अखिलेश का अयोध्या दौरा महज राजनीतिक स्टंट: BJP सांसद प्रवीण खंडेलवाल का तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने 8 नवंबर 2026 को समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव के प्रस्तावित अयोध्या दौरे को 'राजनीतिक स्टंट' करार दिया। खंडेलवाल ने कहा कि जिन लोगों के मन में भगवान राम के प्रति सच्ची आस्था नहीं है, उनकी अयोध्या धाम में कोई ज़रूरत नहीं।
अखिलेश यादव पर सीधा निशाना
समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडे के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए खंडेलवाल ने कहा, 'मुझे लगता है कि इससे ज़्यादा दुर्भाग्यपूर्ण बयान और कोई नहीं हो सकता। यह बयान समाजवादी पार्टी की मानसिकता को दर्शाता है। अगर इसके बाद भी अखिलेश यादव अयोध्या जाते हैं, तो मुझे लगता है कि यह एक राजनीतिक स्टंट के अलावा और कुछ नहीं होगा।'
उन्होंने आगे जोड़ा, 'जब आपके मन में भगवान राम के प्रति कोई श्रद्धा ही नहीं है और आप यह मानने लगे हैं कि उन लोगों पर गोली चलाना सही था, तो अयोध्या धाम को ऐसे लोगों की कोई ज़रूरत नहीं है। उनके लिए यही बेहतर होगा कि वे जहाँ हैं, वहीं रहें।'
कीर्ति आजाद की टिप्पणी पर आपत्ति
खंडेलवाल ने कीर्ति आजाद द्वारा भगवान राम और देवी सीता पर की गई टिप्पणी को भी आपत्तिजनक बताया। उनके अनुसार इस तरह के बयान समाज की भावनाओं को आहत करते हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। गौरतलब है कि इस विवाद ने भाजपा और विपक्षी दलों के बीच राम-मंदिर के मुद्दे पर तल्ख राजनीतिक संघर्ष को एक बार फिर सतह पर ला दिया है।
बस्तर में 'नक्सल-मुक्त दीपावली' की सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बस्तर में सुरक्षाकर्मियों के साथ दीपावली मनाने के संदर्भ में खंडेलवाल ने कहा, 'यह देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण बात है। प्रधानमंत्री ने देश से नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया था, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूरी दृढ़ता के साथ पूरा किया है।'
उन्होंने कहा, 'आज देश पूरी तरह से नक्सलवाद से मुक्त है। नक्सलवाद-मुक्त देश में पहली दीपावली मनाना, खासकर बस्तर जैसे इलाके में — जो कभी आतंकवाद और नक्सलवाद का गढ़ हुआ करता था — और वहाँ प्रधानमंत्री का सुरक्षाकर्मियों के साथ त्योहार मनाना, पूरे देश और दुनिया के लिए एक बड़ा संदेश है।'
कांग्रेस पर 'एक्स' पोस्ट के ज़रिये हमला
इससे पहले खंडेलवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस को आड़े हाथ लिया। उन्होंने लिखा, 'लोकतंत्र की दुहाई देने से पहले कांग्रेस को आपातकाल के उस काले अध्याय के विषय में जवाब देना चाहिए, जब लोकतंत्र का गला घोंटा गया था। दशकों तक देश पर शासन करने वाली कांग्रेस के कार्यकाल में भारत वैश्विक मंच पर वह पहचान नहीं बना पाया, जिसके हम हकदार हैं। विगत 12 वर्षों में देश के प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने हर क्षेत्र में प्रगति की है और वैश्विक क्षितिज पर अपनी एक नई पहचान स्थापित की है।'
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब उत्तर प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज़ है और सभी दल अयोध्या से जुड़े धार्मिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने में जुटे हैं। आलोचकों का कहना है कि राम-मंदिर और आस्था को राजनीतिक हथियार बनाने की प्रवृत्ति सभी दलों में देखी जाती है। आने वाले दिनों में अखिलेश यादव का अयोध्या दौरा होता है या नहीं, यह देखने वाली बात होगी।