26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या चुनाव में गड़बड़ी के चलते चंपारण आंदोलन जैसी स्थिति बनेगी?: भाई जगताप

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या चुनाव में गड़बड़ी के चलते चंपारण आंदोलन जैसी स्थिति बनेगी?: भाई जगताप

सारांश

भाई जगताप ने बिहार चुनाव में गड़बड़ी को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो एक बार फिर चंपारण आंदोलन जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। जानिए उनके विचार और इस पर देश की जनता की प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

चुनाव में गड़बड़ी की गंभीरता पर चर्चा।
बिहार की जनता का वोट चोरी को बर्दाश्त न करने का संकल्प।
चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल।
चंपारण आंदोलन का संदर्भ।
लोकतंत्र की रक्षा के लिए जागरूकता।

मुंबई, 14 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता और मुंबई के पूर्व अध्यक्ष भाई जगताप ने बिहार चुनाव से संबंधित एग्जिट पोल, एसआईआर और वोट चोरी जैसे मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए।

भाई जगताप ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए एग्जिट पोल पर कहा कि जिस तरह से ईवीएम और अन्य तंत्र काम कर रहे हैं, उससे नतीजों का कोई महत्व नहीं रह जाता। यह स्थिति लंबे समय तक नहीं टिकेगी, क्योंकि देश की जनता अब जान चुकी है कि उसे धोखा दिया जा रहा है। सबसे बड़ा जख्म यह है कि चुनाव आयोग उनके वोट के अधिकार को भी छीन रहा है। वोटों की चोरी हो रही है।

उन्होंने आगे कहा कि चुनाव समाप्त होने के बाद सभी मशीनें बंद कर दी जाती हैं। इसके बाद पुलिस ईवीएम मशीनें लाती हैं और फिर उन्हें भगा दिया जाता है। बिहार की जनता गरीब हो सकती है, लेकिन वह जानती है कि उनके साथ क्या हो रहा है। लोग सरकार के मंत्रियों और विधायकों को दौड़ा रहे हैं। बिहार की जनता वोट चोरी को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगी। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है।

राजद नेता द्वारा चुनाव में गड़बड़ी होने पर नेपाल जैसे हालात बनने के बयान पर उन्होंने कहा कि ऐसा होना नहीं चाहिए लेकिन यह हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि लेह, लद्दाख, और असम में भी यही स्थिति है। मणिपुर में भी ऐसा ही हो रहा है। आज देश अशांत है। अगर चुनाव में कोई गड़बड़ी हुई तो बिहार से एक बार फिर चंपारण आंदोलन जैसी शुरुआत होगी और सरकार को जवाब देना पड़ेगा। लोगों का सब्र टूट चुका है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि आजादी के 77 साल बाद भी अगर जनता को ऐसे हालात का सामना करना पड़ता है तो वह सड़क पर उतर आएगी। सरकार को जनता का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव आयोग का दुरुपयोग कर रही है। यदि भारत जैसा लोकतंत्र बिखर जाता है, तो उसे पुनः स्थापित करने में कई साल लगेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है। भाई जगताप के विचारों में गहराई है और यह दर्शाता है कि देश की जनता आज भी अपने अधिकारों के लिए जागरूक है। चुनाव आयोग की भूमिका इस संदर्भ में महत्वपूर्ण है, और सभी को मिलकर लोकतंत्र की रक्षा करनी चाहिए।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाई जगताप ने बिहार चुनाव को लेकर क्या कहा?
भाई जगताप ने कहा कि चुनाव में गड़बड़ी हो रही है और वोट चोरी की जा रही है।
क्या बिहार की जनता इस स्थिति को स्वीकार करेगी?
भाई जगताप का मानना है कि बिहार की जनता वोट चोरी को बर्दाश्त नहीं करेगी।
चंपारण आंदोलन का क्या मतलब है?
यह आंदोलन 1917 में हुआ था, जहाँ किसानों ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाई थी।
क्या चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं?
जी हाँ, भाई जगताप ने चुनाव आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
क्या देश में लोकतंत्र खतरे में है?
भाई जगताप के अनुसार, अगर चुनाव में गड़बड़ी हुई, तो लोकतंत्र को खतरा हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले