25 जुलाई 2026
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नीट विरोध प्रदर्शन पर भाजपा एमएलसी सी.टी. रवि के खिलाफ हेट स्पीच की एफआईआर, मुस्लिम फेडरेशन ने गिरफ्तारी की मांग की

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नीट विरोध प्रदर्शन पर भाजपा एमएलसी सी.टी. रवि के खिलाफ हेट स्पीच की एफआईआर, मुस्लिम फेडरेशन ने गिरफ्तारी की मांग की

सारांश

नीट पेपर लीक विरोध को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप — भाजपा एमएलसी सी.टी. रवि के खिलाफ चिक्कमगलूरु कोर्ट के निर्देश पर BNS की धारा 353(2) के तहत एफआईआर दर्ज हुई। कर्नाटक स्टेट मुस्लिम फेडरेशन ने तत्काल गिरफ्तारी की माँग की है।

मुख्य बातें

चिक्कमगलूरु टाउन पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) के तहत भाजपा एमएलसी सी.टी.
रवि के खिलाफ 25 जुलाई को एफआईआर दर्ज की।
मामला चिक्कमगलूरु के प्रधान सिविल न्यायाधीश एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के निर्देश पर दर्ज हुआ।
शिकायत जामिया मस्जिद चिक्कमगलूरु के अध्यक्ष मुदस्सिर पाशा ने दर्ज कराई; आरोप है कि रवि ने 'यूथ फॉर नेशन' के विरोध मार्च के बाद कथित भड़काऊ टिप्पणियाँ कीं।
कर्नाटक स्टेट मुस्लिम फेडरेशन ने रवि की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की; मीडिया समन्वयक सुहैल मरूर ने टिप्पणियों को 'अस्वीकार्य' बताया।
फेडरेशन का आरोप है कि BJP नेता नीट पेपर लीक के शैक्षिक मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।

कर्नाटक पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधान परिषद सदस्य सी.टी. रवि के खिलाफ 25 जुलाई को एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि रवि ने नीट पेपर लीक के विरोध में निकाले गए एक मार्च के बाद सभा को संबोधित करते हुए कथित तौर पर भड़काऊ और सांप्रदायिक टिप्पणियाँ कीं, जिनसे दो समुदायों के बीच वैमनस्य फैलने की आशंका जताई गई है। यह मामला चिक्कमगलूरु के प्रधान सिविल न्यायाधीश एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के निर्देश पर दर्ज किया गया है।

मामला कैसे दर्ज हुआ

शिकायत चिक्कमगलूरु की जामिया मस्जिद के अध्यक्ष मुदस्सिर पाशा ने दर्ज कराई। उनका कहना है कि उन्होंने सी.टी. रवि का कथित बयान सोशल मीडिया पर देखा। चिक्कमगलूरु टाउन पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) के तहत यह एफआईआर दर्ज की है, जो सार्वजनिक शांति भंग करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने से संबंधित प्रावधान है।

कथित बयान का विवरण

एफआईआर के अनुसार, 'यूथ फॉर नेशन' संगठन द्वारा आयोजित विरोध मार्च के बाद सभा में रवि ने कथित तौर पर कहा, 'मुल्ला का नीट परीक्षा से क्या संबंध है? जो पूरी तरह अनपढ़ है, वह आकर नीट विरोध प्रदर्शन में शामिल होता है।' आरोप है कि उन्होंने आगे यह भी कहा कि नीट पेपर लीक के प्रदर्शनों में सीएए और एनआरसी का विरोध करने वाले 'राष्ट्रविरोधी तत्व' और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' के सदस्य भाग ले रहे हैं। रवि ने कथित तौर पर यह भी जोड़ा कि ये प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं।

एफआईआर में यह भी दर्ज है कि रवि ने सभा में कहा, ''भारत तेरे टुकड़े होंगे, इंशा अल्लाह' जैसे नारे लगाने वाले लोग ही टुकड़े-टुकड़े गैंग का हिस्सा हैं।' शिकायतकर्ता पाशा का आरोप है कि इन टिप्पणियों का उद्देश्य विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाकर सांप्रदायिक तनाव भड़काना था।

