहमति
पार्टी की कमज़ोर होती स्थिति के बीच एआईएडीएमके के कई वरिष्ठ नेताओं ने चेन्नई के ग्रीनवेज़ रोड स्थित ईपीएस के आवास पर उनसे मुलाकात कर सुलह की संभावनाएँ तलाशीं। सूत्रों के अनुसार, शनमुगम गुट ने पार्टी पदों की बहाली और एक उच्च-स्तरीय समन्वय समिति के गठन की माँग रखी, लेकिन कथित तौर पर ईपीएस ने दोनों माँगें ठुकरा दीं और विरोधी खेमे से स्पीकर के समक्ष दर्ज शिकायतें वापस लेने को कहा।
विधानसभा में विपक्ष की स्थिति पर असर
पार्टी सूत्रों के अनुसार, दोनों गुटों के नेता स्पीकर जेसीडी प्रभाकर को एक पत्र सौंपने की तैयारी में हैं, जिसमें वे विश्वास मत के दौरान टीवीके सरकार को दिए गए अपने पहले के समर्थन को वापस लेने की घोषणा करेंगे। यह कदम तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष की स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। गौरतलब है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों गुट हफ्तों की अंदरूनी उथल-पुथल के बाद कथित तौर पर पुनः एकजुट होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।