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15 अगस्त पर खालिस्तान समर्थकों की साज़िश, पंजाब हाई अलर्ट पर; खुफिया एजेंसियों की चेतावनी

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15 अगस्त पर खालिस्तान समर्थकों की साज़िश, पंजाब हाई अलर्ट पर; खुफिया एजेंसियों की चेतावनी

सारांश

स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले खुफिया एजेंसियों ने पंजाब को हाई अलर्ट पर रखा है — खालिस्तान समर्थक तत्व 15 अगस्त पर सांकेतिक हमले की फिराक में हैं। आईएसआई की शह पर चल रहे ये समूह अब वैश्विक दबाव में बैकफुट पर हैं, लेकिन हताशा में बड़े कदम उठाने की आशंका बनी हुई है।

मुख्य बातें

खुफिया एजेंसियों ने पंजाब को 15 अगस्त 2026 से पहले हाई अलर्ट पर रखा है।
खुफिया ब्यूरो के अनुसार, खालिस्तानी समूह पंजाब के कई हिस्सों में सांकेतिक हमले की योजना बना रहे हैं।
प्रतिबंधित संगठन SFJ के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू सोशल मीडिया पर युवाओं को उकसाने में सक्रिय हैं।
मलेशिया ने इस वर्ष जून में खालिस्तान ज़िंदाबाद फोर्स (KZF) के सदस्यों को भारत को सौंपा।
कनाडा और यूके में सख्ती के बाद खालिस्तान समूहों ने मलेशिया और अज़रबैजान में पैर जमाने की कोशिश की।
अधिकारियों के अनुसार, आईएसआई समर्थित ये तत्व हताश हैं और बड़े हमले की आशंका से इनकार नहीं।

खुफिया एजेंसियों से प्राप्त इनपुट के आधार पर पंजाब को स्वतंत्रता दिवस से पहले हाई अलर्ट पर रखा गया है। एजेंसियों ने आगाह किया है कि खालिस्तान समर्थक तत्व 15 अगस्त को सांकेतिक हमले की योजना बना रहे हैं, ताकि भारत के राष्ट्रीय पर्व पर वैश्विक ध्यान आकर्षित किया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, यह चेतावनी गंभीर खुफिया इनपुट पर आधारित है और राज्य को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

खुफिया एजेंसियों की चेतावनी

खुफिया ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि खालिस्तानी समूह पंजाब के कई हिस्सों में हमले की योजना बना रहे हैं और वे लंबे समय से इसकी तैयारी में जुटे हैं। अधिकारी के अनुसार, इन तत्वों ने जानबूझकर 15 अगस्त को इसलिए चुना है क्योंकि वे भारत के राष्ट्रीय पर्व पर सांकेतिक हमले के ज़रिये अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचना चाहते हैं।

आईएसआई की भूमिका और पृष्ठभूमि

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पंजाब में खालिस्तान आंदोलन को पुनर्जीवित करने की कोशिशें तेज़ कर रही है। भारत और कनाडा में गैंगस्टर-आतंकवादी नेटवर्क के विरुद्ध ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद ये समूह खुद को बैकफुट पर पा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती बेचैनी के कारण ये तत्व पंजाब में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर सकते हैं।

एसएफजे और गुरपतवंत सिंह की गतिविधियाँ

प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू इन दिनों सोशल मीडिया पर अत्यंत सक्रिय बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, वह पंजाब के युवाओं को स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर खालिस्तान के झंडे फहराने तथा स्वतंत्रता दिवस पर भारत सरकार के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन करने के लिए उकसा रहा है। इंटेलिजेंस एजेंसियाँ एसएफजे की ऑनलाइन गतिविधियों पर कड़ी नज़र रख रही हैं।

गौरतलब है कि पन्नू का अभियान अब केवल भारत-विरोधी हमलों तक सीमित नहीं रहा — कथित तौर पर उसने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष रूप से निशाना बनाने और उनके विरुद्ध 'हेट कैंपेन' चलाने की कोशिशें भी शुरू की हैं।

