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मौसम बदलते ही इम्यून सिस्टम को मजबूत करें: स्वास्थ्य विशेषज्ञों के 5 आसान और असरदार उपाय

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मौसम बदलते ही इम्यून सिस्टम को मजबूत करें: स्वास्थ्य विशेषज्ञों के 5 आसान और असरदार उपाय

सारांश

बदलते मौसम में बीमारियों से बचाव के लिए आयुष विभाग, छत्तीसगढ़ सहित स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाँच आसान उपाय सुझाए हैं — गहरी नींद, पौष्टिक आहार, नियमित व्यायाम, तनाव प्रबंधन और पर्याप्त जलयोजन। विशेषज्ञों का कहना है कि दवाओं से ज़्यादा ज़रूरी है एक स्वस्थ दिनचर्या।

मुख्य बातें

आयुष विभाग, छत्तीसगढ़ के अनुसार बदलते मौसम में प्रतिरक्षा तंत्र को मज़बूत रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
रात में 7 से 8 घंटे की गहरी नींद इम्यून सेल्स को सक्रिय करती है और शरीर की मरम्मत में सहायक होती है।
विटामिन C, D, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार लें; अत्यधिक चीनी और जंक फूड से बचें।
प्रतिदिन 30 से 45 मिनट व्यायाम, योगासन या सैर इम्यून सेल्स को सक्रिय और रक्त संचार को बेहतर बनाती है।
ध्यान, प्राणायाम और पसंदीदा गतिविधियों से तनाव नियंत्रित करें; सकारात्मक मनोदशा इम्यूनिटी बनाए रखती है।
पुरानी बीमारी होने पर इन उपायों को अपनाने से पहले डॉक्टर या आयुष विशेषज्ञ से अवश्य परामर्श लें।

नई दिल्ली: मौसम के बदलाव के साथ संक्रमण, सर्दी-जुकाम और वायरल बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में प्रतिरक्षा तंत्र (इम्यून सिस्टम) को सुदृढ़ रखना स्वास्थ्य सुरक्षा की पहली शर्त बन जाती है। आयुष विभाग, छत्तीसगढ़ सहित स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने पाँच सरल लेकिन वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उपाय सुझाए हैं, जिन्हें दैनिक जीवन में अपनाकर शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को प्रभावी ढंग से बढ़ाया जा सकता है।

गहरी नींद: इम्यूनिटी की नींव

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रात में कम से कम 7 से 8 घंटे की गहरी और निर्बाध नींद इम्यून सिस्टम के लिए सर्वाधिक आवश्यक है। नींद के दौरान शरीर स्वयं की मरम्मत करता है और इम्यून सेल्स सक्रिय होकर रोगाणुओं से लड़ने की तैयारी करते हैं। अनियमित या अपर्याप्त नींद प्रतिरक्षा तंत्र को उल्लेखनीय रूप से कमज़ोर कर देती है, जिससे व्यक्ति बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है।

पौष्टिक आहार और चीनी पर नियंत्रण

आयुष विभाग, छत्तीसगढ़ के अनुसार, संतुलित और पोषण से भरपूर आहार इम्यून सिस्टम की रीढ़ है। फल, सब्ज़ियाँ, दालें, साबुत अनाज, मेवे और दही जैसे खाद्य पदार्थ — जो विटामिन C, विटामिन D, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं — प्रतिरोधक क्षमता को सशक्त बनाते हैं। वहीं, अत्यधिक चीनी और जंक फूड का सेवन इम्यूनिटी को नुकसान पहुँचाता है, इसलिए इनसे यथासंभव परहेज़ करना चाहिए।

नियमित व्यायाम: सक्रियता से मज़बूती

विशेषज्ञों का सुझाव है कि प्रतिदिन 30 से 45 मिनट का व्यायाम — चाहे वह सैर हो, योगासन हो या हल्की कसरत — इम्यून सेल्स को सक्रिय करता है। नियमित शारीरिक गतिविधि से रक्त संचार बेहतर होता है और शरीर में आंतरिक सूजन कम होती है, जो दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है।

