20 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मोहन भागवत के 'रिजीम चेंज' बयान पर अनीश गवांडे: बाहरी ताकतें भारत में सत्ता नहीं बदल सकतीं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मोहन भागवत के 'रिजीम चेंज' बयान पर अनीश गवांडे: बाहरी ताकतें भारत में सत्ता नहीं बदल सकतीं

सारांश

RSS के शताब्दी विजयादशमी पर मोहन भागवत के 'रिजीम चेंज' वाले बयान ने राजनीतिक बहस छेड़ दी। NCP (SP) नेता अनीश गवांडे ने पलटवार करते हुए भागवत को याद दिलाया कि संघ का इतिहास खुद इस परिभाषा की जाँच करने की माँग करता है।

मुख्य बातें

मोहन भागवत ने नागपुर में शताब्दी वर्ष विजयादशमी उत्सव में फ्रांस, अल्बानिया, नेपाल और बांग्लादेश के विरोध-प्रदर्शनों का हवाला देते हुए 'रिजीम चेंज' की राजनीति पर बयान दिया।
NCP (SP) नेता अनीश गवांडे ने 20 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि कोई भी बाहरी शक्ति भारत में सत्ता परिवर्तन नहीं ला सकती।
गवांडे ने भागवत से सवाल किया कि अगर छात्र-प्रदर्शनों को 'रिजीम चेंज' कहा जा रहा है, तो संघ का अपना इतिहास भी देखा जाना चाहिए।
विपक्ष ने परिसीमन मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक और चुनाव आयोग पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की माँग की।
गवांडे ने CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर कानून के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के 'रिजीम चेंज' संबंधी बयान पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) — NCP (SP) — के नेता अनीश गवांडे ने 20 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी बाहरी शक्ति भारत में सत्ता परिवर्तन नहीं कर सकती। गवांडे की यह प्रतिक्रिया नागपुर में आयोजित RSS के शताब्दी वर्ष के श्री विजयादशमी उत्सव में भागवत के संबोधन के कुछ घंटों बाद आई।

भागवत ने क्या कहा था

नागपुर में RSS के शताब्दी वर्ष श्री विजयादशमी उत्सव में स्वयंसेवकों के पथ संचलन के बाद अपने संबोधन में डॉ. मोहन भागवत ने फ्रांस, अल्बानिया, नेपाल और बांग्लादेश के विरोध-प्रदर्शनों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'एक पश्चिम से आंधी चली है जो हर प्रकार की भद्रता, व्यवस्था, संस्कार का विरोध करती है और उसे नष्ट करना चाहती है।' भागवत ने आगे कहा, 'वे कहते हैं रिजीम चेंज करने से परिस्थिति बदलेगी। लेकिन ऐसा कभी हुआ नहीं है। पहले नहीं हुआ, आज भी नहीं होगा।'

गवांडे की तीखी प्रतिक्रिया

अनीश गवांडे ने नई दिल्ली में कहा, 'मैं मोहन भागवत को आश्वस्त करना चाहता हूं कि भारत में कभी सत्ता परिवर्तन नहीं हुआ है और न ही कभी हो सकता है। मुझे हमारे लोकतंत्र पर भरोसा है, और मुझे उम्मीद है कि भागवत जी को भी हमारे लोकतंत्र पर भरोसा होगा।' गवांडे ने यह भी जोड़ा कि अगर भागवत आज छात्रों के प्रदर्शन को 'रिजीम चेंज' की संज्ञा दे रहे हैं, तो उन्हें संघ का अपना इतिहास भी देखना चाहिए।

परिसीमन पर सर्वदलीय बैठक की मांग

परिसीमन के मुद्दे पर विपक्ष की सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग पर अनीश गवांडे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि BJP को सर्वदलीय बैठक का कोई औचित्य नहीं दिखता और पार्टी केवल अपने एकतरफा फैसलों को तरजीह देती है। उनके अनुसार, विपक्ष कई मुद्दों पर बार-बार बैठक बुलाने की मांग कर चुका है, जिन्हें नजरअंदाज किया जाता रहा — यही कारण है कि विपक्ष अब सड़कों पर उतर रहा है।

