महाराष्ट्र: सूखे और जल प्रबंधन पर मंत्री आशीष जायसवाल बोले — हर मोर्चे पर जारी है कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आशीष जायसवाल ने 6 अक्टूबर 2026 को नागपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य में सूखे की स्थिति, चारे के उत्पादन, गढ़चिरौली में जुए के कारोबार पर कार्रवाई और विधान परिषद उम्मीदवारी जैसे कई अहम मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सूखे की चुनौती से निपटने और पानी का सही प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
सूखे और चारे के उत्पादन पर सरकार का रुख
जायसवाल ने बताया कि राजस्व मंत्री के साथ इस विषय पर विस्तृत बातचीत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य के पशुधन के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु 19 जून को एक नीति तैयार की गई थी। इस नीति के तहत महाराष्ट्र में सरकारी भूमि को स्वयं-सहायता समूहों को पट्टे पर देने की व्यवस्था की गई है, ताकि चारे का उत्पादन अधिकतम हो सके और जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।
मंत्री ने आगे कहा कि खासतौर पर सूखा-प्रभावित क्षेत्रों की आवश्यकताओं को उपलब्ध संसाधनों से जोड़ा जाएगा। सूखा समिति के अध्यक्ष ने एक और बैठक बुलाई है। जायसवाल ने यह भी कहा कि सरकार मार्च, अप्रैल और मई के महीनों में बनने वाले हालात को ध्यान में रखते हुए आवश्यक निर्णय लेगी, ताकि आम नागरिकों और किसानों पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सके।
गढ़चिरौली में जुए के कारोबार पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन
गढ़चिरौली जिले में जुए के कारोबार के सवाल पर मंत्री जायसवाल ने कहा कि पुलिस अधीक्षक (SP) इस मामले में जानकारी जुटा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गढ़चिरौली पुलिस बल अत्यंत सक्रिय और सतर्क है। हालाँकि उन्होंने स्वीकार किया कि यह जिला भौगोलिक रूप से बड़ा और दूर-दराज के इलाकों से भरा है, जहाँ इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं, फिर भी उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मंगेश चिवटे की उम्मीदवारी पर महायुति का फैसला शिंदे के हाथ
विधान परिषद चुनाव में पुणे से मंगेश चिवटे द्वारा नामांकन दाखिल किए जाने के प्रश्न पर जायसवाल ने कहा कि चिवटे लंबे समय से उनके संपर्क में हैं और उन्होंने विशेष रूप से स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि महायुति के नेता के रूप में एकनाथ शिंदे इस संदर्भ में उचित निर्णय लेंगे। जायसवाल ने व्यक्तिगत रूप से यह भी कहा कि ऐसे समर्पित कार्यकर्ता को उम्मीदवारी मिलनी चाहिए थी, लेकिन अंतिम निर्णय शिंदे का होगा।
वडेट्टीवार के बयान पर पलटवार
विपक्षी नेता विजय वडेट्टीवार के उस बयान पर कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री आपस में बात नहीं करते, जायसवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब वडेट्टीवार दूसरों की तरफ एक उँगली उठाते हैं, तो चार उँगलियाँ उनकी अपनी तरफ उठती हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सत्ता पक्ष के सभी नेता अपना-अपना कार्य सुचारू रूप से कर रहे हैं।
आगे क्या होगा
सूखा समिति की अगली बैठक में प्रभावित जिलों की स्थिति की समीक्षा होगी और राहत उपायों पर निर्णय लिए जाएंगे। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र के कई जिलों में मानसून की असमान बारिश के कारण जल संकट की आशंका बढ़ रही है। सरकार की प्राथमिकता गर्मी के महीनों से पहले पशुपालकों और किसानों के लिए पर्याप्त चारे और जल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।