28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बेंगलुरु में ईडी की छापेमारी: मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर क्राइम के मामले में बड़ी कार्रवाई

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बेंगलुरु में ईडी की छापेमारी: मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर क्राइम के मामले में बड़ी कार्रवाई

सारांश

प्रवर्तन निदेशालय ने बेंगलुरु में मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर क्राइम से जुड़े मामलों में 12 स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई संगठित अपराधियों के नेटवर्क को बेनकाब करने के लिए की गई है।

मुख्य बातें

ईडी ने बेंगलुरु में बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई की।
छापेमारी में 12 ठिकाने शामिल हैं।
कई गंभीर अपराधों के आरोप हैं, जिनमें बिटकॉइन चोरी भी शामिल है।
अवैध आय का उपयोग आरोपी अपने निजी लाभ के लिए कर रहे थे।
जांच अभी जारी है और और खुलासे होने की उम्मीद है।

बेंगलुरु, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बेंगलुरु में मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर क्राइम से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में व्यापक कार्रवाई की है। यह कार्रवाई पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट), 2002 के तहत की जा रही है। ईडी की टीम ने कर्नाटक में फैले लगभग 12 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस मामले में कथित साइबर अपराधी श्रीकृष्ण उर्फ श्रीकी और उनके सहयोगियों का नाम सामने आया है।

जानकारी के अनुसार, यह जांच कर्नाटक पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर और चार्जशीट्स के आधार पर शुरू की गई है, जिनमें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वेबसाइटों की हैकिंग, बिटकॉइन की चोरी, जबरन वसूली और एनडीपीएस एक्ट के उल्लंघन जैसे गंभीर अपराधों के आरोप शामिल हैं।

ईडी की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि पूरा नेटवर्क बहुत ही संगठित तरीके से कार्य कर रहा था। सबसे पहले वेबसाइट्स और डिजिटल वॉलेट्स को हैक करके वहां से क्रिप्टो एसेट्स चुराए जाते थे। इसके बाद इन चोरी किए गए डिजिटल एसेट्स को विभिन्न क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से बेचा जाता था ताकि उनका असली स्रोत छुपा रहे। इसके बाद जो धन प्राप्त होता था, उसे विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था। इस प्रक्रिया में धन को कई स्तरों में घुमाया जाता था ताकि उसकी ट्रैकिंग करना कठिन हो जाए। अंततः इस अवैध आय का उपयोग आरोपी और उनके करीबी लोग अपने निजी लाभ के लिए करते थे।

छापेमारी के दौरान, ईडी ने कुछ अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को भी कवर किया। इनमें मोहम्मद हारिस नलपड़ और ओमर फारूक नलपड़ के आवास शामिल हैं। ये दोनों कर्नाटक के शांतिनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एनए हारिस के बेटे हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि ये दोनों श्रीकृष्ण रमैश के करीबी सहयोगी हैं और कथित रूप से इस अपराध से प्राप्त अवैध धन के प्रमुख लाभार्थियों में शामिल हैं।

इसके अलावा, ईडी ने एक और ठिकाने पर कार्रवाई की, जो अकीब खान से जुड़ा हुआ बताया गया है। अकीब खान पूर्व केंद्रीय मंत्री के रहमान खान के पोते हैं। उनके चाचा मंसूर अली खान ने बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। ईडी के अनुसार, अकीब खान को भी इस मामले में कथित रूप से अपराध से प्राप्त आय का प्रत्यक्ष लाभार्थी माना जा रहा है।

ईडी की टीम ने सभी ठिकानों से दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए हैं। इनकी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा सकें और यह पता लगाया जा सके कि धन कैसे विभिन्न व्यक्तियों तक पहुंचा।

इस समय ईडी की कार्रवाई जारी है और मामले की गहन जांच की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि यह एक बड़ा साइबर-फाइनेंशियल नेटवर्क हो सकता है, जिसमें कई स्तरों पर लोग शामिल हैं। आगे की जांच में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कार्रवाई न केवल एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह दर्शाता है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ संगठित अपराध के खिलाफ कितनी गंभीरता से काम कर रही हैं। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए ताकि समाज में सुरक्षा और विश्वास बना रहे।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने क्यों छापेमारी की?
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर क्राइम से जुड़े मामले में 12 ठिकानों पर छापेमारी की है।
यह कार्रवाई किस कानून के तहत की गई?
यह कार्रवाई पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट), 2002 के तहत की गई है।
कौन से अपराधों के आरोप हैं?
आरोपों में वेबसाइटों की हैकिंग, बिटकॉइन की चोरी, जबरन वसूली और एनडीपीएस एक्ट का उल्लंघन शामिल हैं।
ईडी ने क्या जब्त किया?
ईडी ने दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए हैं।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
आगे की जांच में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 दिन पहले
  2. 4 दिन पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले