19 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एमएलसी चुनाव से पहले अनंत सिंह ने नीरज कुमार को बहस की चुनौती, ₹20 करोड़ की शर्त का ऐलान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एमएलसी चुनाव से पहले अनंत सिंह ने नीरज कुमार को बहस की चुनौती, ₹20 करोड़ की शर्त का ऐलान

सारांश

एमएलसी चुनाव से ठीक पहले मोकामा की सबसे पुरानी राजनीतिक दुश्मनी एक बार फिर सड़क पर आ गई। अनंत सिंह ने नीरज कुमार को ₹20 करोड़ की शर्त के साथ खुली बहस की चुनौती दी है और निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन कर जदयू को असहज स्थिति में डाल दिया है।

मुख्य बातें

अनंत सिंह ने 19 सितंबर 2026 को नीरज कुमार को ₹20 करोड़ की शर्त के साथ सार्वजनिक बहस की चुनौती दी।
अनंत सिंह ने नीरज कुमार का नार्को टेस्ट कराने की माँग दोहराई; नीरज कुमार ने आरोप नकारे और अदालत में साक्ष्य पेश करने को कहा।
दोनों की प्रतिद्वंद्विता 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव से शुरू हुई, जिसमें अनंत सिंह ने निर्दलीय जीत दर्ज की थी — 18,348 वोटों के अंतर से।
2019 में एके-47, गोला-बारूद और हैंड ग्रेनेड बरामदगी के बाद अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता गई; अगस्त 2024 में पटना हाईकोर्ट से राहत मिलने पर रिहा।
अनंत सिंह ने पटना स्नातक एमएलसी चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार डॉ.
अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान किया; नीरज कुमार की उम्मीदवारी का खुला विरोध।

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव की तैयारियों के बीच मोकामा के विधायक अनंत सिंह और जनता दल (यू) के विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार के बीच वर्षों पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। 19 सितंबर 2026 को यह टकराव उस समय और तेज हो गया जब अनंत सिंह ने सार्वजनिक मंच पर नीरज कुमार को आमने-सामने बहस की चुनौती दी और ₹20 करोड़ की शर्त लगाने तक की बात कही।

बहस की खुली चुनौती

शनिवार को अनंत सिंह ने नीरज कुमार को पटना के एक हनुमान मंदिर के पास आमने-सामने बैठकर विवादित मुद्दों पर खुली चर्चा का प्रस्ताव रखा। अनंत सिंह ने कहा, 'आइए आमने-सामने बैठकर बहस करते हैं और सारे हिसाब बराबर कर लेते हैं।' उन्होंने इस बहस के लिए ₹20 करोड़ की शर्त लगाने की भी पेशकश की।

चुनावी सरगर्मी के बीच अनंत सिंह ने यह भी माँग उठाई कि नीरज कुमार का नार्को टेस्ट कराया जाए, यह दावा करते हुए कि इससे सच्चाई सामने आएगी। वहीं, नीरज कुमार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जिसके पास कोई प्रमाण है, वह अदालत में पेश करे।

प्रतिद्वंद्विता की पृष्ठभूमि

दोनों नेताओं के बीच टकराव की जड़ें 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव तक जाती हैं। उस समय जून 2015 में हत्या के एक मामले में अनंत सिंह की गिरफ्तारी हुई थी, जिसके बाद जदयू ने मोकामा सीट से नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया। चुनाव में अनंत सिंह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे और 18,348 वोटों से जीत दर्ज की।

चुनाव प्रचार के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी हुई — नीरज कुमार ने अनंत सिंह के राजनीतिक रिकॉर्ड और आपराधिक मामलों को मुद्दा बनाया, जबकि अनंत सिंह खेमे ने नीरज कुमार को अपना प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी करार दिया। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा रही कि नीरज कुमार ने अनंत सिंह के लिए 'पुदीना सिंह' जैसे उपनाम का इस्तेमाल किया था।

हथियार मामले से गहरी हुई दरार

2019 में यह विवाद उस समय और गहरा हो गया जब बिहार के बाढ़ अनुमंडल स्थित अनंत सिंह के पैतृक घर पर पुलिस ने छापेमारी की। जाँच एजेंसियों ने वहाँ से एक एके-47 राइफल, गोला-बारूद और हैंड ग्रेनेड बरामद करने का दावा किया। इसके बाद अनंत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज हुआ और उन्होंने दिल्ली की अदालत में आत्मसमर्पण किया।

