असम CM हिमंता के काफिले ने रोकी एम्बुलेंस: सरमा ने माफी माँगी, CMO ने जारी किए कड़े स्थायी निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने 1 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के सभी जिला आयुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को कड़े स्थायी निर्देश जारी किए, जिसमें स्पष्ट कहा गया कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के काफिले के लिए एम्बुलेंस, दमकल या किसी भी आपातकालीन वाहन को किसी भी परिस्थिति में नहीं रोका जाएगा। यह आदेश सिलचर में हुई उस घटना के ठीक एक दिन बाद आया, जहाँ कथित तौर पर मुख्यमंत्री के काफिले के लिए रास्ता खाली कराने के लिए एक मरीज को ले जा रही एम्बुलेंस को रोक लिया गया था।
सिलचर की घटना: क्या हुआ था
बुधवार को सिलचर में मुख्यमंत्री के काफिले की आवाजाही के दौरान कथित तौर पर एक एम्बुलेंस को तब तक रोके रखा गया जब तक काफिला गुजर नहीं गया। एम्बुलेंस में एक गंभीर मरीज था। घटना का संज्ञान लेते हुए चार पुलिसकर्मियों को कर्तव्य में कथित लापरवाही के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
मुख्यमंत्री सरमा ने घटना के बाद मरीज और उनके परिवार से व्यक्तिगत रूप से माफी माँगी और इसे 'अस्वीकार्य' करार दिया। गौरतलब है कि वीआईपी काफिलों के कारण एम्बुलेंस रोके जाने की घटनाएँ देशभर में समय-समय पर सामने आती रही हैं, और इस बार असम सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया को उल्लेखनीय माना जा रहा है।
CMO के नए आदेश में क्या है
CMO द्वारा जारी आदेश में जिला अधिकारियों को याद दिलाया गया कि वीआईपी यात्राओं के दौरान आपातकालीन वाहनों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश पहले से मौजूद हैं — और अब उनके पालन की जिम्मेदारी व्यक्तिगत रूप से संबंधित अधिकारियों पर डाली गई है। आदेश में विशेष रूप से कहा गया कि आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री के काफिले को रोककर एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन या पुलिस वाहन को बिना विलंब गुजरने दिया जाए।
यातायात प्रबंधन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि आपातकालीन वाहनों को हर समय निर्बाध मार्ग मिले और मुख्यमंत्री की आवाजाही के कारण सामान्य यातायात बाधित न हो।
काफिले के आकार पर भी लगाम
CMO ने एक और अहम फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री के काफिले का आकार सुरक्षा और आवश्यक परिचालन उद्देश्यों के लिए ज़रूरी न्यूनतम वाहनों तक सीमित कर दिया है। मुख्यमंत्री के साथ कार्यक्रमों में शामिल होने वाले मंत्रियों, विधायकों, सरकारी अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों को निर्देश दिया गया है कि वे काफिले में शामिल न हों। उनके वाहनों को या तो कार्यक्रम स्थल पर पहले पहुँचना होगा या काफिले के गुजरने के बाद अलग से आगे बढ़ना होगा।
जवाबदेही और उल्लंघन पर कार्रवाई
CMO ने स्पष्ट किया कि ये स्थायी निर्देश हैं जिन्हें अधीनस्थ अधिकारियों तक कड़ाई से पालन के लिए भेज दिया गया है। जिम्मेदार अधिकारियों को अनुपालन की व्यक्तिगत निगरानी करने को कहा गया है, और आदेश में यह भी जोड़ा गया कि किसी भी उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब वीआईपी संस्कृति और आम नागरिकों की सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर देश में व्यापक बहस चल रही है।
आने वाले दिनों में इन निर्देशों का ज़मीनी स्तर पर कितना पालन होता है, यह देखा जाना बाकी है — लेकिन असम सरकार की यह पहल राज्य प्रशासन में जवाबदेही की एक नई मिसाल पेश कर सकती है।