बेंगलुरु: नीट विरोध प्रदर्शनकारी छात्र पर कथित हमला, जालहल्ली पुलिस ने दर्ज की एफआईआर; आइसा ने एबीवीपी पर लगाया आरोप
सारांश
मुख्य बातें
बेंगलुरु के जालहल्ली इलाके में 31 जुलाई 2026 की देर रात नीट पेपर लीक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले पंजाब के 19 वर्षीय छात्र अमनदीप सिंह पर कथित तौर पर चार लोगों ने हमला किया। जालहल्ली पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की पहचान के लिए जाँच शुरू हो गई है। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने इस हमले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं के शामिल होने का आरोप लगाया है।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हमला
जालहल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, अमनदीप सिंह रात के खाने के बाद बीईएल सर्कल सर्विस रोड से एमईएस रोड की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान मास्क पहने चार संदिग्ध दो मोटरसाइकिलों पर आए, उन्हें रोका और हमला करने से पहले उनकी पहचान की पुष्टि की।
पुलिस के बयान के अनुसार, हमलावरों ने कथित तौर पर छात्र को गालियाँ दीं और उनसे नीट पेपर लीक प्रोटेस्ट में शामिल होने तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की माँग के बारे में पूछताछ की। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर अमनदीप के पैर को निशाना बनाकर हमला किया और मौके से फरार हो गए।
पीड़ित की स्थिति और पुलिस की कार्रवाई
हमले में अमनदीप सिंह के पैर में गंभीर चोटें आईं और आइसा के बयान के अनुसार प्रभावित हिस्से पर प्लास्टर चढ़ाना पड़ा। वारदात के बाद पीड़ित स्वयं जालहल्ली पुलिस स्टेशन पहुँचे और घटना की विस्तृत शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की जाँच शुरू कर दी है।
आइसा के आरोप और माँगें
आइसा ने अपने बयान में कहा कि अमनदीप सिंह फ्रीडम पार्क, बेंगलुरु में चल रहे छात्र-युवा आंदोलन में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे थे। यह आंदोलन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट प्रणाली में सुधार की माँग को लेकर था। आइसा के बयान के अनुसार हमलावरों ने पीड़ित से कहा, 'तुम्हारी हिम्मत है मोदी का इस्तीफा माँगने की?'
आइसा ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए बेंगलुरु पुलिस से त्वरित न्याय और गृह विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है। संगठन ने जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की अपील की है।
व्यापक संदर्भ: नीट विवाद और छात्र आंदोलन
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देशभर में नीट पेपर लीक को लेकर छात्र संगठनों का आंदोलन तेज़ है। बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में हो रहे प्रदर्शनों में विभिन्न राज्यों के छात्र शामिल हो रहे हैं। इस घटना के बाद छात्र समूहों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में चिंता बढ़ गई है और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है। एबीवीपी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आइसा ने स्पष्ट किया है कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।