तनाव प्रबंधन: मानसिक स्वास्थ्य का सीधा असर

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार मानसिक तनाव प्रतिरक्षा तंत्र को गंभीर रूप से कमज़ोर कर देता है। ध्यान (मेडिटेशन), प्राणायाम, संगीत सुनना या अपनी पसंदीदा गतिविधियों के ज़रिये तनाव को नियंत्रित किया जा सकता है। सकारात्मक मनोदशा और भावनात्मक संतुलन इम्यूनिटी को बनाए रखने में सहायक भूमिका निभाते हैं।

पर्याप्त जलयोजन: विषमुक्त और सक्रिय शरीर

शरीर में पानी की कमी इम्यून फंक्शन को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है। पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ या हर्बल चाय पीने से शरीर के विषाक्त तत्व (टॉक्सिन) बाहर निकलते हैं और कोशिकाएँ सक्रिय बनी रहती हैं। आयुष विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी को पुरानी बीमारी है, तो इन उपायों को अपनाने से पूर्व किसी योग्य चिकित्सक या आयुष विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेना चाहिए। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि बदलते मौसम में दवाओं से अधिक ज़रूरी है एक स्वस्थ और अनुशासित दिनचर्या।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इनकी असली अहमियत तब स्पष्ट होती है जब हम देखते हैं कि भारत में हर मौसम बदलाव के साथ ओपीडी में मरीज़ों की संख्या में उल्लेखनीय उछाल आता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इन निवारक उपायों को 'सामान्य ज्ञान' मानकर नज़रअंदाज़ कर देती है, जबकि सरकारी स्वास्थ्य विभाग द्वारा इनका औपचारिक प्रसार एक नीतिगत संदेश भी है। असली चुनौती जागरूकता नहीं, बल्कि इन आदतों का दीर्घकालिक पालन है — और इसके लिए सामुदायिक स्तर पर व्यवहार परिवर्तन की आवश्यकता है, जो केवल सोशल मीडिया पोस्ट से संभव नहीं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बदलते मौसम में इम्यून सिस्टम कमज़ोर क्यों होता है?
मौसम बदलने पर तापमान और आर्द्रता में अचानक परिवर्तन से शरीर की अनुकूलन क्षमता पर दबाव पड़ता है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया के लिए अनुकूल वातावरण बनता है। इस दौरान प्रतिरक्षा तंत्र को अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता होती है।
इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए कौन-से खाद्य पदार्थ सबसे अधिक फायदेमंद हैं?
आयुष विभाग के अनुसार, विटामिन C युक्त फल (जैसे नींबू, आँवला), विटामिन D के स्रोत, जिंक युक्त दालें और मेवे, तथा एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर सब्ज़ियाँ और दही इम्यून सिस्टम को मज़बूत करते हैं। इसके साथ ही अत्यधिक चीनी और जंक फूड से परहेज़ करना चाहिए।
क्या तनाव सच में इम्यूनिटी को कमज़ोर करता है?
हाँ, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार लगातार मानसिक तनाव शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ाता है, जो प्रतिरक्षा तंत्र की कार्यक्षमता को कम करता है। ध्यान, प्राणायाम और सकारात्मक गतिविधियों से तनाव नियंत्रित कर इम्यूनिटी बनाए रखी जा सकती है।
इम्यून सिस्टम मज़बूत करने के लिए कितने घंटे व्यायाम करना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रतिदिन 30 से 45 मिनट का मध्यम व्यायाम — जैसे सैर, योगासन या हल्की कसरत — पर्याप्त है। यह इम्यून सेल्स को सक्रिय करता है और रक्त संचार को बेहतर बनाता है।
क्या पुरानी बीमारी वाले लोग भी ये उपाय अपना सकते हैं?
आयुष विभाग, छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट किया है कि पुरानी बीमारी से ग्रस्त व्यक्तियों को इन उपायों को अपनाने से पहले किसी योग्य चिकित्सक या आयुष विशेषज्ञ से अनिवार्य रूप से परामर्श लेना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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