ऊना में पीजीआई सैटेलाइट सेंटर का निरीक्षण, अनुराग ठाकुर बोले — दिसंबर 2026 तक जनता को समर्पण का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने 12 जून 2025 को ऊना में निर्माणाधीन पीजीआई सैटेलाइट सेंटर का स्थलीय निरीक्षण किया और स्पष्ट किया कि इस परियोजना को दिसंबर 2026 तक ऊना की जनता को समर्पित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने माना कि केंद्र निर्धारित समयसीमा से एक वर्ष से अधिक की देरी से चल रहा है और संबंधित कंपनियों तथा सरकारी एजेंसियों को निर्माण गति तेज़ करने के निर्देश दिए गए हैं।
पीजीआई सैटेलाइट सेंटर: लागत और चरण
ठाकुर ने बताया कि इस परियोजना के पहले चरण में लगभग ₹330 करोड़ खर्च किए जाएंगे। दूसरे चरण में ₹550 करोड़ की लागत से एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि देरी के लिए कई कारण सामने आए हैं और अब निर्माण एजेंसियों को गति बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
पंजाब पर राजनीतिक प्रहार
सांसद ने पंजाब की मौजूदा स्थिति पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि 'फूड बाउल ऑफ इंडिया' कहलाने वाला यह राज्य बीते 10 वर्षों में गैंगस्टर, ड्रग्स और कर्ज़ के दलदल में धँसता चला गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नशा मुक्ति, ₹1,500 देने जैसे बड़े वादे करके सत्ता में आई सरकारें अपने वादों पर खरी नहीं उतरीं।
ठाकुर ने कहा कि पंजाब को अब 'डबल इंजन सरकार' की ज़रूरत है और जनता भाजपा की ओर उम्मीद भरी नज़रों से देख रही है। उन्होंने दावा किया कि जनता के आशीर्वाद से पंजाब में भाजपा सरकार बनेगी।
टीएमसी और पश्चिम बंगाल पर निशाना
तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर प्रहार करते हुए ठाकुर ने कहा कि ममता बनर्जी के खिलाफ पार्टी के भीतर अविश्वास इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि टीएमसी में तानाशाही की प्रवृत्ति हावी रही है। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ना चाहते हैं। उनके अनुसार, जिन पार्टियों पर परिवार का एकाधिकार रहा है, उनका भविष्य ऐसे ही संकट से भरा दिखता है।
मोदी सरकार के 12 वर्षों का मूल्यांकन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल पर बोलते हुए ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश के सभी जिलों और राज्यों में विकासात्मक योजनाएं चलाई हैं। उन्होंने ऊना में ट्रिपल आईटी की स्थापना और दो नए केंद्रीय विद्यालयों की मंज़ूरी का विशेष उल्लेख किया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब हिमाचल प्रदेश में भाजपा अपनी जनाधार मज़बूती की कोशिश में जुटी है।
आगे की राह
पीजीआई सैटेलाइट सेंटर के समय पर पूरा होने की निगरानी अब सीधे सांसद स्तर पर हो रही है। यदि दिसंबर 2026 की समयसीमा पूरी होती है, तो यह हिमाचल प्रदेश के ऊना ज़िले के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य सेवा उपलब्धि होगी। निर्माण एजेंसियों पर अब गति बढ़ाने का दबाव है।