नोएडा एलिवेटेड रोड परियोजना: 50% काम पूरा, ₹892.75 करोड़ की 5.57 किमी सड़क से लाखों को मिलेगी जाम से राहत
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा में बढ़ती यातायात समस्या से निपटने के लिए चिल्ला रेगुलेटर (दिल्ली) से महामाया फ्लाईओवर होते हुए एम.पी.-3 मार्ग तक निर्मित हो रही एलिवेटेड रोड परियोजना का 50 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। ₹892.75 करोड़ की लागत से बन रही यह 5.570 किलोमीटर लंबी छह लेन की सड़क निर्धारित लक्ष्य से भी आगे चल रही है। 6 मई 2026 को नोएडा के विधायक पंकज सिंह ने परियोजना स्थल का निरीक्षण कर कार्य प्रगति की समीक्षा की।
स्थल निरीक्षण और अधिकारियों की उपस्थिति
विधायक पंकज सिंह के निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी, महाप्रबंधक (सिविल) एस.पी. सिंह और वरिष्ठ प्रबंधक कपिल सिंह सहित उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के अधिकारी अपनी-अपनी टीमों के साथ मौजूद रहे। अधिकारियों ने परियोजना की मौजूदा स्थिति से विधायक को अवगत कराया और बताया कि कार्य निर्धारित लक्ष्य से आगे चल रहा है, जिस पर विधायक ने संतोष व्यक्त किया।
परियोजना का विस्तार और उद्देश्य
यह एलिवेटेड रोड परियोजना नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश सरकार की संयुक्त भागीदारी में विकसित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य नोएडा और दिल्ली के बीच यातायात को सुगम बनाना और प्रतिदिन लाखों यात्रियों को जाम की समस्या से राहत दिलाना है। परियोजना के अंतर्गत चिल्ला एलिवेटेड रोड को शहदरा ड्रेन के समानांतर आगे बढ़ाते हुए कालिंदी कुंज रोड को पार कर सेक्टर-94 के पास पुस्ता मार्ग से जोड़ने की योजना है।
IIT रुड़की तैयार कर रहा डीपीआर
पुस्ता मार्ग से कनेक्टिविटी के लिए आईआईटी रुड़की द्वारा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, एलिवेटेड रोड के पुस्ता मार्ग से जुड़ने के बाद दिल्ली के मयूर विहार से लेकर नोएडा के सेक्टर-150 तक का सफर अधिक सुगम हो जाएगा। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर दबाव होगा कम
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे पर बढ़ते यातायात के दबाव को कम करने के लिए एक बड़ा हिस्सा इस नए मार्ग पर डायवर्ट किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, पुस्ता मार्ग के सुदृढ़ीकरण की योजना भी प्रक्रिया में है, जिसके लिए एमओयू तैयार किया जा रहा है। गौरतलब है कि यह परियोजना दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की सबसे व्यस्त यातायात गलियारों में से एक के लिए दीर्घकालिक समाधान प्रदान करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
आम जनता पर असर और आगे की राह
परियोजना के पूरा होने के बाद नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार अपेक्षित है। अधिकारियों के अनुसार, लाखों लोगों को प्रतिदिन जाम से राहत मिलेगी और दिल्ली-नोएडा के बीच आवागमन का समय घटेगा। शेष कार्य की प्रगति और पुस्ता मार्ग कनेक्टिविटी की डीपीआर पूरी होने के बाद परियोजना की अंतिम समयसीमा स्पष्ट होगी।