मुस्लिम फेडरेशन की प्रतिक्रिया

कर्नाटक स्टेट मुस्लिम फेडरेशन ने सी.टी. रवि की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की है। फेडरेशन के मीडिया समन्वयक सुहैल मरूर ने कहा कि धार्मिक नेताओं के खिलाफ कथित भड़काऊ टिप्पणियाँ किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हैं। फेडरेशन ने यह भी आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक के खिलाफ युवाओं के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन से केंद्र सरकार दबाव में है और BJP नेता इस शैक्षिक मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।

व्यापक संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब नीट-यूजी 2024 पेपर लीक विवाद पूरे देश में छात्रों और राजनीतिक दलों के बीच गहरे असंतोष का कारण बना हुआ है। गौरतलब है कि इस मुद्दे पर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और सर्वोच्च न्यायालय भी मामले की निगरानी कर रहा है। आलोचकों का कहना है कि रवि की कथित टिप्पणियाँ एक शैक्षिक विवाद को सांप्रदायिक आयाम देने का प्रयास हैं, जो सामाजिक सौहार्द के लिए हानिकारक है।

आगे क्या होगा

एफआईआर दर्ज होने के बाद अब चिक्कमगलूरु टाउन पुलिस मामले की जाँच करेगी। सी.टी. रवि की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की अगली सुनवाई अदालत में होगी, जहाँ यह तय होगा कि आरोप आगे बढ़ते हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो उसे सांप्रदायिक विमर्श में बदलने की कोशिश होती है, जिससे मूल मुद्दा पीछे छूट जाता है। नीट पेपर लीक एक प्रणालीगत विफलता है जिसने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया; इसे 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' या सीएए-एनआरसी विरोध से जोड़ना न केवल तथ्यात्मक रूप से कमज़ोर है, बल्कि छात्रों की वैध माँगों को भी कमज़ोर करता है। यह भी उल्लेखनीय है कि यह पहली बार नहीं है जब रवि किसी विवादित बयान के केंद्र में हैं — ऐसे में पार्टी की जवाबदेही और नेताओं के भाषण पर अनुशासन का सवाल और तीखा हो जाता है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा एमएलसी सी.टी. रवि के खिलाफ एफआईआर क्यों दर्ज हुई?
कर्नाटक पुलिस ने सी.टी. रवि के खिलाफ BNS की धारा 353(2) के तहत एफआईआर दर्ज की, क्योंकि उन पर आरोप है कि उन्होंने नीट पेपर लीक विरोध मार्च के बाद एक सभा में कथित तौर पर भड़काऊ और सांप्रदायिक टिप्पणियाँ कीं। शिकायत चिक्कमगलूरु की जामिया मस्जिद के अध्यक्ष मुदस्सिर पाशा ने दर्ज कराई और मामला अदालत के निर्देश पर दर्ज हुआ।
सी.टी. रवि ने कथित तौर पर क्या कहा था?
एफआईआर के अनुसार, रवि ने कथित तौर पर कहा कि 'मुल्ला का नीट परीक्षा से क्या संबंध है?' और नीट विरोध प्रदर्शनों को 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' तथा 'राष्ट्रविरोधी तत्वों' से जोड़ा। उन्होंने कथित रूप से सीएए-एनआरसी विरोध और नीट पेपर लीक आंदोलन को एक ही धारा में पेश किया।
कर्नाटक स्टेट मुस्लिम फेडरेशन की क्या माँग है?
कर्नाटक स्टेट मुस्लिम फेडरेशन ने सी.टी. रवि की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की है। फेडरेशन के मीडिया समन्वयक सुहैल मरूर ने कहा कि धार्मिक नेताओं के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणियाँ अस्वीकार्य हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
यह मामला किस कानूनी धारा के तहत दर्ज हुआ है?
यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) के तहत दर्ज किया गया है, जो सार्वजनिक शांति भंग करने और धार्मिक या सामुदायिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित प्रावधान है। मामला चिक्कमगलूरु के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत के निर्देश पर दर्ज हुआ।
नीट पेपर लीक विवाद और इस एफआईआर का क्या संबंध है?
नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले ने देशभर में छात्रों में आक्रोश पैदा किया, जिसके बाद कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए। चिक्कमगलूरु में 'यूथ फॉर नेशन' द्वारा आयोजित ऐसे ही एक मार्च के बाद सी.टी. रवि ने कथित विवादित बयान दिए, जिन पर यह एफआईआर आधारित है।
राष्ट्र प्रेस
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