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अभिषेक बनर्जी के फरार सहायक सुमित रॉय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, कालीघाट में छापेमारी

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अभिषेक बनर्जी के फरार सहायक सुमित रॉय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, कालीघाट में छापेमारी

सारांश

पश्चिम मेदिनीपुर अदालत ने TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के फरार सहायक सुमित रॉय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। जमीन कब्जे के मामले में FIR के बाद पुलिस ने कालीघाट स्थित बनर्जी के आवास पर तीन घंटे छापेमारी की — और उसी दिन बनर्जी खुद ED के सामने पेश थे।

मुख्य बातें

पश्चिम मेदिनीपुर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने 15 जून को सुमित रॉय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया।
रॉय TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट हैं और साल्बोनी में जमीन कब्जे के मामले में फरार हैं।
पुलिस ने कालीघाट रोड पर अभिषेक बनर्जी के आवास पर तीन घंटे तलाशी अभियान चलाया; मुख्य गेट का ताला तोड़ना पड़ा।
रॉय का मोबाइल फोन रात 2:30 बजे तक उसी आवास के पास सक्रिय था — पुलिस के पहुँचने से 30 मिनट पहले।
वारंट जारी होने के समय अभिषेक बनर्जी स्वयं ED के कार्यालय में स्कूल नौकरी घोटाले में पूछताछ दे रहे थे।

पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले की अदालत ने सोमवार, 15 जून को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव एवं सांसद अभिषेक बनर्जी के एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट सुमित रॉय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। साल्बोनी पुलिस स्टेशन में जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद से सुमित रॉय फरार हैं।

मुख्य घटनाक्रम

मेदिनीपुर स्थित चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने वेस्ट मिदनापुर पुलिस की अपील पर यह वारंट जारी किया। सुमित रॉय पर वेस्ट मिदनापुर जिले के साल्बोनी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप है, और वे अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

कालीघाट में छापेमारी

रविवार की सुबह साल्बोनी पुलिस स्टेशन, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और कोलकाता पुलिस की संयुक्त टीम ने दक्षिण कोलकाता के कालीघाट रोड पर अभिषेक बनर्जी के आवास पर छापेमारी की। सुरक्षाकर्मियों को अंदर जाने से रोके जाने पर राज्य आपदा प्रबंधन कर्मियों की सहायता से मुख्य गेट का ताला तोड़ना पड़ा, जिसके बाद तीन घंटे तक तलाशी अभियान चलाया गया।

मोबाइल टावर लोकेशन से मिला सुराग

राज्य पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुमित रॉय के मोबाइल फोन की अंतिम टावर लोकेशन कालीघाट रोड पर अभिषेक बनर्जी के आवास के पास दर्ज हुई थी। यह भी सामने आया कि रॉय का फोन रात 2:30 बजे तक उसी स्थान पर सक्रिय था — यानी पुलिस के वहाँ पहुँचने से महज 30 मिनट पहले तक। इसी आधार पर साल्बोनी पुलिस टीम कोलकाता पहुँची थी।

अभिषेक बनर्जी की ईडी पूछताछ

उल्लेखनीय है कि जिस समय जिला अदालत ने सुमित रॉय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया, उस समय अभिषेक बनर्जी स्वयं कोलकाता के बाहरी इलाके में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कार्यालय में उपस्थित थे। वे स्कूल में नौकरी के बदले पैसे लेने से जुड़े मामले में पूछताछ का सामना कर रहे थे। यह ऐसे समय में आया है जब TMC नेतृत्व पहले से ही कई जाँच एजेंसियों के दबाव में है।

आगे क्या होगा

वारंट जारी होने के बाद अब पुलिस सुमित रॉय की सक्रिय तलाश में है। गौरतलब है कि यह मामला पश्चिम बंगाल में जमीन पर अवैध कब्जे की बढ़ती शिकायतों की पृष्ठभूमि में सामने आया है। जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि रॉय ने पुलिस की पकड़ से बचने के लिए किस रास्ते का इस्तेमाल किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि TMC नेतृत्व पर बहुस्तरीय कानूनी दबाव की तस्वीर है। जो बात ध्यान खींचती है वह यह है कि एक राज्य पुलिस टीम ने मोबाइल टावर लोकेशन के आधार पर एक प्रमुख सांसद के आवास पर ताला तोड़कर छापेमारी की — यह कदम असाधारण है और राज्य की आंतरिक राजनीति में गहरी दरारों का संकेत देता है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की फरारी नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल में जमीन कब्जे की व्यापक राजनीतिक अर्थव्यवस्था का प्रतिबिंब है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुमित रॉय के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट क्यों जारी हुआ?
वेस्ट मिदनापुर जिले के साल्बोनी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़े मामले में FIR दर्ज होने के बाद सुमित रॉय फरार हो गए। पुलिस की अपील पर मेदिनीपुर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने 15 जून को यह वारंट जारी किया।
अभिषेक बनर्जी के घर पर छापेमारी क्यों हुई?
सुमित रॉय के मोबाइल फोन की टावर लोकेशन कालीघाट रोड पर अभिषेक बनर्जी के आवास के पास दिखी, जिसके आधार पर साल्बोनी पुलिस, CAPF और कोलकाता पुलिस की संयुक्त टीम वहाँ पहुँची। रॉय का फोन रात 2:30 बजे तक उसी स्थान पर सक्रिय था।
अभिषेक बनर्जी पर क्या आरोप हैं?
अभिषेक बनर्जी स्वयं स्कूल में नौकरी के बदले पैसे लेने के मामले में ED की जाँच का सामना कर रहे हैं। वारंट जारी होने के दिन वे ED कार्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित थे। सुमित रॉय वाले मामले में उनके खिलाफ कोई FIR दर्ज होने की जानकारी नहीं है।
क्या पुलिस को अभिषेक बनर्जी के घर से सुमित रॉय मिले?
नहीं। तीन घंटे की तलाशी के बावजूद पुलिस को कालीघाट रोड स्थित आवास से सुमित रॉय नहीं मिले। टावर लोकेशन के अनुसार रॉय का फोन पुलिस के पहुँचने से 30 मिनट पहले तक वहाँ सक्रिय था।
राष्ट्र प्रेस
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