मोहन भागवत के 'रिजीम चेंज' बयान पर अनीश गवांडे: बाहरी ताकतें भारत में सत्ता नहीं बदल सकतीं
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के 'रिजीम चेंज' संबंधी बयान पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) — NCP (SP) — के नेता अनीश गवांडे ने 20 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी बाहरी शक्ति भारत में सत्ता परिवर्तन नहीं कर सकती। गवांडे की यह प्रतिक्रिया नागपुर में आयोजित RSS के शताब्दी वर्ष के श्री विजयादशमी उत्सव में भागवत के संबोधन के कुछ घंटों बाद आई।
भागवत ने क्या कहा था
नागपुर में RSS के शताब्दी वर्ष श्री विजयादशमी उत्सव में स्वयंसेवकों के पथ संचलन के बाद अपने संबोधन में डॉ. मोहन भागवत ने फ्रांस, अल्बानिया, नेपाल और बांग्लादेश के विरोध-प्रदर्शनों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'एक पश्चिम से आंधी चली है जो हर प्रकार की भद्रता, व्यवस्था, संस्कार का विरोध करती है और उसे नष्ट करना चाहती है।' भागवत ने आगे कहा, 'वे कहते हैं रिजीम चेंज करने से परिस्थिति बदलेगी। लेकिन ऐसा कभी हुआ नहीं है। पहले नहीं हुआ, आज भी नहीं होगा।'
गवांडे की तीखी प्रतिक्रिया
अनीश गवांडे ने नई दिल्ली में कहा, 'मैं मोहन भागवत को आश्वस्त करना चाहता हूं कि भारत में कभी सत्ता परिवर्तन नहीं हुआ है और न ही कभी हो सकता है। मुझे हमारे लोकतंत्र पर भरोसा है, और मुझे उम्मीद है कि भागवत जी को भी हमारे लोकतंत्र पर भरोसा होगा।' गवांडे ने यह भी जोड़ा कि अगर भागवत आज छात्रों के प्रदर्शन को 'रिजीम चेंज' की संज्ञा दे रहे हैं, तो उन्हें संघ का अपना इतिहास भी देखना चाहिए।
परिसीमन पर सर्वदलीय बैठक की मांग
परिसीमन के मुद्दे पर विपक्ष की सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग पर अनीश गवांडे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि BJP को सर्वदलीय बैठक का कोई औचित्य नहीं दिखता और पार्टी केवल अपने एकतरफा फैसलों को तरजीह देती है। उनके अनुसार, विपक्ष कई मुद्दों पर बार-बार बैठक बुलाने की मांग कर चुका है, जिन्हें नजरअंदाज किया जाता रहा — यही कारण है कि विपक्ष अब सड़कों पर उतर रहा है।
चुनाव आयोग और विशेष सत्र की मांग
गवांडे ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने की भी मांग की। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच तनाव की खबरें सामने आती रही हैं। गौरतलब है कि परिसीमन जैसे संवेदनशील संवैधानिक विषयों पर विपक्ष बार-बार सर्वसम्मति आधारित विचार-विमर्श की माँग करता रहा है।
CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर बयान
सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के नेताओं के जेल जाने के सवाल पर अनीश गवांडे ने आरोप लगाया कि 'कानून का दुरुपयोग करके नौजवानों को अंदर रखने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।' हालाँकि उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई विशेष साक्ष्य या मामले का उल्लेख नहीं किया। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसदीय और कानूनी मंचों पर और उठाए जाने की संभावना है।