असम विधानसभा का 16वाँ सत्र शुरू: BJP ने UCC, कांग्रेस ने महंगाई को बनाया मुद्दा

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असम विधानसभा का 16वाँ सत्र शुरू: BJP ने UCC, कांग्रेस ने महंगाई को बनाया मुद्दा

सारांश

असम की 16वीं विधानसभा के पहले ही दिन BJP ने UCC लागू करने का संकल्प दोहराया, जबकि कांग्रेस ने महंगाई को केंद्रीय मुद्दा बताया। शपथ-ग्रहण के साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच वैचारिक रेखाएँ स्पष्ट हो गईं।

मुख्य बातें

असम विधानसभा का 16वाँ सत्र 21 मई 2026 को गुवाहाटी में शुरू हुआ; अस्थायी अध्यक्ष चंद्र मोहन पटवारी ने शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा सहित सभी नवनिर्वाचित विधायकों ने 16वीं विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली।
BJP विधायक डिप्लू रंजन सरमा ने घोषणा की कि असम में UCC लागू होकर रहेगा ।
कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन ने UCC का विरोध किया और पेट्रोल-डीजल की महंगाई को सबसे बड़ा मुद्दा बताया।
पहली बार विधायक बनीं BJP की रूपाली लांगथासा ने अपने क्षेत्र के लिए काम करने का संकल्प लिया।

असम विधानसभा का 16वाँ सत्र 21 मई 2026 को गुवाहाटी में औपचारिक रूप से शुरू हुआ, जिसमें नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई गई। विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष चंद्र मोहन पटवारी ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा सहित सभी निर्वाचित सदस्यों को 16वीं विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ दिलाई। पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) और महंगाई को लेकर स्पष्ट मतभेद उभर कर सामने आए।

मुख्य घटनाक्रम

विधानसभा परिसर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक दिगंता कलिता ने कहा, 'आज विधानसभा का पहला दिन था। हम सबने शपथ ली। सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में हमने लोगों की समस्याओं को खत्म करने के लिए शपथ ली है।' उन्होंने माइक पर अज़ान को लेकर भी अपनी राय रखी और कहा कि इससे अन्य लोगों को परेशानी होती है तथा समय आने पर इस पर कदम उठाए जाएंगे।

BJP विधायक डिप्लू रंजन सरमा ने UCC को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा, 'प्रदेश में यूसीसी लागू होकर रहेगा।' उन्होंने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के साथ मिलकर इस समस्या से निकलने के प्रयास जारी हैं।

पहली बार विधायक बनीं BJP की रूपाली लांगथासा ने कहा कि उन्हें यह अनुभव विशेष लग रहा है और वे अपने क्षेत्र के लोगों के लिए हर दायित्व का निर्वहन करेंगी।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन ने UCC पर पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए कहा, 'यूसीसी के पीछे सरकार की मंशा के हम खिलाफ हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय पर कांग्रेस अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष पहले ही अपनी बात रख चुके हैं। हुसैन ने महंगाई को सबसे बड़ा मुद्दा करार देते हुए कहा, 'पेट्रोल-डीजल महंगे होने से सबकुछ महंगा हो रहा है। बाजार में ग्राहक नहीं हैं, दुकानदार खाली बैठे हैं।'

UCC पर राजनीतिक विभाजन

यह ऐसे समय में आया है जब देश में समान नागरिक संहिता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है। असम में BJP ने इसे अपने चुनावी एजेंडे का हिस्सा बनाया था, जबकि कांग्रेस इसे अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए खतरा मानती है। गौरतलब है कि उत्तराखंड UCC लागू करने वाला पहला राज्य बन चुका है, और अब असम में भी इसकी माँग तेज़ हो रही है।

महंगाई: साझा चिंता, अलग-अलग समाधान

दिलचस्प बात यह है कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने चिंता जताई। BJP विधायक डिप्लू रंजन सरमा ने स्वीकार किया कि 'डीजल-पेट्रोल महंगे होने पर हम सभी चिंतित हैं', जबकि कांग्रेस ने इसे सरकार की नाकामी बताया। यह विभाजन आने वाले सत्र में बहसों का केंद्र बन सकता है।

आगे क्या

16वीं विधानसभा के पहले सत्र में अध्यक्ष का चुनाव और राज्यपाल के अभिभाषण सहित अन्य औपचारिक कार्यवाही अगले कुछ दिनों में होने की संभावना है। UCC और महंगाई जैसे मुद्दे सत्र के दौरान तीखी बहस का विषय बनने के संकेत पहले ही दिन से मिलने लगे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो संकेत देता है कि यह मुद्दा केवल विपक्ष का नहीं, बल्कि जनता की साझा पीड़ा है। UCC के मामले में असम की स्थिति उत्तराखंड से अलग है — यहाँ धार्मिक और जनजातीय विविधता इसे कहीं अधिक जटिल राजनीतिक प्रश्न बनाती है, जिसका जवाब महज़ संकल्प-वाक्यों से नहीं मिलेगा।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम विधानसभा का 16वाँ सत्र कब और कहाँ शुरू हुआ?
असम विधानसभा का 16वाँ सत्र 21 मई 2026 को गुवाहाटी में शुरू हुआ। पहले दिन अस्थायी अध्यक्ष चंद्र मोहन पटवारी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा सहित सभी नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई गई।
असम में UCC को लेकर BJP का क्या रुख है?
BJP विधायक डिप्लू रंजन सरमा ने स्पष्ट कहा कि 'प्रदेश में यूसीसी लागू होकर रहेगा।' पार्टी ने इसे अपने चुनावी एजेंडे का हिस्सा बनाया था और पहले सत्र में ही इस संकल्प को दोहराया गया।
कांग्रेस ने UCC और महंगाई पर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन ने कहा कि पार्टी 'UCC के पीछे सरकार की मंशा के खिलाफ है।' उन्होंने महंगाई को सबसे बड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल महंगे होने से बाज़ार में ग्राहक नहीं हैं और दुकानदार खाली बैठे हैं।
असम में UCC लागू करना क्यों जटिल माना जाता है?
असम में धार्मिक, जनजातीय और सांस्कृतिक विविधता अधिक है, जो UCC के क्रियान्वयन को उत्तराखंड जैसे राज्यों की तुलना में अधिक जटिल बनाती है। विपक्ष का तर्क है कि इससे अल्पसंख्यक और जनजातीय समुदायों के पारंपरिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
असम विधानसभा के अगले सत्र में क्या होने की संभावना है?
16वीं विधानसभा के शुरुआती दिनों में विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव और राज्यपाल का अभिभाषण होने की संभावना है। UCC और महंगाई जैसे मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस आगे भी जारी रहने के संकेत हैं।
राष्ट्र प्रेस
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