अनंत सिंह के JDU निष्कासन पर मांझी बोले: सामान्य अनुशासनात्मक प्रक्रिया, कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं
सारांश
मुख्य बातें
मोकामा से जनता दल यूनाइटेड (JDU) विधायक अनंत सिंह के पार्टी से निष्कासन पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने 25 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि यह एक सामान्य अनुशासनात्मक प्रक्रिया है और इसे किसी बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने भी इसे JDU का आंतरिक मामला बताते हुए अधिक टिप्पणी करने से परहेज किया।
मांझी की प्रतिक्रिया: निरंतर प्रक्रिया, कोई असाधारण घटना नहीं
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने पटना में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अनंत सिंह के निष्कासन को बदलाव के तौर पर देखने की कोई जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, जब कोई व्यक्ति पार्टी के खिलाफ काम करता है और नेतृत्व को लगता है कि कुछ गलत हुआ है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है।
मांझी ने कहा, 'हम इसे कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं मानते। जहाँ तक इसके असर की बात है, तो वह समय के साथ स्पष्ट हो जाएगा। पार्टी नेतृत्व के पास उन लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अधिकार है, जो पार्टी के खिलाफ काम करते हैं। इसी अधिकार का इस्तेमाल करते हुए कार्रवाई की गई है।'
BJP का रुख: JDU परिपक्व संगठन, आंतरिक विषय
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कहा कि JDU एक परिपक्व राजनीतिक संगठन है और अनंत सिंह का निष्कासन उसका आंतरिक मामला है। उन्होंने बताया कि विधान परिषद चुनाव के समय से ही इस विषय पर चर्चा चल रही थी और निष्कासन को लेकर नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई थी।
गुरु प्रकाश के अनुसार, 'JDU अपने स्तर पर इस मामले का समाधान कर लेगी। इसलिए BJP की ओर से इस पर ज्यादा कुछ कहना उचित नहीं होगा।' यह रुख सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर अनुशासन के प्रश्नों पर BJP की सतर्क संतुलन-नीति को दर्शाता है।
चुनाव आयोग विवाद पर BJP का पलटवार
इसी अवसर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर भी गुरु प्रकाश ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की धार खत्म हो चुकी है — इसमें न तर्क बचा है, न तथ्य, न औचित्य और न कोई आधार।
गुरु प्रकाश ने आरोप लगाया कि इस आंदोलन का वास्तविक उद्देश्य लोकतांत्रिक, चुनावी या शैक्षिक सुधार नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन है। उन्होंने नेहा बोरा, प्रशांत भूषण और संजय राउत के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं की टिप्पणियाँ आंदोलन के असली मकसद को उजागर करती हैं।
फारूक अब्दुल्ला और जम्मू-कश्मीर पर BJP का बचाव
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के बयान पर गुरु प्रकाश ने कहा कि उनके बेटे ने चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की। उन्होंने इसे दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया।
गुरु प्रकाश ने यह भी दावा किया कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढाँचे, शिक्षा, पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय विकास हुआ है। उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े रेलवे पुल का भी उल्लेख किया और दावा किया कि आतंकवाद की घटनाओं में लगातार कमी आ रही है।
आगे क्या
अनंत सिंह का निष्कासन बिहार की राजनीति में एक नए समीकरण की ओर इशारा कर सकता है, खासकर मोकामा विधानसभा क्षेत्र में, जहाँ वे लंबे समय से प्रभावशाली रहे हैं। NDA के भीतर यह घटनाक्रम गठबंधन अनुशासन और आंतरिक समन्वय की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है।