भागलपुर: 25 टीबी मरीजों को फूड बास्केट, 280 बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत किट वितरित
सारांश
मुख्य बातें
भागलपुर में शनिवार, 19 सितंबर 2026 को जरूरतमंदों की सहायता के लिए दो अलग-अलग राहत कार्यक्रम आयोजित किए गए। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मारवाड़ी सेवा समिति, भागलपुर ने 25 टीबी मरीजों को पोषण सहयोग के रूप में फूड बास्केट वितरित किए, जबकि भागलपुर जिला प्रशासन ने महाशय ड्यूढ़ी और बाल निकेतन स्थित बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे 280 परिवारों को राहत किट बांटी।
टीबी मरीजों को पोषण सहायता
मारवाड़ी सेवा समिति की ओर से 25 टीबी मरीजों को फूड बास्केट उपलब्ध कराए गए, जिसका उद्देश्य उपचार के दौरान मरीजों को बेहतर पोषण मिलना सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में समिति के सदस्य सज्जन कुमार किशोरपुरिया, राम गोपाल पोद्दार, रमण कुमार साह, धीरज बाजोरिया, किशोर झुनझुनवाला और गोपाल राम चौधरी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. दीनानाथ, जिला कार्यक्रम प्रबंधक मणि भूषण झा और प्रभारी जिला कार्यक्रम समन्वयक (टीबी) जितेंद्र प्रसाद सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
मरीजों को दवा और पोषण के प्रति जागरूक किया गया
कार्यक्रम के दौरान टीबी मरीजों को नियमित रूप से दवा लेने, चिकित्सक की सलाह का पालन करने और इलाज की निर्धारित अवधि पूरी करने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि टीबी उपचार में नियमित दवा के साथ-साथ पौष्टिक भोजन की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। स्वास्थ्य विभाग और मारवाड़ी सेवा समिति के इस संयुक्त प्रयास को जिले में टीबी उन्मूलन अभियान को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया गया।
गौरतलब है कि सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों द्वारा टीबी मरीजों को पोषण सहयोग देने की पहल राष्ट्रीय स्तर पर 'निक्षय मित्र' कार्यक्रम के अंतर्गत प्रोत्साहित की जाती है, जिसके तहत आम नागरिक और संगठन मरीजों को गोद लेकर उनकी पोषण आवश्यकताएँ पूरी करते हैं।
बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री वितरण
भागलपुर जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई। महाशय ड्यूढ़ी, चंपानगर स्थित बाढ़ राहत शिविर में 216 परिवारों को और बाल निकेतन में 64 परिवारों को राहत किट प्रदान की गई, जिससे दोनों स्थानों पर कुल 280 राहत किट वितरित की गईं।
राहत किट में बर्तन, लोटा, गिलास, छोटी और बड़ी थाली, तेल, सर्फ, साबुन और कपड़े समेत दैनिक उपयोग की विभिन्न वस्तुएँ शामिल थीं। प्रशासन ने महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए महिलाओं को साड़ी तथा पुरुषों को लूंगी और गमछे भी उपलब्ध कराए।
अपर समाहर्ता ने लिया जायजा
अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन कुंदन कुमार ने राहत शिविर का दौरा किया और वहाँ उपलब्ध सुविधाओं तथा पीड़ित परिवारों की जरूरतों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को आवश्यकतानुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
इस अवसर पर राहत शिविर प्रभारी मिथिलेश कुमार, दिलीप कुमार, आपदा मित्र के सदस्य और शिविरों में रह रहे बाढ़ प्रभावित परिवार उपस्थित रहे। यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब भागलपुर के कई इलाके अभी भी बाढ़ की विभीषिका से उबर रहे हैं और प्रशासन द्वारा राहत कार्य जारी है।