1 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

असम CM हिमंता के काफिले ने रोकी एम्बुलेंस: सरमा ने माफी माँगी, CMO ने जारी किए कड़े स्थायी निर्देश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
असम CM हिमंता के काफिले ने रोकी एम्बुलेंस: सरमा ने माफी माँगी, CMO ने जारी किए कड़े स्थायी निर्देश

सारांश

सिलचर में CM काफिले के लिए एम्बुलेंस रोके जाने की घटना के बाद असम CMO ने कड़ा रुख अपनाया — 4 पुलिसकर्मी निलंबित, सरमा ने मरीज से माफी माँगी, और अब स्थायी आदेश: काफिला रुकेगा, एम्बुलेंस नहीं।

मुख्य बातें

असम CMO ने 1 अक्टूबर 2026 को जिला आयुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को स्थायी निर्देश जारी किए।
सिलचर में CM काफिले के लिए मरीज की एम्बुलेंस कथित तौर पर रोकी गई, जिसके बाद 4 पुलिसकर्मी निलंबित किए गए।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मरीज और परिवार से माफी माँगी, घटना को 'अस्वीकार्य' बताया।
आदेश में स्पष्ट किया गया कि आवश्यकता पड़ने पर CM काफिले को रोककर एम्बुलेंस को प्राथमिकता दी जाए।
काफिले का आकार न्यूनतम वाहनों तक सीमित; मंत्रियों-विधायकों को काफिले में शामिल न होने का निर्देश।
उल्लंघन पर सख्त जवाबदेही और व्यक्तिगत निगरानी अनिवार्य की गई।

असम के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने 1 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के सभी जिला आयुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को कड़े स्थायी निर्देश जारी किए, जिसमें स्पष्ट कहा गया कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के काफिले के लिए एम्बुलेंस, दमकल या किसी भी आपातकालीन वाहन को किसी भी परिस्थिति में नहीं रोका जाएगा। यह आदेश सिलचर में हुई उस घटना के ठीक एक दिन बाद आया, जहाँ कथित तौर पर मुख्यमंत्री के काफिले के लिए रास्ता खाली कराने के लिए एक मरीज को ले जा रही एम्बुलेंस को रोक लिया गया था।

सिलचर की घटना: क्या हुआ था

बुधवार को सिलचर में मुख्यमंत्री के काफिले की आवाजाही के दौरान कथित तौर पर एक एम्बुलेंस को तब तक रोके रखा गया जब तक काफिला गुजर नहीं गया। एम्बुलेंस में एक गंभीर मरीज था। घटना का संज्ञान लेते हुए चार पुलिसकर्मियों को कर्तव्य में कथित लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

मुख्यमंत्री सरमा ने घटना के बाद मरीज और उनके परिवार से व्यक्तिगत रूप से माफी माँगी और इसे 'अस्वीकार्य' करार दिया। गौरतलब है कि वीआईपी काफिलों के कारण एम्बुलेंस रोके जाने की घटनाएँ देशभर में समय-समय पर सामने आती रही हैं, और इस बार असम सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया को उल्लेखनीय माना जा रहा है।

CMO के नए आदेश में क्या है

CMO द्वारा जारी आदेश में जिला अधिकारियों को याद दिलाया गया कि वीआईपी यात्राओं के दौरान आपातकालीन वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश पहले से मौजूद हैं — और अब उनके पालन की जिम्मेदारी व्यक्तिगत रूप से संबंधित अधिकारियों पर डाली गई है। आदेश में विशेष रूप से कहा गया कि आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री के काफिले को रोककर एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन या पुलिस वाहन को बिना विलंब गुजरने दिया जाए।

यातायात प्रबंधन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि आपातकालीन वाहनों को हर समय निर्बाध मार्ग मिले और मुख्यमंत्री की आवाजाही के कारण सामान्य यातायात बाधित न हो।

