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अयोध्या लक्ष्मण पथ: ₹1,500 करोड़ की 6.70 किमी फोर-लेन सड़क का 70% काम पूरा, अक्टूबर 2026 की डेडलाइन

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अयोध्या लक्ष्मण पथ: ₹1,500 करोड़ की 6.70 किमी फोर-लेन सड़क का 70% काम पूरा, अक्टूबर 2026 की डेडलाइन

सारांश

₹1,500 करोड़ की लक्ष्मण पथ परियोजना का 70% काम पूरा — गुप्तार घाट से नया घाट तक बन रही यह 6.70 किमी फोर-लेन सड़क अक्टूबर 2026 तक श्रीराम मंदिर तक वैकल्पिक मार्ग देगी और चौदह कोसी परिक्रमा से जुड़ेगी।

मुख्य बातें

अयोध्या में ₹1,500 करोड़ की लक्ष्मण पथ परियोजना का लगभग 70% निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
6.70 किलोमीटर लंबी यह फोर-लेन सड़क गुप्तार घाट से नया घाट तक बनाई जा रही है।
परियोजना को अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है — कमिश्नर राजेश कुमार ने 6 जून 2026 को पुष्टि की।
लक्ष्मण पथ चौदह कोसी और पंच कोसी परिक्रमा मार्ग से जुड़कर एक नया यातायात रूट तैयार करेगा।
रामपथ पर 800 पौधे लगाने की योजना; वन विभाग और PWD को संयुक्त पौधरोपण के निर्देश दिए गए।

अयोध्या में ₹1,500 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन लक्ष्मण पथ परियोजना ने तेज़ रफ्तार पकड़ ली है। 6.70 किलोमीटर लंबी इस फोर-लेन सड़क का लगभग 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इसे अक्टूबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अयोध्या कमिश्नर राजेश कुमार ने 6 जून 2026 को यह जानकारी दी।

परियोजना का विस्तार और उद्देश्य

कमिश्नर राजेश कुमार के अनुसार, लक्ष्मण पथ मूल रूप से गुप्तार घाट से नया घाट तक निर्मित किया जा रहा है। इस चार-लेन मार्ग का प्राथमिक उद्देश्य श्रीराम मंदिर और अयोध्या धाम के अन्य धार्मिक स्थलों तक पहुँचने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि सड़क की मिट्टी भराई का काम लगभग पूरा हो चुका है।

यह परियोजना ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार लाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को भीड़भाड़ से राहत देने के लिए बनाई जा रही है। लक्ष्मण पथ आगे चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग से जुड़ेगा, जिससे चौदह कोसी और पंच कोसी परिक्रमा के लिए एक अलग और सुगम रूट तैयार हो जाएगा।

हरियाली और पौधरोपण की योजना

कमिश्नर राजेश कुमार ने बताया कि सड़क निर्माण के कारण शहर में पेड़ों की संख्या कम हुई है, इसलिए प्रशासन ने व्यापक पौधरोपण अभियान की योजना बनाई है। रामपथ पर इस वर्ष लगभग 800 पौधे लगाने का लक्ष्य है, ताकि गर्मी में श्रद्धालुओं और राहगीरों को छाया मिल सके।

वन विभाग को पंच कोसी और चौदह कोसी मार्गों पर और PWD को रामपथ व धर्मपथ के सेंट्रल मीडियन में छायादार वृक्ष लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों विभागों को मिलकर सौंदर्यपूर्ण तरीके से वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए गए हैं।

अयोध्या के विकास में महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब जनवरी 2024 में श्रीराम मंदिर के उद्घाटन के बाद से अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। मौजूदा सड़क नेटवर्क पर दबाव को देखते हुए लक्ष्मण पथ जैसी परियोजनाएँ यातायात प्रबंधन के लिए अत्यंत आवश्यक हो गई हैं। गौरतलब है कि रामपथ और धर्मपथ जैसे मार्गों के बाद लक्ष्मण पथ अयोध्या के बुनियादी ढाँचे में एक और महत्वपूर्ण कड़ी है।

आगे की राह

प्रशासन का पूरा ध्यान अब अक्टूबर 2026 की समयसीमा पर केंद्रित है। शेष 30 प्रतिशत निर्माण कार्य और पौधरोपण अभियान एक साथ आगे बढ़ाए जाएंगे। लक्ष्मण पथ के पूरा होने से अयोध्या धाम आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों को सुगम और सुव्यवस्थित यातायात सुविधा मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा समयसीमा पालन की होगी — अयोध्या में कई बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ पहले भी तय तारीखों से आगे खिसकती रही हैं। राम मंदिर उद्घाटन के बाद तीर्थयात्रियों की संख्या में जो उछाल आया है, उसने मौजूदा सड़क नेटवर्क की सीमाएँ उजागर कर दी हैं — इस लिहाज़ से यह परियोजना विलंबित भी है। पौधरोपण की योजना स्वागतयोग्य है, पर 800 पौधों का लक्ष्य उस हरियाली की भरपाई के लिए पर्याप्त है या नहीं, यह सवाल खुला है। प्रशासन को चाहिए कि निर्माण पूर्णता के साथ-साथ श्रद्धालु-अनुकूल सुविधाओं — पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था — पर भी समान ध्यान दे।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या का लक्ष्मण पथ क्या है?
लक्ष्मण पथ अयोध्या में ₹1,500 करोड़ की लागत से निर्मित हो रही 6.70 किलोमीटर लंबी फोर-लेन सड़क है, जो गुप्तार घाट से नया घाट तक जाती है। यह श्रीराम मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों तक पहुँचने का वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगी।
लक्ष्मण पथ कब तक पूरा होगा?
अयोध्या कमिश्नर राजेश कुमार के अनुसार इसे अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। अभी तक लगभग 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और मिट्टी भराई का काम लगभग संपन्न है।
लक्ष्मण पथ से श्रद्धालुओं को क्या फायदा होगा?
यह सड़क रामपथ जैसे मौजूदा मार्गों पर यातायात का बोझ कम करेगी और श्रद्धालुओं को श्रीराम मंदिर तक पहुँचने का एक अतिरिक्त रास्ता देगी। साथ ही यह चौदह कोसी और पंच कोसी परिक्रमा मार्गों से जुड़कर तीर्थयात्रा को और सुगम बनाएगी।
अयोध्या में पौधरोपण की क्या योजना है?
प्रशासन ने रामपथ पर लगभग 800 पौधे लगाने की योजना बनाई है। वन विभाग को पंच कोसी और चौदह कोसी मार्गों पर और PWD को रामपथ व धर्मपथ के सेंट्रल मीडियन में छायादार वृक्ष लगाने की जिम्मेदारी दी गई है।
लक्ष्मण पथ चौदह कोसी परिक्रमा से कैसे जुड़ेगा?
कमिश्नर राजेश कुमार के अनुसार लक्ष्मण पथ आगे चलकर चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग से जुड़ेगा। इससे चौदह कोसी और पंच कोसी परिक्रमा के लिए एक अलग और समर्पित यातायात रूट तैयार हो जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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