चुनाव आयोग और विशेष सत्र की मांग

गवांडे ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने की भी मांग की। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच तनाव की खबरें सामने आती रही हैं। गौरतलब है कि परिसीमन जैसे संवेदनशील संवैधानिक विषयों पर विपक्ष बार-बार सर्वसम्मति आधारित विचार-विमर्श की माँग करता रहा है।

CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर बयान

सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के नेताओं के जेल जाने के सवाल पर अनीश गवांडे ने आरोप लगाया कि 'कानून का दुरुपयोग करके नौजवानों को अंदर रखने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।' हालाँकि उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई विशेष साक्ष्य या मामले का उल्लेख नहीं किया। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसदीय और कानूनी मंचों पर और उठाए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे देश के भीतर चल रहे छात्र-आंदोलनों और विपक्षी गतिविधियों के संदर्भ में भी पढ़ा जा रहा है — यही कारण है कि गवांडे ने तुरंत संघ के अपने इतिहास की ओर ध्यान खींचा। विडंबना यह है कि जो संगठन स्वयं दशकों तक व्यवस्था-परिवर्तन की राजनीति का हिस्सा रहा, वह अब उसी शब्दावली को बाहरी खतरे से जोड़ रहा है। विपक्ष की सर्वदलीय बैठक और विशेष संसदीय सत्र की माँगें भले ही अलग मुद्दे हों, लेकिन गवांडे का एक साथ इन्हें उठाना बताता है कि विपक्ष इस बयान को संस्थागत जवाबदेही की बड़ी लड़ाई से जोड़ना चाहता है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहन भागवत ने विजयादशमी पर 'रिजीम चेंज' पर क्या कहा?
RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने नागपुर में शताब्दी वर्ष विजयादशमी उत्सव में कहा कि पश्चिम से एक ऐसी आंधी चली है जो भद्रता, व्यवस्था और संस्कार को नष्ट करना चाहती है। उन्होंने फ्रांस, अल्बानिया, नेपाल और बांग्लादेश के उदाहरण देते हुए कहा कि रिजीम चेंज से परिस्थिति कभी नहीं बदली।
अनीश गवांडे कौन हैं और उन्होंने क्या कहा?
अनीश गवांडे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) — NCP (SP) — के नेता हैं। उन्होंने 20 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में कहा कि कोई भी बाहरी प्रभाव भारत में सत्ता परिवर्तन नहीं ला सकता और उन्हें भारतीय लोकतंत्र पर पूरा भरोसा है।
गवांडे ने RSS के इतिहास का जिक्र क्यों किया?
गवांडे ने तर्क दिया कि यदि भागवत छात्र-प्रदर्शनों को 'रिजीम चेंज' की कोशिश बता रहे हैं, तो उन्हें संघ का अपना इतिहास भी देखना चाहिए। यह टिप्पणी संघ की उस भूमिका की ओर इशारा मानी जा रही है जो उसने भारतीय राजनीति में बदलाव लाने में निभाई है।
परिसीमन पर सर्वदलीय बैठक की माँग क्यों हो रही है?
विपक्षी दल परिसीमन जैसे संवेदनशील संवैधानिक मुद्दे पर आम सहमति आधारित विचार-विमर्श चाहते हैं। अनीश गवांडे के अनुसार, BJP बार-बार ऐसी बैठकों की माँगों को नजरअंदाज करती रही है, जिससे विपक्ष को सड़कों पर उतरने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर गवांडे का क्या कहना है?
अनीश गवांडे ने आरोप लगाया कि कानून का दुरुपयोग करके नौजवानों को जेल में रखने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। हालाँकि उन्होंने इस दावे के समर्थन में किसी विशेष मामले का उल्लेख नहीं किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 5 घंटे पहले
  3. 6 घंटे पहले
  4. 6 घंटे पहले
  5. 6 घंटे पहले
  6. 9 घंटे पहले
  7. 2 दिन पहले
  8. 3 दिन पहले