अनंत सिंह लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उन्हें इस मामले में फंसाया गया और उन्होंने आरोप लगाया है कि छापेमारी के दौरान बरामद हथियार रखने में नीरज कुमार की भूमिका थी। हालाँकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और नीरज कुमार ने इसे पूरी तरह नकारा है। हथियार मामले में लंबी न्यायिक प्रक्रिया चली और विशेष अदालत ने अनंत सिंह को दोषी ठहराया, जिसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता चली गई। अगस्त 2024 में पटना हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद वह जेल से रिहा हुए।

एमएलसी चुनाव में नई पैंतरेबाजी

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव की तैयारियों के बीच अनंत सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि वह नीरज कुमार की उम्मीदवारी का समर्थन नहीं करेंगे। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान किया है।

गौरतलब है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद अनंत सिंह बाद में जदयू में वापस लौट आए थे, लेकिन उन्होंने साफ कहा है कि उनका विरोध जदयू से नहीं, बल्कि नीरज कुमार से व्यक्तिगत स्तर पर है। यह बयान बिहार की जटिल गठबंधन राजनीति में एक नई दरार की ओर संकेत करता है।

बिहार की राजनीति पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में एमएलसी चुनाव को लेकर सभी दलों में रणनीतिक हलचल तेज है। मोकामा की यह पुरानी प्रतिद्वंद्विता अब पटना स्नातक सीट की लड़ाई में नया आयाम जोड़ रही है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि जदयू इस आंतरिक असहमति को किस तरह संभालती है और डॉ. अनुज सिंह की उम्मीदवारी पर समर्थन कितना जुटता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि अनंत सिंह की खुली बगावत पटना स्नातक सीट पर वोट बँटवाने का जोखिम पैदा करती है। मुख्यधारा की कवरेज इसे 'पुरानी दुश्मनी' तक सीमित कर देती है, लेकिन असली सवाल यह है कि जदयू नेतृत्व इस विद्रोह को अनदेखा करेगा या समझौते का रास्ता निकालेगा — और उसका जवाब चुनाव परिणाम से पहले ही स्पष्ट हो जाएगा।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच ताज़ा विवाद क्या है?
19 सितंबर 2026 को अनंत सिंह ने नीरज कुमार को पटना के एक हनुमान मंदिर के पास आमने-सामने बैठकर खुली बहस की चुनौती दी और ₹20 करोड़ की शर्त लगाने की पेशकश की। उन्होंने नीरज कुमार का नार्को टेस्ट कराने की माँग भी दोहराई।
दोनों नेताओं की प्रतिद्वंद्विता कब और कैसे शुरू हुई?
यह प्रतिद्वंद्विता 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव से मानी जाती है, जब अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद जदयू ने मोकामा से नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया। अनंत सिंह ने निर्दलीय लड़कर 18,348 वोटों से जीत दर्ज की, जिससे दोनों के बीच तीखी राजनीतिक दुश्मनी शुरू हो गई।
2019 का हथियार मामला क्या था और इसका वर्तमान विवाद से क्या संबंध है?
2019 में बाढ़ अनुमंडल स्थित अनंत सिंह के पैतृक घर पर छापेमारी में जाँच एजेंसियों ने एके-47 राइफल, गोला-बारूद और हैंड ग्रेनेड बरामद करने का दावा किया। विशेष अदालत ने अनंत सिंह को दोषी ठहराया और उनकी विधानसभा सदस्यता गई; अगस्त 2024 में पटना हाईकोर्ट से राहत मिली। अनंत सिंह का आरोप है — जिसकी पुष्टि नहीं हुई है — कि इस मामले में नीरज कुमार की भूमिका थी।
पटना एमएलसी चुनाव में अनंत सिंह की भूमिका क्या होगी?
अनंत सिंह ने साफ कर दिया है कि वह नीरज कुमार की उम्मीदवारी का समर्थन नहीं करेंगे और निर्दलीय उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका विरोध जदयू पार्टी से नहीं, बल्कि नीरज कुमार से व्यक्तिगत स्तर पर है।
नीरज कुमार ने अनंत सिंह के आरोपों पर क्या कहा?
नीरज कुमार ने अनंत सिंह के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास कोई प्रमाण है तो उसे अदालत में पेश करना चाहिए; वह बहस की चुनौती या नार्को टेस्ट की माँग पर सीधे नहीं उतरे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 1 घंटा पहले
  3. 1 घंटा पहले
  4. 1 घंटा पहले
  5. 4 घंटे पहले
  6. कल
  7. 6 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले