29 जून 2026
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दिल्ली स्वास्थ्य विभाग घोटाला: ACB ने पूर्व DGHS वत्सला अग्रवाल और DCA नीरज चोपड़ा को किया गिरफ्तार

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दिल्ली स्वास्थ्य विभाग घोटाला: ACB ने पूर्व DGHS वत्सला अग्रवाल और DCA नीरज चोपड़ा को किया गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली ACB ने स्वास्थ्य विभाग के दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया — पूर्व DGHS वत्सला अग्रवाल और DCA नीरज चोपड़ा — मेडिकल उपकरणों और दवाओं की खरीद में कथित सैकड़ों करोड़ की हेराफेरी के आरोप में। 2 जून को दर्ज FIR के बाद यह पहली बड़ी गिरफ्तारी है।

मुख्य बातें

ACB ने 28 जून 2026 को दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के दो पूर्व अधिकारियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार अधिकारी हैं — पूर्व DGHS वत्सला अग्रवाल और CPA के DCA नीरज चोपड़ा ।
आरोप है कि पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, सर्जिकल सामान सहित अन्य मेडिकल उपकरणों की खरीद में कई सौ करोड़ रुपये की अनियमितता हुई।
विजिलेंस डायरेक्टरेट की शिकायत पर 2 जून को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज हुई थी।
दोनों आरोपियों को राउज एवेन्यू की विशेष अदालत में पेश किया गया; एक दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड माँगी गई।

एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने 28 जून 2026 को दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों — तत्कालीन डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज (DGHS) वत्सला अग्रवाल और DGHS की सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) के डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स (DCA) नीरज चोपड़ा को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई दवाइयों, सर्जिकल सामान और मेडिकल उपकरणों की खरीद में कथित तौर पर कई सौ करोड़ रुपये की अनियमितताओं से जुड़े मामले में की गई है।

मामले की पृष्ठभूमि

विजिलेंस डायरेक्टरेट की शिकायत के आधार पर ACB पुलिस स्टेशन में 2 जून को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि DGHS-CPA द्वारा की गई खरीद प्रक्रियाओं में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी की गई। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर ACB ने पहले दोनों आरोपियों से शनिवार को पूछताछ की और फिर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

खरीद में कथित हेरफेर के आरोप

आरोप है कि पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, बेड शीट और लिनन, सी-आर्म रेडियोलॉजिकल उपकरण, एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन, सर्जिकल सामान और दवाओं की खरीद में जानबूझकर तकनीकी विशिष्टताओं और टेंडर शर्तों में हेरफेर किया गया। इसका मकसद चुनिंदा सप्लायर्स को अनुचित लाभ पहुँचाना और वैध प्रतिभागियों को निविदा प्रक्रिया से बाहर रखना था। कथित तौर पर इससे सरकारी खजाने को कई सौ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

ACB का बयान और रिमांड की माँग

ACB के आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों आरोपियों को राउज एवेन्यू स्थित स्पेशल जज (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) की अदालत में पेश किया गया। ACB ने एक दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड की माँग की, जिसका उद्देश्य मामले से जुड़े दस्तावेज़ और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद करना, खरीद के गायब रिकॉर्ड का पता लगाना, अन्य लाभार्थियों और साजिशकर्ताओं की पहचान करना और वित्तीय लेनदेन की जाँच करना है।

आगे क्या होगा

यह मामला दिल्ली के स्वास्थ्य ढाँचे में सार्वजनिक खरीद की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ACB के अनुसार जाँच अभी जारी है और बड़ी साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान का काम चल रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और खरीद प्रक्रियाओं की जवाबदेही पहले से ही सार्वजनिक बहस का हिस्सा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संरचनागत विफलता है। असली परीक्षा यह होगी कि ACB की जाँच केवल इन दो अधिकारियों तक सीमित रहती है या उन निजी फर्मों और मध्यस्थों तक पहुँचती है जिन्होंने कथित तौर पर अनुचित लाभ उठाया।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली ACB ने किन अधिकारियों को गिरफ्तार किया है?
ACB ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के दो पूर्व अधिकारियों — तत्कालीन DGHS वत्सला अग्रवाल और CPA के DCA नीरज चोपड़ा — को 28 जून 2026 को गिरफ्तार किया। दोनों पर मेडिकल खरीद में कथित अनियमितताओं का आरोप है।
दिल्ली स्वास्थ्य विभाग खरीद घोटाले में क्या आरोप हैं?
आरोप है कि सरकारी अधिकारियों ने निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर टेंडर की शर्तों और तकनीकी विशिष्टताओं में हेरफेर किया, ताकि चुनिंदा सप्लायर्स को अनुचित लाभ मिले। इससे कथित तौर पर सरकारी खजाने को कई सौ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और बढ़ी हुई कीमतों पर मेडिकल सामान खरीदा गया।
इस मामले में FIR कब और किस आधार पर दर्ज हुई?
विजिलेंस डायरेक्टरेट की शिकायत के आधार पर 2 जून 2026 को ACB पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई थी। शिकायत में DGHS-CPA द्वारा दवाइयों, सर्जिकल सामान और मेडिकल उपकरणों की खरीद में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप था।
ACB ने रिमांड क्यों माँगी और आगे जाँच में क्या होगा?
ACB ने राउज एवेन्यू की विशेष अदालत में एक दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड माँगी, ताकि दस्तावेज़ और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए जा सकें, गायब खरीद रिकॉर्ड का पता लगाया जा सके और साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान हो सके। जाँच अभी जारी है।
किन मेडिकल उत्पादों की खरीद में गड़बड़ी का आरोप है?
आरोपों के अनुसार पोर्टेबल एक्स-रे मशीन, बेड शीट और लिनन, सी-आर्म रेडियोलॉजिकल उपकरण, एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन, सर्जिकल सामान और दवाओं की खरीद प्रक्रियाओं में हेरफेर किया गया और इन्हें बढ़ी हुई कीमतों पर खरीदा गया।
राष्ट्र प्रेस
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