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आर्मी हॉस्पिटल दिल्ली में रिंग गैन्ट्री लिनियर एक्सेलेरेटर से कैंसर उपचार अब और सटीक

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आर्मी हॉस्पिटल दिल्ली में रिंग गैन्ट्री लिनियर एक्सेलेरेटर से कैंसर उपचार अब और सटीक

सारांश

नई दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल (आर एंड आर) में रिंग गैन्ट्री लिनियर एक्सेलेरेटर की स्थापना सैन्य स्वास्थ्य सेवा में एक बड़ी छलाँग है। VMAT, IMRT और SRS जैसी पाँच उन्नत तकनीकों से लैस यह मशीन सैनिकों, वेटरन और उनके परिजनों को विश्वस्तरीय कैंसर उपचार देगी — और AFMS के व्यापक आधुनिकीकरण अभियान की शुरुआत है।

मुख्य बातें

आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल), नई दिल्ली में रिंग गैन्ट्री आधारित लिनियर एक्सेलेरेटर मशीन चालू की गई।
उद्घाटन रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में सोमवार को हुआ।
मशीन VMAT, IMRT, IGRT, SBRT और SRS — पाँच अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी विधियों से सुसज्जित है।
इससे सक्रिय सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को उन्नत कैंसर उपचार मिलेगा; बाहर रेफर करने की ज़रूरत घटेगी।
सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (AFMS) के अन्य कैंसर केंद्रों को भी चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड किया जाएगा।

नई दिल्ली स्थित आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग में रिंग गैन्ट्री आधारित अत्याधुनिक लिनियर एक्सेलेरेटर मशीन को चालू किया गया है, जो कैंसरग्रस्त ऊतकों पर अत्यंत सटीक रेडिएशन देने में सक्षम है और आसपास के स्वस्थ अंगों को न्यूनतम क्षति पहुँचाती है। इस उन्नत तकनीक का उद्घाटन सोमवार, 26 मई 2025 को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में किया गया।

नई मशीन में क्या है खास

यह रिंग गैन्ट्री लिनियर एक्सेलेरेटर आधुनिक रेडियोथेरेपी की पाँच प्रमुख विधियों से लैस है। इनमें वॉल्यूमेट्रिक मॉड्यूलेटेड आर्क थेरेपी (VMAT), इंटेंसिटी मॉड्यूलेटेड रेडिएशन थेरेपी (IMRT), इमेज गाइडेड रेडिएशन थेरेपी (IGRT), स्टीरियोटैक्टिक बॉडी रेडियोथेरेपी (SBRT) और स्टीरियोटैक्टिक रेडियोसर्जरी (SRS) शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ये विधियाँ ट्यूमर को मिलीमीटर-स्तर की सटीकता से निशाना बनाती हैं, जिससे उपचार के परिणाम बेहतर होते हैं और दुष्प्रभाव कम रहते हैं।

सैनिकों और परिजनों को मिलेगा सीधा लाभ

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह मशीन सेना के सक्रिय जवानों, पूर्व सैनिकों (वेटरन) और उनके आश्रित परिजनों को विश्वस्तरीय कैंसर उपचार सुलभ कराएगी। अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, और इस नई सुविधा से उपचार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह भी कहा गया है कि अब कई मरीजों को बाहरी संस्थानों में रेफर करने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाएगी।

पुराने उपकरण की जगह आधुनिक तकनीक

यह नई मशीन सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (AFMS) के तहत पुराने और सेवामुक्त किए गए उपकरण के स्थान पर स्थापित की गई है। रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि AFMS के अन्य कैंसर उपचार केंद्रों को भी चरणबद्ध तरीके से आधुनिक उपकरणों से अपग्रेड किया जाएगा। यह कदम सैन्य चिकित्सा सेवाओं में ऑन्कोलॉजी अवसंरचना के व्यापक आधुनिकीकरण अभियान का हिस्सा है।

उद्घाटन समारोह में वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित

इस अवसर पर सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा की महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन और आर्मी हॉस्पिटल (आर एंड आर) के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल अविनाश दास सहित कई वरिष्ठ सैन्य और चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि यह अस्पताल देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित सैन्य चिकित्सा संस्थानों में से एक है।

आगे क्या होगा

रक्षा मंत्रालय के संकेतों के अनुसार, AFMS के अन्य केंद्रों में भी इसी तरह के उपकरण चरणबद्ध रूप से लगाए जाएंगे। यह पहल सशस्त्र बलों के लिए स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता को निजी और सरकारी शीर्ष संस्थानों के बराबर लाने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इस सुविधा तक पहुँच कितनी व्यापक होगी — क्या केवल दिल्ली में तैनात या उपलब्ध सैनिक ही लाभ उठा पाएंगे, या दूरदराज के पूर्व सैनिकों तक भी यह तकनीक समय पर पहुँचेगी? AFMS के चरणबद्ध आधुनिकीकरण की घोषणा पहले भी होती रही है, इसलिए ज़रूरी है कि इस बार एक स्पष्ट समयसीमा और जवाबदेही तंत्र सार्वजनिक किया जाए। कैंसर उपचार में देरी जानलेवा होती है — उपकरण की उपलब्धता के साथ-साथ विशेषज्ञ जनशक्ति और रेफरल प्रणाली को भी उतनी ही प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आर्मी हॉस्पिटल (आर एंड आर) में लगाई गई नई लिनियर एक्सेलेरेटर मशीन क्या है?
यह एक रिंग गैन्ट्री आधारित अत्याधुनिक लिनियर एक्सेलेरेटर है जो कैंसरग्रस्त ऊतकों पर अत्यंत सटीक रेडिएशन देती है और स्वस्थ अंगों को न्यूनतम नुकसान पहुँचाती है। यह मशीन VMAT, IMRT, IGRT, SBRT और SRS जैसी पाँच उन्नत रेडियोथेरेपी विधियों से लैस है।
इस नई तकनीक का लाभ किसे मिलेगा?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस मशीन का लाभ सेना के सक्रिय जवानों, पूर्व सैनिकों (वेटरन) और उनके आश्रित परिजनों को मिलेगा। इससे अस्पताल की उपचार क्षमता बढ़ेगी और मरीजों को बाहरी संस्थानों में रेफर करने की आवश्यकता कम होगी।
इस मशीन का उद्घाटन किसने और कब किया?
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सोमवार को इस मशीन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा की महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन और कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल अविनाश दास भी उपस्थित रहे।
रिंग गैन्ट्री लिनियर एक्सेलेरेटर पुरानी मशीन से बेहतर कैसे है?
यह मशीन ट्यूमर को अत्यंत सटीक तरीके से निशाना बनाती है, जिससे आसपास के स्वस्थ ऊतकों को कम नुकसान होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे उपचार के बेहतर परिणाम मिलते हैं और इलाज के दौरान होने वाली जटिलताएं भी कम होती हैं।
क्या AFMS के अन्य अस्पतालों में भी ऐसी मशीनें लगाई जाएंगी?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा के अन्य कैंसर उपचार केंद्रों को भी चरणबद्ध तरीके से आधुनिक उपकरणों से अपग्रेड किया जाएगा। हालाँकि, इसकी विस्तृत समयसीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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