19 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भागलपुर: 25 टीबी मरीजों को फूड बास्केट, 280 बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत किट वितरित

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भागलपुर: 25 टीबी मरीजों को फूड बास्केट, 280 बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत किट वितरित

सारांश

भागलपुर में एक ही दिन दो राहत मोर्चे एक साथ खुले — मारवाड़ी सेवा समिति ने 25 टीबी मरीजों को पोषण सहायता दी, तो जिला प्रशासन ने 280 बाढ़ पीड़ित परिवारों को जरूरी राहत किट बाँटी। दोनों पहलें दर्शाती हैं कि जिले में सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर राहत प्रयास समानांतर चल रहे हैं।

मुख्य बातें

मारवाड़ी सेवा समिति, भागलपुर ने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 25 टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरित किए।
भागलपुर जिला प्रशासन ने महाशय ड्यूढ़ी (216 परिवार) और बाल निकेतन (64 परिवार) में कुल 280 राहत किट बाँटी।
राहत किट में बर्तन, तेल, साबुन, सर्फ, कपड़े और अन्य दैनिक आवश्यकता की वस्तुएँ शामिल थीं; महिलाओं को साड़ी और पुरुषों को लूंगी-गमछे दिए गए।
अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) कुंदन कुमार ने राहत शिविर का निरीक्षण कर अधिकारियों को जरूरी सहायता जारी रखने के निर्देश दिए।
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ.
दीनानाथ सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी टीबी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

भागलपुर में शनिवार, 19 सितंबर 2026 को जरूरतमंदों की सहायता के लिए दो अलग-अलग राहत कार्यक्रम आयोजित किए गए। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मारवाड़ी सेवा समिति, भागलपुर ने 25 टीबी मरीजों को पोषण सहयोग के रूप में फूड बास्केट वितरित किए, जबकि भागलपुर जिला प्रशासन ने महाशय ड्यूढ़ी और बाल निकेतन स्थित बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे 280 परिवारों को राहत किट बांटी।

टीबी मरीजों को पोषण सहायता

मारवाड़ी सेवा समिति की ओर से 25 टीबी मरीजों को फूड बास्केट उपलब्ध कराए गए, जिसका उद्देश्य उपचार के दौरान मरीजों को बेहतर पोषण मिलना सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में समिति के सदस्य सज्जन कुमार किशोरपुरिया, राम गोपाल पोद्दार, रमण कुमार साह, धीरज बाजोरिया, किशोर झुनझुनवाला और गोपाल राम चौधरी उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. दीनानाथ, जिला कार्यक्रम प्रबंधक मणि भूषण झा और प्रभारी जिला कार्यक्रम समन्वयक (टीबी) जितेंद्र प्रसाद सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

मरीजों को दवा और पोषण के प्रति जागरूक किया गया

कार्यक्रम के दौरान टीबी मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने, चिकित्सक की सलाह का पालन करने और इलाज की निर्धारित अवधि पूरी करने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि टीबी उपचार में नियमित दवा के साथ-साथ पौष्टिक भोजन की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। स्वास्थ्य विभाग और मारवाड़ी सेवा समिति के इस संयुक्त प्रयास को जिले में टीबी उन्मूलन अभियान को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया गया।

गौरतलब है कि सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों द्वारा टीबी मरीजों को पोषण सहयोग देने की पहल राष्ट्रीय स्तर पर 'निक्षय मित्र' कार्यक्रम के अंतर्गत प्रोत्साहित की जाती है, जिसके तहत आम नागरिक और संगठन मरीजों को गोद लेकर उनकी पोषण आवश्यकताएँ पूरी करते हैं।

बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरण

भागलपुर जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई। महाशय ड्यूढ़ी, चंपानगर स्थित बाढ़ राहत शिविर में 216 परिवारों को और बाल निकेतन में 64 परिवारों को राहत किट प्रदान की गई, जिससे दोनों स्थानों पर कुल 280 राहत किट वितरित की गईं।

राहत किट में बर्तन, लोटा, गिलास, छोटी और बड़ी थाली, तेल, सर्फ, साबुन और कपड़े समेत दैनिक उपयोग की विभिन्न वस्तुएँ शामिल थीं। प्रशासन ने महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए महिलाओं को साड़ी तथा पुरुषों को लूंगी और गमछे भी उपलब्ध कराए।

अपर समाहर्ता ने लिया जायजा

अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन कुंदन कुमार ने राहत शिविर का दौरा किया और वहाँ उपलब्ध सुविधाओं तथा पीड़ित परिवारों की जरूरतों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को आवश्यकतानुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

इस अवसर पर राहत शिविर प्रभारी मिथिलेश कुमार, दिलीप कुमार, आपदा मित्र के सदस्य और शिविरों में रह रहे बाढ़ प्रभावित परिवार उपस्थित रहे। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब भागलपुर के कई इलाके अभी भी बाढ़ की विभीषिका से उबर रहे हैं और प्रशासन द्वारा राहत कार्य जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि एकल वितरण कार्यक्रमों में।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भागलपुर में टीबी मरीजों को फूड बास्केट क्यों दिए गए?
टीबी उपचार के दौरान पर्याप्त पोषण मरीज की रिकवरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मारवाड़ी सेवा समिति ने टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 25 मरीजों को फूड बास्केट वितरित किए ताकि वे उपचार के साथ-साथ जरूरी पोषण भी पा सकें।
भागलपुर में बाढ़ पीड़ितों को कहाँ और कितनी राहत किट मिलीं?
भागलपुर जिला प्रशासन ने महाशय ड्यूढ़ी, चंपानगर स्थित बाढ़ राहत शिविर में 216 परिवारों को और बाल निकेतन में 64 परिवारों को राहत किट दी, जिससे कुल 280 राहत किट वितरित हुई।
राहत किट में क्या-क्या सामान शामिल था?
राहत किट में बर्तन, लोटा, गिलास, छोटी और बड़ी थाली, तेल, सर्फ, साबुन और कपड़े शामिल थे। महिलाओं को साड़ी और पुरुषों को लूंगी तथा गमछे दिए गए।
टीबी मुक्त भारत अभियान में सामाजिक संगठनों की क्या भूमिका है?
राष्ट्रीय स्तर पर 'निक्षय मित्र' कार्यक्रम के तहत सामाजिक और व्यावसायिक संगठन टीबी मरीजों को गोद लेकर उनकी पोषण संबंधी जरूरतें पूरी करते हैं। भागलपुर में मारवाड़ी सेवा समिति इसी पहल के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर काम कर रही है।
भागलपुर में बाढ़ राहत शिविरों की निगरानी कौन कर रहा है?
अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) कुंदन कुमार राहत शिविरों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने शिविर का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को पीड़ित परिवारों को आवश्यकतानुसार सहायता उपलब्ध कराते रहने के निर्देश दिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 11 महीने पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले