असम में बाढ़ राहत के नाम पर अवैध चंदा वसूली पर सीएम हिमंत सरमा का सख्त आदेश, पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 6 अगस्त 2026 को राज्यभर में बाढ़ राहत के नाम पर सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति चंदा इकट्ठा करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने असम पुलिस को निर्देश दिया कि ट्रैफिक चौराहों, व्यस्त सड़कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर चल रहे ऐसे सभी अनधिकृत धन संग्रह अभियानों को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए।
क्या है पूरा मामला
हाल के सप्ताहों में असम के कई जिलों से खबरें आई थीं कि कुछ व्यक्ति और संगठन बाढ़ राहत एवं पुनर्वास के नाम पर वाहनों को रोककर, दान पेटियाँ लेकर या QR कोड दिखाकर राहगीरों और वाहन चालकों से धन वसूल रहे हैं। इन गतिविधियों को लेकर आम नागरिकों में असुविधा और एकत्र राशि की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे थे।
यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब भारी बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से आए पानी के कारण असम के कई जिले भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। लाखों लोग प्रभावित हुए हैं और राज्य प्रशासन तथा आपदा राहत एजेंसियाँ राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटी हुई हैं।
मुख्यमंत्री की चेतावनी
पत्रकारों से बातचीत में सरमा ने स्पष्ट कहा कि किसी भी व्यक्ति या संगठन को वाहनों को रोककर, दान पेटियाँ लेकर या QR कोड के माध्यम से बाढ़ पीड़ितों के नाम पर धन जुटाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, "बाढ़ राहत के नाम पर सार्वजनिक सड़कों पर किसी को भी चंदा इकट्ठा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे अनधिकृत धन संग्रह में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह की गतिविधियाँ न केवल आम लोगों के लिए असुविधाजनक हैं, बल्कि एकत्र राशि के दुरुपयोग की आशंका भी पैदा करती हैं।
पुलिस को जारी निर्देश
असम पुलिस को पहले ही आदेश जारी कर दिए गए हैं कि राज्य में जहाँ कहीं भी ऐसी अनधिकृत गतिविधियाँ दिखाई दें, उन्हें तुरंत रोका जाए। सड़क किनारे दान पेटियाँ लेकर खड़े रहने वालों या QR कोड के ज़रिये धन माँगने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
आम जनता के लिए अपील
राज्य सरकार ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे दान देते समय सतर्कता बरतें और केवल अधिकृत सरकारी माध्यमों या मान्यता प्राप्त संस्थाओं के ज़रिये ही आर्थिक सहायता प्रदान करें, ताकि मदद वास्तविक बाढ़ प्रभावित परिवारों तक पहुँच सके।
मुख्यमंत्री सरमा ने दोहराया कि बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए जनता का सहयोग स्वागतयोग्य है, परंतु धन संग्रह की प्रक्रिया पारदर्शी, जवाबदेह और कानून के दायरे में होनी चाहिए। आने वाले दिनों में पुलिस की निगरानी और सख्त होने की उम्मीद है।