राजस्थान में 'स्टॉप डायरिया अभियान' शुरू: बच्चों को मिलेंगे ओआरएस पैकेट और जिंक टैबलेट, 31 जुलाई तक चलेगा
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान सरकार ने 16 जून 2026 से राज्यव्यापी 'स्टॉप डायरिया अभियान' की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य गर्मी और मानसून के मौसम में बच्चों को डायरिया से होने वाले खतरे को कम करना है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह के अनुसार यह अभियान 31 जुलाई 2026 तक चलेगा और इसके तहत बच्चों को ओआरएस के पैकेट तथा जिंक टैबलेट निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
अभियान में क्या शामिल है
आशा कार्यकर्ताओं, नर्सों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य उपकेंद्रों के नेटवर्क के माध्यम से प्रत्येक पात्र बच्चे को ओआरएस के दो पैकेट और लगभग 15 दिनों की जिंक टैबलेट पहुँचाई जाएंगी। इसके साथ-साथ अभिभावकों को ओआरएस के सही उपयोग और डिहाइड्रेशन की पहचान के बारे में जागरूक किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह ने कहा, 'यह हमारे बच्चों के लिए बहुत महत्वपूर्ण अभियान है। मई-जून की गर्मी और मानसून के दौरान डायरिया का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में ओआरएस और जिंक की दवाएं बच्चों के लिए जीवनरक्षक साबित होती हैं।'
डायरिया फैलने के कारण और स्वच्छता पर जोर
मंत्री ने बताया कि गर्मी और मानसून के मौसम में दूषित पानी और अस्वच्छ खानपान कई वायरस और संक्रामक रोगों के वाहक बन जाते हैं। उन्होंने खुले में शौच को भी संक्रमण फैलने का एक प्रमुख कारण बताया और बच्चों में स्वच्छता की आदतें विकसित करने पर विशेष बल दिया।
गौरतलब है कि राजस्थान जैसे गर्म और शुष्क प्रदेश में गर्मियों के बाद मानसून की शुरुआत के साथ जल-जनित बीमारियों का प्रकोप हर वर्ष बढ़ता है। यह अभियान उसी मौसमी जोखिम को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
राजस्थान में बाल मृत्यु दर में सुधार
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार राजस्थान में डायरिया से प्रभावित बच्चों की मृत्यु दर 6.1 प्रतिशत से घटकर 5.8 प्रतिशत पर आ गई है, जबकि इस मामले में राष्ट्रीय औसत लगभग 8 प्रतिशत है। उन्होंने इसे अभियान की सफलता का संकेत बताया।
कोटा-बीकानेर में मातृ मृत्यु मामलों पर सरकार की प्रतिक्रिया
कोटा और बीकानेर में सामने आए मातृ मृत्यु के मामलों पर गजेंद्र सिंह ने कहा कि इन मामलों की जाँच के लिए गठित विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा, 'किसी भी मरीज की मृत्यु गंभीर विषय है। विशेषज्ञों की राय और वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर ही हम अंतिम निष्कर्ष पर पहुँचेंगे और जनता के सामने वास्तविक कारणों को रखेंगे।'
उन्होंने बताया कि मौतों के पीछे एक से अधिक कारण हो सकते हैं और इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के वरिष्ठ चिकित्सकों को सभी मेडिकल रिपोर्ट, आँकड़ों और तथ्यों का अध्ययन करने के लिए बुलाया गया है।
राजनीतिक विवाद: राहुल गांधी के कोटा दौरे पर प्रतिक्रिया
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के प्रस्तावित कोटा दौरे पर पूछे गए सवाल के जवाब में गजेंद्र सिंह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वह छोटे मामलों को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहा है। आलोचकों का कहना है कि मातृ मृत्यु जैसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीतिक दलों को सहयोगात्मक रुख अपनाना चाहिए। राज्य सरकार का कहना है कि जाँच प्रक्रिया पारदर्शी रहेगी और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।