25 अक्टूबर 2026
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तेलंगाना में मिठाई दुकानों पर टीजी सेफ का छापा: 53 यूनिट में गंदगी-मिलावट, 38 सैंपल जब्त

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तेलंगाना में मिठाई दुकानों पर टीजी सेफ का छापा: 53 यूनिट में गंदगी-मिलावट, 38 सैंपल जब्त

सारांश

त्योहारी सीजन में TG SAFE ने तेलंगाना के 21 जिलों में 53 मिठाई दुकानों पर एक साथ छापेमारी की — टूटे फर्श, अवरुद्ध नालियाँ, दस्तावेज़ों का अभाव और मिलावट की आशंका। 38 सैंपल जाँच में हैं और 20 दुकानों को सुधार नोटिस जारी होने हैं।

मुख्य बातें

TG SAFE ने 25 अक्टूबर 2026 को तेलंगाना के 21 जिलों में 53 मिठाई निर्माण एवं बिक्री इकाइयों पर विशेष छापेमारी की।
मिलावट की आशंका में 38 सैंपल एकत्र किए गए; 20 दुकानों को सुधार नोटिस और 1 दुकान को कारण बताओ नोटिस जारी होगा।
जाँच में टूटे फर्श, बंद नालियाँ, चिकनाई-भरे एग्जॉस्ट, अनिवार्य दस्तावेज़ों का अभाव और फूड हैंडलर्स की अपर्याप्त स्वच्छता दर्ज।
पिछले सप्ताह हैदराबाद में इसी तरह की कार्रवाई में 3 दुकानों के लाइसेंस रद्द हुए और ₹7,75,850 मूल्य की 1,035 किग्रा खाद्य सामग्री जब्त की गई थी।
सभी नोटिस पाने वाली दुकानों का पुनः निरीक्षण किया जाएगा; प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

तेलंगाना स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी फॉर फूड एंड एसेंशियल ड्रग्स (TG SAFE) ने 25 अक्टूबर 2026 को पूरे तेलंगाना में मिठाई निर्माण और बिक्री इकाइयों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया, जिसमें 53 दुकानों पर छापेमारी की गई और गंभीर स्वच्छता उल्लंघन तथा मिलावट की आशंका सामने आई। फूड सेफ्टी अधिकारियों ने मिलावट की जाँच के लिए 38 सैंपल एकत्र किए और 20 दुकानों को सुधार नोटिस जारी करने की कार्यवाही शुरू की।

मुख्य घटनाक्रम

TG SAFE के फूड सेफ्टी अधिकारियों ने शुक्रवार को राज्यभर में यह विशेष जाँच अभियान चलाया। 53 मिठाई निर्माण और रिटेल इकाइयों का निरीक्षण किया गया, जिसमें कई स्तरों पर खामियाँ उजागर हुईं। अधिकारियों ने बताया कि अभियान मंचेरियल, जंगांव, सिद्दीपेट, खम्मम, नारायणपेट, जोगुलाम्बा गडवाल, वनपर्थी, नलगोंडा, सूर्यापेट, पेद्दापल्ली, कामारेड्डी, नागरकुरनूल, निर्मल, निजामाबाद, हनुमाकोंडा, मेडक, वारंगल, राजन्ना सिरसिला, जगतियाल, महबूबनगर और कोठागुडेम सहित 21 जिलों में चलाया गया।

खामियों का ब्यौरा

निरीक्षण में सामने आई खामियाँ व्यापक और गंभीर थीं। जाँच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई दुकानों में फर्श टूटे हुए थे और खाने का कचरा बिखरा पड़ा था। धुलाई क्षेत्र गंदे मिले और नालियाँ खाद्य अवशेषों से अवरुद्ध थीं। दीवारों पर गंदगी, धूल और खाद्य कचरे के निशान देखे गए।

इसके अतिरिक्त, कई दुकानों पर कीट नियंत्रण के रिकॉर्ड और फूड हैंडलर्स के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र जैसे अनिवार्य दस्तावेज़ अनुपस्थित थे। फूड हैंडलर्स बिना हेयरनेट और दस्तानों के काम करते पाए गए। एग्जॉस्ट और चिमनियाँ चिकनाई से भरी हुई थीं और खाद्य सामग्री को जमीन पर रखा जाना तथा खाद्य व गैर-खाद्य वस्तुओं को एक साथ संग्रहीत करना भी दर्ज किया गया।

