27 अगस्त 2026
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बीर लचित सेना नेता मानसज्योति चेतिया की मौत: असम पुलिस ने शिवसागर में एसआईटी गठित की

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बीर लचित सेना नेता मानसज्योति चेतिया की मौत: असम पुलिस ने शिवसागर में एसआईटी गठित की

सारांश

असम के शिवसागर में 'बीर लचित सेना' के नेता मानसज्योति चेतिया की 25 अगस्त को मौत के बाद पुलिस ने एसआईटी गठित की है। DSP लीला बोरा की अगुवाई में यह टीम 23 अगस्त की घटना और मौत के बीच के संबंध की जाँच करेगी। पाँच नामजद लोग हिरासत में हैं।

मुख्य बातें

असम पुलिस ने 27 अगस्त 2026 को 'बीर लचित सेना' नेता मानसज्योति चेतिया की मौत की जाँच के लिए एसआईटी गठित की।
चेतिया की मौत 25 अगस्त को हुई — 23 अगस्त की घटना में घायल होने के दो दिन बाद।
एसआईटी की अगुवाई शिवसागर DSP लीला बोरा कर रहे हैं; एसआई सिराज सैकिया मुख्य जाँच अधिकारी नियुक्त।
संगठन की शिकायत में नामजद पाँच लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
जाँच में घटनाओं का क्रम, साक्ष्य और आपराधिक दायित्व की पड़ताल शामिल है।

असम पुलिस ने शिवसागर स्थित स्थानीय संगठन 'बीर लचित सेना' के नेता मानसज्योति चेतिया की मौत की जाँच के लिए 27 अगस्त 2026 को एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया है। चेतिया की मौत 25 अगस्त को हुई — उस घटना के दो दिन बाद जो 23 अगस्त को हुई थी और जिसके बाद वे घायल अवस्था में इलाज करा रहे थे। पुलिस ने इस मामले में पाँच लोगों को हिरासत में लिया है, जिनका नाम 'बीर लचित सेना' की शिकायत में दर्ज था।

एसआईटी की संरचना

एसआईटी की अगुवाई शिवसागर के डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) लीला बोरा कर रहे हैं। टीम में अमगुरी पुलिस स्टेशन के इंचार्ज मृदुल हजारिका और नजीरा पुलिस स्टेशन के एसआई (यूबी) सिराज सैकिया भी शामिल हैं। सैकिया को इस मामले का मुख्य जाँच अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, नजीरा पुलिस स्टेशन की डब्ल्यूएसआई (यूबी) सुमी बर्मन भी एसआईटी का हिस्सा हैं।

मुख्य घटनाक्रम

23 अगस्त को एक अज्ञात घटना में मानसज्योति चेतिया घायल हो गए और उन्हें तत्काल चिकित्सा उपचार दिया गया। हालाँकि, चोटों की गंभीरता के चलते 25 अगस्त को उनका निधन हो गया। इस घटना के बाद 'बीर लचित सेना' ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें पाँच लोगों को नामजद किया गया। पुलिस ने उन सभी को हिरासत में ले लिया है।

जाँच का दायरा

एसआईटी को निर्देश दिया गया है कि वह 23 अगस्त की घटना और 25 अगस्त को हुई मौत के बीच के संबंध की पड़ताल करे। जाँचकर्ता उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा करेंगे, बयान दर्ज करेंगे और घटनाओं के क्रम को पुनर्स्थापित करेंगे। यह भी जाँचा जाएगा कि क्या शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि साक्ष्यों से होती है और क्या किसी पर आपराधिक दायित्व बनता है।

आगे की राह

जाँच के नतीजे और एसआईटी द्वारा जुटाए गए साक्ष्य आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, यह विशेष टीम इसलिए बनाई गई है ताकि मामले की केंद्रित और निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित हो सके। हिरासत में लिए गए पाँच लोगों की भूमिका की पड़ताल भी एसआईटी की प्राथमिकताओं में शामिल है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जाँच की विश्वसनीयता तभी साबित होगी जब साक्ष्य-आधारित निष्कर्ष समयबद्ध तरीके से सामने आएँ और हिरासत में लिए गए लोगों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई हो।
RashtraPress
27 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मानसज्योति चेतिया कौन थे और उनकी मौत कैसे हुई?
मानसज्योति चेतिया असम के शिवसागर स्थित स्थानीय संगठन 'बीर लचित सेना' के नेता थे। 23 अगस्त 2026 को एक घटना में घायल होने के बाद उनका इलाज चल रहा था, लेकिन चोटों की गंभीरता के कारण 25 अगस्त को उनका निधन हो गया।
असम पुलिस ने एसआईटी क्यों गठित की?
चेतिया की मौत की परिस्थितियाँ अस्पष्ट होने और 'बीर लचित सेना' द्वारा पाँच लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के बाद केंद्रित और निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी बनाई गई। यह टीम 23 अगस्त की घटना और मौत के बीच के संबंध की पड़ताल करेगी।
एसआईटी में कौन-कौन से अधिकारी शामिल हैं?
एसआईटी की अगुवाई शिवसागर DSP लीला बोरा कर रहे हैं। टीम में अमगुरी पुलिस स्टेशन के इंचार्ज मृदुल हजारिका, नजीरा पुलिस स्टेशन के एसआई (यूबी) सिराज सैकिया (जो मुख्य जाँच अधिकारी भी हैं) और डब्ल्यूएसआई (यूबी) सुमी बर्मन शामिल हैं।
इस मामले में अब तक कितने लोग हिरासत में हैं?
'बीर लचित सेना' की शिकायत में नामजद पाँच लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। एसआईटी इन सभी की भूमिका की जाँच करेगी और देखेगी कि क्या उन पर आपराधिक दायित्व बनता है।
'बीर लचित सेना' क्या है?
'बीर लचित सेना' असम के शिवसागर जिले में सक्रिय एक स्थानीय संगठन है। इस संगठन के नेता मानसज्योति चेतिया की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद संगठन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर एसआईटी गठित की गई।
राष्ट्र प्रेस
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