23 अक्टूबर 2026
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बेंगलुरु में लावारिस कुत्ते को पेड़ से लटकाकर पीटने का आरोप, तीन हिरासत में; FIR दर्ज

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बेंगलुरु में लावारिस कुत्ते को पेड़ से लटकाकर पीटने का आरोप, तीन हिरासत में; FIR दर्ज

सारांश

बेंगलुरु के वार्थुर में एक लावारिस कुत्ते को पेड़ से लटकाकर डंडे से पीटने का वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस हरकत में आई। तीन आरोपी हिरासत में हैं और पशु क्रूरता कानून के तहत FIR दर्ज है। शहर में यह इस तरह की दूसरी बड़ी घटना है।

मुख्य बातें

20 अक्टूबर 2026 को वार्थुर, गुंजूर स्थित ग्रीनवुड हाई स्कूल के पास एक लावारिस कुत्ते को कथित तौर पर पेड़ से लटकाकर डंडे से पीट-पीटकर मारा गया।
आरोपी मुनियप्पा, मुरली और पुनीत — तीनों बेंगलुरु निवासी — को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 के तहत FIR दर्ज की।
घटना सीसीटीवी में कैद और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पशु कल्याण कार्यकर्ता की शिकायत पर कार्रवाई शुरू हुई।
बेंगलुरु पुलिस आयुक्तालय ने पोस्टर जारी कर कहा कि जानवरों के प्रति क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बेंगलुरु में फरवरी 2022 में भी कार से कुत्तों को कुचलने का मामला सामने आया था, जिसमें आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।

बेंगलुरु पुलिस ने 20 अक्टूबर 2026 को वार्थुर इलाके के गुंजूर स्थित ग्रीनवुड हाई स्कूल के पास एक लावारिस कुत्ते को कथित तौर पर पेड़ से लटकाकर मोटे डंडे से पीट-पीटकर मार डालने के मामले में तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पशु कल्याण कार्यकर्ता की शिकायत पर पुलिस ने यह कार्रवाई की।

घटनाक्रम और आरोपियों की पहचान

आरोपियों की पहचान मुनियप्पा, मुरली और पुनीत के रूप में हुई है — तीनों बेंगलुरु के निवासी हैं। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने एक लावारिस कुत्ते को मोटे डंडे से बेरहमी से पीटते हुए उसकी हत्या की। यह पूरी घटना ग्रीनवुड हाई स्कूल के सामने हुई और सीसीटीवी कैमरों में भी दर्ज हुई बताई जाती है।

पुलिस के अनुसार, वीडियो के सामने आने के बाद एक पशु कल्याण कार्यकर्ता ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया और तीनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।

कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जाँच जारी है।

बेंगलुरु पुलिस आयुक्तालय ने इस संदर्भ में एक पोस्टर भी जारी किया, जिसमें स्पष्ट संदेश दिया गया कि 'जानवरों के प्रति क्रूरता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।' पुलिस ने निर्दोष जानवरों के प्रति क्रूरता रोकने और न्याय सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।

सार्वजनिक आक्रोश

शिकायतकर्ता ने कहा कि इस घटना से 'आम लोगों में भी चिंता और आक्रोश पैदा हुआ है' और उन्होंने माँग की कि बेजुबान जानवर पर इतनी क्रूरता करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर व्यापक निंदा शुरू हो गई थी।

पृष्ठभूमि: बेंगलुरु में पशु क्रूरता के पूर्व मामले

यह ऐसे समय में सामने आया है जब बेंगलुरु में पशुओं के प्रति क्रूरता के मामले पहले भी चर्चा में रह चुके हैं। फरवरी 2022 में जयनगर इलाके में आदि नारायण नामक एक 23 वर्षीय युवक को अपनी लग्जरी कार से लावारिस कुत्तों को कुचलने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह पूर्व सांसद और तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष रहे डी.के. आदिकेसवुलु नायडू का पोता बताया गया था।

आरोप था कि 26 जनवरी 2022 की शाम जयनगर प्रथम ब्लॉक की 10वीं 'बी' मेन रोड पर फुटपाथ पर सो रहे लावारिस कुत्तों पर उसने लग्जरी कार चढ़ा दी थी। सीसीटीवी फुटेज की जाँच के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम और आईपीसी की धारा 428 के तहत मामला दर्ज किया था।

यह दूसरी बड़ी घटना इस बात की ओर ध्यान दिलाती है कि शहरी क्षेत्रों में लावारिस पशुओं की सुरक्षा अभी भी एक अनसुलझी चुनौती बनी हुई है।

आगे की कार्रवाई

मामले की जाँच जारी है और तीनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। पशु अधिकार संगठनों की नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि अदालत में यह मामला कितनी मज़बूती से आगे बढ़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और दोनों में वायरल वीडियो ने पुलिस को हरकत में लाने पर मजबूर किया। सवाल यह है कि क्या कानूनी कार्रवाई सिर्फ FIR तक सीमित रहती है या अदालत तक पहुँचती है। पशु क्रूरता के मामलों में सज़ा की दर ऐतिहासिक रूप से बेहद कम रही है, और जब तक दोष-सिद्धि नहीं होती, पोस्टर जारी करना महज सार्वजनिक संबंध प्रबंधन बनकर रह जाता है। असली जवाबदेही की कसौटी यह होगी कि यह मामला अदालत में कितनी दूर तक जाता है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु के वार्थुर में लावारिस कुत्ते के साथ क्या हुआ?
20 अक्टूबर 2026 को वार्थुर के गुंजूर इलाके में ग्रीनवुड हाई स्कूल के पास तीन आरोपियों ने कथित तौर पर एक लावारिस कुत्ते को पेड़ से लटकाकर मोटे डंडे से पीट-पीटकर मार डाला। घटना सीसीटीवी में कैद हुई और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
इस मामले में किन धाराओं के तहत FIR दर्ज हुई है?
पुलिस ने पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 के तहत तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। तीनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
आरोपी कौन हैं और उन्हें कब हिरासत में लिया गया?
आरोपियों की पहचान मुनियप्पा, मुरली और पुनीत के रूप में हुई है — तीनों बेंगलुरु के निवासी हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद एक पशु कल्याण कार्यकर्ता की शिकायत पर 23 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों को हिरासत में लिया।
बेंगलुरु पुलिस ने इस मामले में क्या रुख अपनाया है?
बेंगलुरु पुलिस आयुक्तालय ने एक पोस्टर जारी कर स्पष्ट किया कि जानवरों के प्रति क्रूरता बर्दाश्त नहीं होगी। पुलिस ने पुष्टि की कि मामले का संज्ञान लिया जा चुका है और जाँच जारी है।
क्या बेंगलुरु में पहले भी पशु क्रूरता के ऐसे मामले सामने आए हैं?
हाँ, फरवरी 2022 में बेंगलुरु के जयनगर इलाके में आदि नारायण नामक युवक को लग्जरी कार से लावारिस कुत्तों को कुचलने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उस मामले में भी पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और आईपीसी की धारा 428 के तहत केस दर्ज हुआ था।
राष्ट्र प्रेस
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