सरकार की प्रतिक्रिया

TG SAFE के कमिश्नर ने बयान जारी कर बताया कि नोटिस पाने वाली दुकानों का शीघ्र पुनः निरीक्षण किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन हुआ है या नहीं। उन्होंने कहा कि पुनः निरीक्षण के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। एक दुकान को जाँच में मिली खामियों के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा और जुर्माने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

पिछले हफ्ते भी हुई थी कार्रवाई

यह ऐसे समय में आया है जब बीते सप्ताह हैदराबाद में TG SAFE की छापेमारी के बाद तीन मिठाई दुकानों के लाइसेंस रद्द किए गए थे। उस कार्रवाई में मकड़ी के जाले, चिकनाई से भरे एग्जॉस्ट, गलत स्टोरेज और फूड हैंडलर्स की खराब व्यक्तिगत स्वच्छता — जिनमें कुछ के नाखून बढ़े हुए थे — दर्ज की गई थी। अधिकारियों ने तब खाद्य सामग्री में कीड़े, कॉकरोच और अचार में फंगल संदूषण की भी पुष्टि की थी।

उस जाँच में 21 खोवा और मिठाई इकाइयों का फूड सेफ्टी अधिकारियों और पुलिस कर्मियों सहित 11 प्रवर्तन टीमों द्वारा निरीक्षण किया गया था। तब 21 सैंपल लिए गए थे और ₹7,75,850 मूल्य की 1,035 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई थी।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि यह अभियान त्योहारी सीजन के दौरान चलाया गया, जब मिठाइयों की खपत सर्वाधिक होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मिलावटी और अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार मिठाइयाँ उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं। 38 सैंपलों की प्रयोगशाला जाँच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी तथा संभावित रूप से अधिक दुकानों पर कार्रवाई की जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या ये छापे एकबारगी अभियान हैं या नियमित निगरानी तंत्र का हिस्सा। पिछले सप्ताह हैदराबाद में लाइसेंस रद्द होने के बावजूद इस सप्ताह 21 जिलों में व्यापक उल्लंघन मिलना बताता है कि समस्या छिटपुट नहीं, प्रणालीगत है। 38 सैंपलों की प्रयोगशाला रिपोर्ट ही असली परीक्षा होगी — यदि मिलावट साबित हुई और कार्रवाई केवल नोटिस तक सीमित रही, तो खाद्य सुरक्षा प्रशासन की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगेगा।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TG SAFE का तेलंगाना मिठाई दुकान अभियान क्या है?
TG SAFE (तेलंगाना स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी फॉर फूड एंड एसेंशियल ड्रग्स) ने 25 अक्टूबर 2026 को राज्यभर के 21 जिलों में 53 मिठाई निर्माण और बिक्री इकाइयों की जाँच की। इस अभियान में गंभीर स्वच्छता उल्लंघन और मिलावट की आशंका सामने आई।
छापेमारी में किस तरह की खामियाँ मिलीं?
जाँच में टूटे फर्श, खाद्य कचरे से अवरुद्ध नालियाँ, गंदी दीवारें, चिकनाई-भरे एग्जॉस्ट, गलत स्टोरेज और फूड हैंडलर्स का बिना हेयरनेट व दस्तानों के काम करना शामिल है। कीट नियंत्रण रिकॉर्ड और स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र जैसे अनिवार्य दस्तावेज़ भी कई दुकानों पर अनुपस्थित थे।
कितनी दुकानों पर क्या कार्रवाई होगी?
20 दुकानों को सुधार नोटिस जारी किया जाएगा और एक दुकान को कारण बताओ नोटिस के साथ जुर्माने की प्रक्रिया शुरू होगी। सभी नोटिस पाने वाली दुकानों का पुनः निरीक्षण किया जाएगा।
इससे पहले हैदराबाद में क्या कार्रवाई हुई थी?
पिछले सप्ताह हैदराबाद में TG SAFE की छापेमारी में 21 खोवा और मिठाई इकाइयों की जाँच के बाद तीन दुकानों के लाइसेंस रद्द किए गए थे। उस कार्रवाई में ₹7,75,850 मूल्य की 1,035 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई थी।
मिलावट की जाँच के सैंपल कब तक आएंगे?
इस अभियान में 38 सैंपल लिए गए हैं जो प्रयोगशाला जाँच के लिए भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद TG SAFE आगे की कार्रवाई तय करेगा; अभी तक प्रयोगशाला रिपोर्ट की समयसीमा अधिकारियों ने सार्वजनिक नहीं की है।
राष्ट्र प्रेस
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