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पीएम सूर्य घर योजना: असम के 17.6% सोलर उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य, देश के टॉप-5 राज्यों में शामिल

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पीएम सूर्य घर योजना: असम के 17.6% सोलर उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य, देश के टॉप-5 राज्यों में शामिल

सारांश

असम में पीएम सूर्य घर योजना का असर साफ़ दिखने लगा है — रूफटॉप सोलर अपनाने वाले 17.6% परिवारों का बिजली बिल शून्य हो गया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि असम अब इस योजना को लागू करने में देश के शीर्ष पाँच राज्यों में शामिल है।

मुख्य बातें

असम में पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगाने वाले 17.6% परिवारों का बिजली बिल शून्य हुआ।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 25 जून 2026 को एक्स पर पोस्ट कर यह जानकारी साझा की।
असम इस योजना को लागू करने में देश के शीर्ष पाँच राज्यों में शामिल है।
योजना का उद्देश्य आवासीय सोलर सिस्टम पर सब्सिडी देकर बिजली खर्च घटाना और नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाना है।
राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़ने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 25 जून 2026 को जानकारी दी कि केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत असम में रूफटॉप सोलर पैनल लगाने वाले 17.6 प्रतिशत परिवारों का मासिक बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इस योजना को लागू करने के मामले में असम अब देश के शीर्ष पाँच राज्यों में शामिल हो चुका है।

मुख्यमंत्री का बयान और योजना का असर

मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'असम में सोलर पावर का इस्तेमाल करने वाले 17.6 प्रतिशत परिवारों का बिजली बिल जीरो रहा है। यह वह बदलाव है जो पीएम सूर्य घर योजना ने असम में लाया है।' उन्होंने रेखांकित किया कि इस पहल ने हजारों परिवारों के बिजली खर्च में उल्लेखनीय कटौती की है और राज्य की स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में यात्रा को और मज़बूत किया है।

योजना की संरचना और लाभ

पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना आवासीय रूफटॉप सोलर सिस्टम की स्थापना पर सब्सिडी प्रदान करती है, जिससे परिवार स्वयं बिजली उत्पादन कर पारंपरिक ग्रिड पर अपनी निर्भरता घटा सकते हैं। केंद्र सरकार ने इसे नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विस्तार और उपभोक्ताओं पर वित्तीय बोझ कम करने की दोहरी प्राथमिकता के साथ पेश किया है। पात्र परिवारों को सोलर पैनल लगवाने और वित्तीय सहायता का लाभ उठाने के लिए राज्य सरकार सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रही है।

असम की उपलब्धि और राष्ट्रीय संदर्भ

गौरतलब है कि असम जैसे पूर्वोत्तर राज्य के लिए नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने के मामले में राष्ट्रीय टॉप-5 में जगह बनाना उल्लेखनीय है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्यक्रम पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ असम के दीर्घकालिक नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

राज्य सरकार की भूमिका

असम सरकार केंद्र के साथ समन्वय करते हुए रूफटॉप सोलर को अपनाने की गति तेज़ कर रही है। राज्य स्तर पर जागरूकता अभियान और सरलीकृत आवेदन प्रक्रिया के ज़रिए अधिक से अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सरमा ने ज़ोर देकर कहा कि यह प्रदर्शन ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक राहत, दोनों मोर्चों पर असम की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

आगे की राह

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रफ़्तार जारी रही, तो आने वाले वर्षों में शून्य बिजली बिल वाले परिवारों का प्रतिशत और बढ़ेगा। असम में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार की यह कहानी अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि कुल लाभार्थियों की संख्या कितनी है और शेष 82.4 प्रतिशत परिवारों की बचत कितनी वास्तविक है। पूर्वोत्तर में सोलर अपनाने की चुनौतियाँ — मानसून की लंबी अवधि, तकनीकी रखरखाव की कमी, और ग्रामीण कनेक्टिविटी — अभी भी बनी हुई हैं जिनका कोई उल्लेख नहीं है। टॉप-5 राज्यों की रैंकिंग के लिए कोई स्वतंत्र सत्यापन स्रोत नहीं दिया गया है। बिना पारदर्शी डेटा और जवाबदेही तंत्र के, यह घोषणा एक सफलता की कहानी से अधिक राजनीतिक संदेश बनने का जोखिम उठाती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना क्या है?
पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना केंद्र सरकार की एक पहल है जो आवासीय रूफटॉप सोलर सिस्टम की स्थापना पर सब्सिडी प्रदान करती है। इसका उद्देश्य घरेलू बिजली की लागत घटाना और पूरे भारत में नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने की गति तेज़ करना है।
असम में इस योजना से कितने परिवारों का बिजली बिल शून्य हुआ?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, असम में रूफटॉप सोलर पैनल लगाने वाले 17.6 प्रतिशत परिवारों का मासिक बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। यह आँकड़ा 25 जून 2026 को साझा किया गया।
क्या असम इस योजना में देश के अग्रणी राज्यों में है?
हाँ, मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार असम इस योजना को लागू करने के मामले में देश के शीर्ष पाँच राज्यों में शामिल है। यह पूर्वोत्तर भारत के लिए नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने के लिहाज़ से एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है।
इस योजना का लाभ कैसे उठाया जा सकता है?
पात्र परिवार रूफटॉप सोलर पैनल लगवाकर और सरकारी सब्सिडी के लिए आवेदन करके इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। असम सरकार केंद्र के साथ मिलकर आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने और जागरूकता बढ़ाने का काम कर रही है।
पीएम सूर्य घर योजना असम के ऊर्जा लक्ष्यों में कैसे योगदान दे रही है?
अधिकारियों के अनुसार यह योजना पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ असम के दीर्घकालिक नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक है। यह भारत के 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप भी है।
राष्ट्र प्रेस
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