काफिले के आकार पर भी लगाम

CMO ने एक और अहम फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री के काफिले का आकार सुरक्षा और आवश्यक परिचालन उद्देश्यों के लिए ज़रूरी न्यूनतम वाहनों तक सीमित कर दिया है। मुख्यमंत्री के साथ कार्यक्रमों में शामिल होने वाले मंत्रियों, विधायकों, सरकारी अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों को निर्देश दिया गया है कि वे काफिले में शामिल न हों। उनके वाहनों को या तो कार्यक्रम स्थल पर पहले पहुँचना होगा या काफिले के गुजरने के बाद अलग से आगे बढ़ना होगा।

जवाबदेही और उल्लंघन पर कार्रवाई

CMO ने स्पष्ट किया कि ये स्थायी निर्देश हैं जिन्हें अधीनस्थ अधिकारियों तक कड़ाई से पालन के लिए भेज दिया गया है। जिम्मेदार अधिकारियों को अनुपालन की व्यक्तिगत निगरानी करने को कहा गया है, और आदेश में यह भी जोड़ा गया कि किसी भी उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब वीआईपी संस्कृति और आम नागरिकों की सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर देश में व्यापक बहस चल रही है।

आने वाले दिनों में इन निर्देशों का ज़मीनी स्तर पर कितना पालन होता है, यह देखा जाना बाकी है — लेकिन असम सरकार की यह पहल राज्य प्रशासन में जवाबदेही की एक नई मिसाल पेश कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ये 'स्थायी निर्देश' कितने स्थायी साबित होंगे। वीआईपी काफिलों के कारण एम्बुलेंस रोके जाने की घटनाएँ पूरे देश में होती रहती हैं और अक्सर निर्देशों के बावजूद दोहराई जाती हैं। जब तक उल्लंघन पर वास्तविक दंड — निलंबन से आगे विभागीय कार्रवाई — की व्यवस्था नहीं होती, ये आदेश फाइलों में ही दफन रह सकते हैं। काफिले का आकार सीमित करने का निर्देश स्वागतयोग्य है, पर इसे लागू करने के लिए स्वतंत्र निगरानी तंत्र की ज़रूरत है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिलचर एम्बुलेंस घटना क्या थी?
बुधवार को सिलचर में CM हिमंता बिस्वा सरमा के काफिले के लिए रास्ता साफ करने के दौरान एक मरीज को ले जा रही एम्बुलेंस को कथित तौर पर रोक दिया गया। इस घटना के बाद 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया और सरमा ने मरीज व परिवार से माफी माँगी।
असम CMO ने क्या नए निर्देश जारी किए हैं?
CMO ने 1 अक्टूबर 2026 को स्थायी आदेश जारी कर कहा कि CM काफिले के लिए एम्बुलेंस या किसी आपातकालीन वाहन को नहीं रोका जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर काफिले को खुद रुकना होगा और आपातकालीन वाहन को प्राथमिकता देनी होगी।
CM हिमंता बिस्वा सरमा के काफिले का आकार अब कैसा होगा?
CMO के नए निर्देशों के तहत काफिले का आकार सुरक्षा और ज़रूरी परिचालन उद्देश्यों के लिए न्यूनतम वाहनों तक सीमित कर दिया गया है। मंत्रियों, विधायकों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को काफिले में शामिल होने से मना किया गया है।
निर्देशों का उल्लंघन करने पर क्या होगा?
CMO आदेश में कहा गया है कि किसी भी उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा। जिम्मेदार अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से अनुपालन की निगरानी करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
क्या पहले भी ऐसे निर्देश थे?
CMO के आदेश में खुद माना गया कि वीआईपी यात्राओं के दौरान आपातकालीन वाहनों को निर्बाध आवाजाही देने के निर्देश पहले से मौजूद हैं। नया आदेश उन्हीं निर्देशों को स्थायी रूप से दोहराते हुए व्यक्तिगत जवाबदेही सुनिश्चित करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 1 साल पहले