भागलपुर में बाढ़ का कहर: नारायणपुर गांव में 6 बच्चों की डूबने से मौत, करमा पर्व पर गए थे पानी में
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के भागलपुर जिले में 21 सितंबर 2026 (सोमवार) को एक दर्दनाक हादसे में छह बच्चों की डूबने से मौत हो गई। यह हादसा सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव में सड़क किनारे बने एक गड्ढे में हुआ, जिसमें बाढ़ का पानी जमा था। करमा पर्व के अवसर पर सभी बच्चे उस गड्ढे में स्नान करने गए थे और गहराई का अंदाज़ा न होने के कारण हादसे का शिकार हो गए।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, मृतकों में चार लड़के और दो लड़कियाँ शामिल हैं। बच्चे स्नान के दौरान अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें बचाने का प्रयास किया और सुल्तानगंज थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मौके पर पहुँचने के बाद स्थानीय लोगों की मदद से तलाश शुरू की गई और अंततः सभी छह बच्चों के शव बरामद कर लिए गए।
पीड़ित बच्चों की पहचान
पुलिस के अनुसार, मृतकों में पाँच बच्चे सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 27 के निवासी थे, जबकि एक बच्चा सबौर थाना क्षेत्र का रहने वाला था। सुल्तानगंज थाना प्रभारी धनंजय कुमार ने बताया कि सड़क के किनारे बने गड्ढे में बाढ़ का पानी जमा था और बच्चों को उसकी गहराई का अंदाज़ा नहीं था।
परिजनों और गांव में मातम
हादसे की सूचना मिलते ही नारायणपुर गांव और आसपास के इलाकों में कोहराम मच गया। मृतकों के परिजन गहरे सदमे में हैं और पूरे गांव में मातम का माहौल है। शवों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया है।
बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब भागलपुर समेत बिहार के कई ज़िलों में बाढ़ की गंभीर स्थिति बनी हुई है। जलजमाव वाले गड्ढों, तालाबों और जलस्रोतों के आसपास खतरा कई गुना बढ़ जाता है क्योंकि उनकी गहराई बाहर से नहीं आँकी जा सकती। गौरतलब है कि बाढ़ के मौसम में बिहार में इस तरह के हादसे हर साल सामने आते हैं।
प्रशासन की अपील
स्थानीय प्रशासन की ओर से लोगों से लगातार अपील की जाती रही है कि वे बाढ़ के पानी में न उतरें और बच्चों को जलजमाव वाले स्थानों से दूर रखें। पुलिस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि करमा पर्व जैसे त्योहारों के दौरान जब बच्चे सामूहिक रूप से जल-स्रोतों के पास जाते हैं, तब निगरानी और अधिक ज़रूरी हो जाती है।