27 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बच्चों में दस्त की अनदेखी पड़ सकती है भारी — NHM के 3 उपाय जो बचा सकते हैं जान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बच्चों में दस्त की अनदेखी पड़ सकती है भारी — NHM के 3 उपाय जो बचा सकते हैं जान

सारांश

गर्मी और मानसून में बच्चों में दस्त के मामले बढ़ते हैं — NHM ने तीन अहम उपाय बताए: छह माह तक केवल स्तनपान, स्वच्छता व टीकाकरण, और दस्त होने पर ORS व 14 दिन जिंक का तत्काल उपयोग। जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।

मुख्य बातें

नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) ने बच्चों में दस्त को गंभीर स्वास्थ्य खतरा बताते हुए तत्काल उपचार की अपील की।
छह माह तक के शिशुओं को केवल माँ का दूध देना रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और संक्रमण से बचाता है।
दस्त होने पर हर बार ORS घोल और चिकित्सीय सलाह पर 14 दिनों तक जिंक की गोली देना लाभकारी।
रोटावायरस और खसरा के विरुद्ध समय पर टीकाकरण दस्त की गंभीर जटिलताओं से बचाता है।
हाथों की नियमित धुलाई, स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित पेयजल दस्त की रोकथाम में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

नई दिल्ली में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने 11 जून को चेतावनी दी कि बच्चों में दस्त की समस्या को सामान्य समझकर नज़रअंदाज़ करना गंभीर खतरे को न्योता देना है। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार, समय पर उपचार न मिलने पर दस्त निर्जलीकरण और कुपोषण जैसी जटिलताओं को जन्म दे सकता है, जो शिशु मृत्यु दर के प्रमुख कारणों में से एक है। विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता, स्वच्छता और तत्काल उपचार — ये तीन स्तंभ ही बच्चों की सुरक्षा की असली ढाल हैं।

दस्त से बच्चों को क्यों है सबसे अधिक खतरा

NHM के अनुसार, दस्त के दौरान बच्चों के शरीर से पानी और ज़रूरी लवण तेज़ी से निकल जाते हैं, जिससे निर्जलीकरण (Dehydration) की स्थिति बन सकती है। यह कमज़ोरी, सुस्ती और गंभीर मामलों में जानलेवा भी हो सकती है। गौरतलब है कि पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों में दस्त वैश्विक स्तर पर मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल है, और भारत में भी यह एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है।

बचाव के तीन मुख्य उपाय

पहला उपाय — स्तनपान: NHM ने स्पष्ट किया है कि छह माह तक के शिशुओं को केवल माँ का दूध दिया जाना चाहिए। स्तनपान बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्राकृतिक रूप से मज़बूत करता है और संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करता है।

दूसरा उपाय — स्वच्छता और टीकाकरण: साफ़-सफ़ाई, हाथों की नियमित धुलाई और सुरक्षित पेयजल का उपयोग संक्रमण की रोकथाम में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही रोटावायरस और खसरा जैसी बीमारियों के विरुद्ध समय पर टीकाकरण कराना भी आवश्यक है, जो बच्चों को दीर्घकालिक सुरक्षा देता है।

तीसरा उपाय — तत्काल उपचार: दस्त होने पर विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चे को हर बार ORS (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) का घोल पिलाना चाहिए ताकि शरीर में पानी और लवणों की कमी पूरी हो सके। चिकित्सीय सलाह के अनुसार 14 दिनों तक जिंक की गोली देना भी लाभकारी माना जाता है, जो दस्त की अवधि और गंभीरता दोनों को कम करने में सहायक है।

माता-पिता के लिए ज़रूरी सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अभिभावकों को दस्त के शुरुआती लक्षण — जैसे बार-बार पतला मल, बुखार, उल्टी या बच्चे का सुस्त पड़ जाना — दिखते ही तुरंत चिकित्सीय सहायता लेनी चाहिए। NHM ने यह भी स्पष्ट किया है कि घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना और उपचार में देरी करना स्थिति को और बिगाड़ सकता है।

आगे की राह

NHM के अनुसार, स्वच्छता, स्तनपान और नियमित टीकाकरण मिलकर स्वस्थ बचपन की मज़बूत नींव रखते हैं। यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक है जब गर्मियों और मानसून के मौसम में दस्त के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सामुदायिक जागरूकता और समय पर हस्तक्षेप ही बाल स्वास्थ्य की रक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में इसका उपयोग अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुँचा है। असली सवाल यह है कि जागरूकता संदेश उन माताओं तक कितनी गहराई से पहुँच रहे हैं जिनके पास स्वास्थ्य केंद्र तक जाने का समय या साधन नहीं है। बिना ज़मीनी क्रियान्वयन के, ये दिशानिर्देश केवल कागज़ी सलाह बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बच्चों में दस्त होने पर सबसे पहले क्या करें?
दस्त होते ही बच्चे को तुरंत ORS (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) का घोल पिलाना चाहिए ताकि शरीर में पानी और लवणों की कमी न हो। इसके साथ ही चिकित्सक की सलाह पर 14 दिनों तक जिंक की गोली देना दस्त की अवधि और गंभीरता कम करता है।
बच्चों में दस्त से निर्जलीकरण के लक्षण क्या हैं?
बच्चे का सुस्त पड़ जाना, मुँह सूखना, आँखें धँसी दिखना, पेशाब कम होना और रोने पर आँसू न आना निर्जलीकरण के प्रमुख संकेत हैं। ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत चिकित्सीय सहायता लेनी चाहिए।
क्या स्तनपान से बच्चों में दस्त का खतरा कम होता है?
हाँ, NHM के अनुसार छह माह तक केवल माँ का दूध देने से बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत होती है और कई प्रकार के संक्रमणों से सुरक्षा मिलती है। यह दस्त सहित कई शिशु रोगों की रोकथाम का सबसे प्राकृतिक उपाय है।
रोटावायरस टीकाकरण बच्चों के लिए क्यों ज़रूरी है?
रोटावायरस बच्चों में गंभीर दस्त का एक प्रमुख कारण है। समय पर टीकाकरण इस वायरस से होने वाले संक्रमण को रोकता है और अस्पताल में भर्ती होने की नौबत से बचाता है। NHM ने रोटावायरस और खसरे के टीके को बाल स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अनिवार्य बताया है।
दस्त में जिंक की गोली देना क्यों फायदेमंद है?
विशेषज्ञों के अनुसार, जिंक दस्त की अवधि और उसकी गंभीरता दोनों को कम करने में सहायक है। चिकित्सीय सलाह पर 14 दिनों तक जिंक की गोली देने से बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर होती है और अगले कुछ महीनों में दस्त दोबारा होने का खतरा भी घटता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले