ममता बनर्जी की घबराहट: सत्ता के खौफ में हैं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी - विजय कुमार सिन्हा
सारांश
Key Takeaways
- ममता बनर्जी की घबराहट और बेचैनी का मुख्य कारण सत्ता जाने का डर है।
- बंगाल के लोग बदलाव की इच्छा रखते हैं।
- संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान ममता की दबाव में प्रतिक्रिया है।
- बिहार में भी हंगामा करने वाले नेताओं को जनता ने नकारा है।
- राज्यपाल का अचानक बदलाव संदेह उत्पन्न करता है।
कोलकाता, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी इस समय बेचैनी और घबराहट में हैं क्योंकि उन्हें सत्ता खोने का डर सता रहा है।
विजय कुमार सिन्हा ने कहा, "पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मन में घबराहट है और वे परेशान हैं। सत्ता खोने का भय उन्हें बेचैन कर रहा है। घबराहट में वे कुछ भी कह सकती हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि बंगाल की जनता उनसे मुक्ति चाहती है। बंगाल को बांग्लादेश नहीं बनने देंगे और बंगाल के लोग यह संकल्प ले चुके हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करना यह दर्शाता है कि ममता बनर्जी दबाव और घबराहट में हैं। राष्ट्रपति और राज्यपाल का अपमान करना और चुनाव आयोग को काले झंडे दिखाना यह सब यह दर्शाता है कि ममता बनर्जी के मन में घबराहट है।
बिहार के डिप्टी सीएम ने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल की जनता अब बदलाव चाहती है और ममता सरकार से मुक्ति पाने का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि बंगाल को कभी बांग्लादेश नहीं बनने दिया जाएगा। बंगाल के लोग यह संकल्प ले चुके हैं कि भारत की भूमि पर किसी भी बांग्लादेशी घुसपैठिए को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बिहार के डिप्टी सीएम ने एसआईआर के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब बिहार में एसआईआर का मामला सामने आया था, तब कांग्रेस और राजद के नेताओं ने काफी हंगामा किया था। बिहार की जनता ने ऐसे हंगामा करने वालों को पूरी तरह से नकार दिया है। पश्चिम बंगाल में भी यही स्थिति होगी। जो लोग संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करेंगे, जनता उन्हें सजा देगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्यपाल को अचानक बदले जाने पर सवाल उठाते हुए कहा था कि कुछ न कुछ गड़बड़ है, जिसके कारण रातोंरात राज्यपाल को बदल दिया गया।