अंकित बलियान हत्याकांड: इकरा हसन परिजनों से मिलीं, अखिलेश यादव ने दिया न्याय का भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणवी गायक अंकित बलियान की शामली में 18 राउंड गोलियाँ मारकर की गई निर्मम हत्या के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो गई है। शुक्रवार, 29 अगस्त को कैराना से समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद इकरा हसन और उनके भाई, कैराना विधायक नाहिद हसन, पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुँचे और इंसाफ दिलाने का भरोसा दिया।
परिजनों से मुलाकात और ढाँढस
दोनों नेताओं ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उनका हाल जाना और घटना का पूरा ब्यौरा लिया। परिजनों ने रोते हुए बताया कि किस तरह अंकित की हत्या की गई और अब उन्हें न्याय की उम्मीद है। इकरा हसन ने इस दौरान अपने फोन से परिजनों की सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बात कराई।
अखिलेश यादव का आश्वासन
अखिलेश यादव ने परिवार से घटना की जानकारी ली और गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में समाजवादी पार्टी पूरे परिवार के साथ खड़ी है और न्याय दिलाने के लिए पार्टी हर स्तर पर प्रयास करेगी तथा हर संभव मदद दी जाएगी।
सरकार पर निशाना
सपा नेताओं ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उनका कहना है कि प्रदेश में कलाकारों और आम नागरिकों की हत्याएँ हो रही हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। इकरा हसन ने भरोसा दिलाया कि सपा इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़क तक उठाएगी।
अखिलेश का एक्स पोस्ट और जाट समाज का आक्रोश
इससे पहले अखिलेश यादव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा था, 'उप्र की कानून-व्यवस्था को शून्य करते हुए जिस प्रकार शामली में लोकप्रिय गायक अंकित बालियान की 18 राउंड गोलियाँ चलाकर बेरहमी से हत्या की गई है, उससे पूरे क्षेत्र में भय व्याप्त हो गया है।' उन्होंने यह भी लिखा कि मृतक की माँ द्वारा बेटे के शव को गोद में रखकर सड़क पर शोकाकुल होने का समाचार हृदयविदारक है। अखिलेश के अनुसार, उत्तर प्रदेश का समस्त जाट समुदाय इस हत्याकांड को अपने ऊपर प्रहार मानकर आक्रोशित है और हमलावरों की गिरफ्तारी की माँग सड़क पर बुलंद हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस हत्याकांड की जाँच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के दृष्टिकोण से भी किए जाने की माँग उठ रही है।
क्या होगा आगे
गायक अंकित बलियान की हत्या बुधवार को शामली जिले में हुई थी, जब उन पर 18 राउंड गोलियाँ चलाई गईं। यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा या नहीं, यह आने वाले दिनों में जाँच की दिशा और सरकार की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।