अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी को 'प्रोपेगेंडा का नेता' करार दिया, सदन के नियमों का उल्लंघन का आरोप
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी को 'प्रोपेगेंडा का नेता' कहा गया।
- अनुराग ठाकुर ने सदन के नियमों का उल्लंघन का आरोप लगाया।
- ओम बिरला की अध्यक्षता की प्रशंसा की गई।
- प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सशस्त्र बलों को छूट देने का उल्लेख।
- राजनीतिक बयानबाजी में नया मोड़ देखने को मिल सकता है।
नई दिल्ली, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में विपक्ष (एलओपी) के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए उन्हें 'प्रोपेगेंडा के नेता' के रूप में वर्णित किया।
अनुराग ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशों में भारत और हमारे लोकतंत्र की छवि को धूमिल करने की कोशिश करते हैं और सदन के नियमों का पालन नहीं करते।
सदन में अपने भाषण के दौरान उन्होंने कहा, "कुछ लोग इस सदन में माइनस ट्रिपल सी के साथ आते हैं - न सिविक सेंस, न कॉमन सेंस और न ही संविधानिक सेंस। हमें जब लोकसभा के सदस्य चुना गया था, तब हमें सदन में व्यवहार करने के तरीके के बारे में बताया गया था। लेकिन एक व्यक्ति है जो इन सभी नियमों को तोड़ता है, और वह है प्रोपेगेंडा का नेता।"
उन्होंने राहुल गांधी को 'फोमो गांधी' कहकर भी तंज कसा। ठाकुर ने कहा, "यह फोमो गांधी हैं। इन्हें डर रहता है कि कहीं वे सुर्खियों से बाहर न हो जाएं।"
अनुराग ठाकुर ने यह बयान उस समय दिया जब वे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव के खिलाफ बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सदन के लगभग सभी दलों के सांसदों ने ओम बिरला के कार्यों की सराहना की है।
उन्होंने आगे कहा, "ओम बिरला इस सदन के प्रधान हैं और वे बने रहेंगे। हर पार्टी के सदस्य ने उनके पक्ष में बात की है।"
भाजपा सांसद ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के रूप में ओम बिरला ने सभी दलों को बराबर बोलने का अवसर दिया है।
उन्होंने कहा, "चाहे कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी, ओम बिरला ने सभी को बोलने का मौका दिया है। जिन सांसदों को अपनी ही पार्टी से कम अवसर मिले, उन्हें भी ओम बिरला ने बोलने का मौका दिया। इसलिए हर सदस्य उनकी प्रशंसा कर रहा है और उनके समर्थन में बोल रहा है।"
इसके अतिरिक्त, अनुराग ठाकुर ने रक्षा और सुरक्षा के मुद्दे पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सशस्त्र बलों को पूरी छूट दी थी और उनसे कहा था, 'जो उचित है, वह करो।'