वैश्विक दबाव और नए ठिकानों की तलाश

अधिकारियों ने बताया कि ये समूह विभिन्न देशों में जनमत संग्रह कराने की कोशिश करेंगे। कनाडा और यूके में सख्ती बढ़ने के बाद खालिस्तान समर्थक समूहों ने मलेशिया और अज़रबैजान में पैर जमाने की कोशिश की। हालाँकि, मलेशिया ने इन तत्वों के प्रति कड़ा रुख अपनाया और इस वर्ष जून में खालिस्तान ज़िंदाबाद फोर्स (KZF) के सदस्यों को भारत को सौंप दिया।

आगे क्या

अधिकारियों के अनुसार, एजेंसियों का मानना है कि कट्टरपंथी समूह हताश हो चुके हैं और उनके समर्थक तथा आईएसआई परेशान हैं, इसलिए किसी बड़े हमले में उनकी संलिप्तता की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। सुरक्षा बलों को राज्यभर में चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं और स्वतंत्रता दिवस समारोहों के आसपास विशेष निगरानी तंत्र सक्रिय किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार का संदर्भ अलग है। कनाडा और यूके में कार्रवाई के बाद हाशिये पर आए खालिस्तान समूहों की हताशा उन्हें अधिक अप्रत्याशित बनाती है। असली चिंता ऑनलाइन कट्टरपंथीकरण है — पन्नू का युवाओं को सीधे उकसाना उस डिजिटल मोर्चे को दर्शाता है जिस पर पारंपरिक सुरक्षा तंत्र अभी भी पकड़ बना रहा है। मलेशिया द्वारा KZF सदस्यों को सौंपना एक कूटनीतिक सफलता है, लेकिन जब तक आईएसआई का वित्तपोषण और रणनीतिक समर्थन जारी है, तब तक यह आंदोलन नए ठिकाने खोजता रहेगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

15 अगस्त पर खालिस्तान समर्थकों की क्या साज़िश बताई जा रही है?
खुफिया एजेंसियों के अनुसार, खालिस्तान समर्थक तत्व स्वतंत्रता दिवस पर पंजाब के कई हिस्सों में सांकेतिक हमले की योजना बना रहे हैं। उनका मकसद भारत के राष्ट्रीय पर्व पर वैश्विक ध्यान आकर्षित करना है।
पंजाब को हाई अलर्ट पर क्यों रखा गया है?
खुफिया ब्यूरो से प्राप्त गंभीर इनपुट के आधार पर पंजाब को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एजेंसियों ने राज्य को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत करने की सलाह दी है।
गुरपतवंत सिंह पन्नू कौन हैं और वे क्या कर रहे हैं?
गुरपतवंत सिंह पन्नू प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) के प्रमुख हैं। वे सोशल मीडिया पर पंजाब के युवाओं को स्कूलों व सार्वजनिक स्थलों पर खालिस्तान के झंडे फहराने और 15 अगस्त पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए उकसा रहे हैं।
खालिस्तान ज़िंदाबाद फोर्स (KZF) के मामले में मलेशिया ने क्या किया?
मलेशिया ने इस वर्ष जून में खालिस्तान ज़िंदाबाद फोर्स (KZF) के सदस्यों को भारत को सौंप दिया। कनाडा और यूके में सख्ती बढ़ने के बाद ये समूह मलेशिया और अज़रबैजान में पैर जमाने की कोशिश कर रहे थे।
क्या इन खालिस्तान समर्थक समूहों के पीछे आईएसआई का हाथ है?
अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पंजाब में खालिस्तान आंदोलन को पुनर्जीवित करने की कोशिशों में लगी है। एजेंसियों का कहना है कि आईएसआई समर्थित ये तत्व हताश हो चुके हैं और बड़े हमले में उनकी संलिप्तता की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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