अमरनाथ यात्रा 2026: एलजी मनोज सिन्हा की अपील — तय तारीख पर ही पहुँचें, बिना रजिस्ट्रेशन प्रवेश नहीं
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने 5 जुलाई 2026 को श्री अमरनाथ जी यात्रा 2026 की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए तीर्थयात्रियों से स्पष्ट अपील की कि वे वैध रजिस्ट्रेशन के बिना यात्रा पर न निकलें और केवल अपनी तय रजिस्ट्रेशन तारीख पर ही जम्मू-कश्मीर पहुँचें। बैठक में यह सामने आया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु बिना वैध परमिट के यात्रा पर आ रहे हैं, जिससे पंजीकृत तीर्थयात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
समीक्षा बैठक में क्या हुआ
उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में आयोजित इस बैठक में यात्रा के समग्र प्रबंधन और जमीनी हालात का विस्तृत जायजा लिया। बैठक में तीर्थयात्रियों की आवाजाही, ट्रैफिक प्रबंधन, सुरक्षा इंतजाम, रहने की व्यवस्था और रजिस्ट्रेशन की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई। सभी विभागों और सुरक्षा एजेंसियों को आपसी तालमेल बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश और तीर्थयात्री सीमा
उप-राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि यात्रा सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार, यात्रा मार्गों पर तीर्थयात्रियों की आवाजाही की तय सीमा के तहत संचालित की जा रही है। इसी कारण रजिस्ट्रेशन शेड्यूल का सख्ती से पालन अनिवार्य है। प्रशासन ने दोहराया कि केवल तय तारीख के लिए वैध रजिस्ट्रेशन परमिट रखने वाले तीर्थयात्रियों को ही पवित्र गुफा मंदिर तक जाने वाले मार्गों पर आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी।
बिना रजिस्ट्रेशन वाले श्रद्धालुओं को क्या करना चाहिए
सिन्हा ने बिना रजिस्ट्रेशन वाले तीर्थयात्रियों से अपील की कि वे जम्मू-कश्मीर पहुँचने पर किसी भी तरह की परेशानी से बचने के लिए अपनी यात्रा कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दें। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से कहा है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले आवश्यक रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करें और अपनी तय तारीख का वैध यात्रा परमिट प्राप्त करें।
सभी पक्षों से समन्वय का निर्देश
उप-राज्यपाल ने सभी विभागों और सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे लंगर संगठनों, सर्विस प्रोवाइडर्स और अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं सहित सभी हितधारकों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें, ताकि यात्रा सुरक्षित, सुचारू और आध्यात्मिक रूप से संतोषजनक रहे। यह यात्रा प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है और इसका सुव्यवस्थित संचालन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।