6 अगस्त 2026
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असम में बाढ़ राहत के नाम पर अवैध चंदा वसूली पर सीएम हिमंत सरमा का सख्त आदेश, पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश

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असम में बाढ़ राहत के नाम पर अवैध चंदा वसूली पर सीएम हिमंत सरमा का सख्त आदेश, पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश

सारांश

असम में बाढ़ की आड़ में सड़कों पर हो रही अवैध चंदा वसूली पर सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने सख्त रुख अपनाया है। QR कोड और दान पेटियों के ज़रिये धन उगाही पर तत्काल रोक के साथ पुलिस को कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 6 अगस्त 2026 को बाढ़ राहत के नाम पर अनधिकृत चंदा वसूली पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए।
वाहनों को रोककर, दान पेटियाँ लेकर या QR कोड दिखाकर धन माँगने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया।
असम पुलिस को निर्देश दिया गया कि ऐसी गतिविधियाँ दिखते ही तत्काल रोकी जाएँ और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई हो।
राज्य सरकार ने नागरिकों से केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों या मान्यता प्राप्त संस्थाओं के ज़रिये दान देने की अपील की।
असम के कई जिले भीषण बाढ़ से प्रभावित हैं और लाखों लोग इसकी चपेट में हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 6 अगस्त 2026 को राज्यभर में बाढ़ राहत के नाम पर सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति चंदा इकट्ठा करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने असम पुलिस को निर्देश दिया कि ट्रैफिक चौराहों, व्यस्त सड़कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर चल रहे ऐसे सभी अनधिकृत धन संग्रह अभियानों को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए।

क्या है पूरा मामला

हाल के सप्ताहों में असम के कई जिलों से खबरें आई थीं कि कुछ व्यक्ति और संगठन बाढ़ राहत एवं पुनर्वास के नाम पर वाहनों को रोककर, दान पेटियाँ लेकर या QR कोड दिखाकर राहगीरों और वाहन चालकों से धन वसूल रहे हैं। इन गतिविधियों को लेकर आम नागरिकों में असुविधा और एकत्र राशि की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे थे।

यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब भारी बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से आए पानी के कारण असम के कई जिले भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। लाखों लोग प्रभावित हुए हैं और राज्य प्रशासन तथा आपदा राहत एजेंसियाँ राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटी हुई हैं।

मुख्यमंत्री की चेतावनी

पत्रकारों से बातचीत में सरमा ने स्पष्ट कहा कि किसी भी व्यक्ति या संगठन को वाहनों को रोककर, दान पेटियाँ लेकर या QR कोड के माध्यम से बाढ़ पीड़ितों के नाम पर धन जुटाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, "बाढ़ राहत के नाम पर सार्वजनिक सड़कों पर किसी को भी चंदा इकट्ठा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे अनधिकृत धन संग्रह में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"

उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह की गतिविधियाँ न केवल आम लोगों के लिए असुविधाजनक हैं, बल्कि एकत्र राशि के दुरुपयोग की आशंका भी पैदा करती हैं।

पुलिस को जारी निर्देश

असम पुलिस को पहले ही आदेश जारी कर दिए गए हैं कि राज्य में जहाँ कहीं भी ऐसी अनधिकृत गतिविधियाँ दिखाई दें, उन्हें तुरंत रोका जाए। सड़क किनारे दान पेटियाँ लेकर खड़े रहने वालों या QR कोड के ज़रिये धन माँगने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

आम जनता के लिए अपील

राज्य सरकार ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे दान देते समय सतर्कता बरतें और केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों या मान्यता प्राप्त संस्थाओं के ज़रिये ही आर्थिक सहायता प्रदान करें, ताकि मदद वास्तविक बाढ़ प्रभावित परिवारों तक पहुँच सके।

मुख्यमंत्री सरमा ने दोहराया कि बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए जनता का सहयोग स्वागतयोग्य है, परंतु धन संग्रह की प्रक्रिया पारदर्शी, जवाबदेह और कानून के दायरे में होनी चाहिए। आने वाले दिनों में पुलिस की निगरानी और सख्त होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक बड़े सवाल की ओर इशारा करता है — आपदा के समय राहत धन का प्रवाह कितना पारदर्शी है। अनधिकृत वसूली पर रोक ज़रूरी है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि सरकार अधिकृत चैनलों को इतना सुलभ और विश्वसनीय बनाए कि आम नागरिक बिना किसी दुविधा के दान कर सके। गौरतलब है कि आपदाओं के दौरान अनौपचारिक राहत संग्रह की प्रवृत्ति तब बढ़ती है जब सरकारी तंत्र पर भरोसे की कमी हो। इसलिए पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ पारदर्शी सरकारी राहत पोर्टल और जन-जागरूकता उतनी ही ज़रूरी है।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में बाढ़ राहत के नाम पर चंदा वसूली पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया?
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पाया कि कुछ व्यक्ति और संगठन बाढ़ राहत के नाम पर सड़कों पर वाहनों को रोककर और QR कोड दिखाकर अनधिकृत रूप से धन वसूल रहे थे। एकत्र राशि की पारदर्शिता पर सवाल और आम लोगों को होने वाली असुविधा के कारण यह कदम उठाया गया।
असम में अनधिकृत चंदा वसूली पर क्या कानूनी कार्रवाई होगी?
मुख्यमंत्री के आदेश के अनुसार, बाढ़ राहत के नाम पर सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत धन संग्रह में शामिल पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। असम पुलिस को ऐसी गतिविधियाँ दिखते ही तत्काल रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
असम में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दान कहाँ और कैसे करें?
राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों या मान्यता प्राप्त संस्थाओं के ज़रिये ही आर्थिक सहायता दें। सड़कों पर दान पेटी या QR कोड के ज़रिये माँगे जाने वाले दान से बचने की सलाह दी गई है।
असम में इस समय बाढ़ की स्थिति कितनी गंभीर है?
भारी बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से आए पानी के कारण असम के कई जिले भीषण बाढ़ से प्रभावित हैं और लाखों लोग इसकी चपेट में हैं। राज्य प्रशासन और आपदा राहत एजेंसियाँ राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटी हुई हैं।
क्या सीएम हिमंत सरमा ने बाढ़ राहत दान को पूरी तरह बंद कर दिया है?
नहीं, मुख्यमंत्री सरमा ने केवल सार्वजनिक सड़कों पर अनधिकृत चंदा वसूली पर रोक लगाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए जनता का सहयोग स्वागतयोग्य है, लेकिन धन संग्रह पारदर्शी, जवाबदेह और कानून के दायरे में होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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