आंध्र प्रदेश: चेनसॉ हमले के आरोपी हेमंत का डॉक्टरों ने काटा दाहिना पैर, पीड़िता वेंटिलेटर से बाहर
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के राप्तडू स्थित एक सरकारी स्कूल में 10वीं कक्षा की 15 वर्षीय छात्रा पर इलेक्ट्रिक चेनसॉ से हमला करने वाले आरोपी हेमंत का अनंतपुर गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने दाहिना पैर काट दिया है। पुलिस फायरिंग में घायल होने के बाद उसके पैर में रक्त संचार बंद हो गया था, जिसके चलते यह ऑपरेशन अपरिहार्य हो गया। वहीं, राहत की बात यह है कि हमले में बुरी तरह घायल पीड़िता गोपिका को बेंगलुरु के मणिपाल हॉस्पिटल में वेंटिलेटर से हटा लिया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
31 अक्टूबर 2026 को आरोपी हेमंत राप्तडू जिला परिषद हाई स्कूल के एक कक्षाकक्ष में घुस गया और 10वीं कक्षा की छात्रा पर इलेक्ट्रिक चेनसॉ से हमला कर दिया। पंद्रह वर्षीय पीड़िता के सिर, चेहरे और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। आरोपी पीड़िता का करीबी रिश्तेदार है और उसने अपना प्रस्ताव ठुकराने पर उस पर यह हमला किया था।
हमले के बाद फरार हुआ हेमंत 1 नवंबर 2026 को आत्मकुर जंगल क्षेत्र में पुलिस से भागने की कोशिश के दौरान पुलिस फायरिंग में घायल हो गया था। उसे तत्काल अनंतपुर गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
आरोपी की सर्जरी और वर्तमान स्थिति
हॉस्पिटल सुपरिटेंडेंट डॉ. मल्लिश्वरी ने जानकारी दी कि सोमवार आधी रात के बाद आरोपी हेमंत के दाहिने पैर का ऑपरेशन किया गया। पुलिस की गोली लगने के बाद पैर में ब्लड सर्कुलेशन पूरी तरह बंद हो गया था, जिसके कारण उसे घुटने के नीचे से काटना पड़ा। डॉक्टरों ने बाएं पैर की भी सर्जरी की। ऑपरेशन के बाद हेमंत को एक्यूट मेडिकल केयर यूनिट में स्थानांतरित किया गया है और उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
पीड़िता की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार
आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सत्य कुमार यादव ने मंगलवार 3 नवंबर 2026 को बताया कि सर्जरी के बाद पीड़िता गोपिका को वेंटिलेटर से हटा दिया गया है और वह अब एक बार में एक शब्द बोल पाने में सक्षम है। डॉक्टर धीरे-धीरे हाई-फ्लो ऑक्सीजन सपोर्ट कम कर रहे हैं और उसे नेजल ट्यूब के ज़रिए पोषण दिया जा रहा है।
एचआरडी मंत्री नारा लोकेश सोमवार को मणिपाल हॉस्पिटल, बेंगलुरु में पीड़िता का हाल जानने पहुँचे। उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा, 'बच्ची की हालत में लगातार सुधार हो रहा है। आंखें खुली हैं और सभी ज़रूरी पैरामीटर स्थिर हैं। शुरुआती ऑथल्मोलॉजी और न्यूरोसर्जरी रिव्यू में कोई बड़ी चिंता नहीं दिख रही है।' उन्होंने यह भी बताया कि इस सप्ताह के अंत में आंखों की विस्तृत जांच और ऑर्थो सर्जरी होगी।
सरकार की प्रतिक्रिया
यह घटना आंध्र प्रदेश में स्कूली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। गौरतलब है कि यह हमला सरकारी स्कूल के कक्षाकक्ष के भीतर हुआ, जो स्कूल परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करता है। राज्य सरकार के मंत्रियों ने पीड़िता के इलाज पर व्यक्तिगत रूप से नज़र रखी है और लगातार स्वास्थ्य अपडेट साझा किए हैं।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
आरोपी हेमंत फिलहाल पुलिस की निगरानी में अस्पताल में भर्ती है। हालत स्थिर होने पर उस पर औपचारिक कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी। पीड़िता के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसका बयान भी जांच प्रक्रिया का अहम हिस्सा होगा।