हेमंत सोरेन के जन्मदिन पर PM मोदी, ओम बिरला और शिवराज ने दी शुभकामनाएं
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के 50वें जन्मदिन पर 10 अगस्त 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने बधाई संदेश दिए। सभी नेताओं ने सोरेन के दीर्घ जीवन और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
नेताओं के बधाई संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा, "झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं। ईश्वर उन्हें लंबी आयु और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करे।" लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी बधाई देते हुए कहा, "झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना है।"
केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी सोरेन को बधाई दी और लिखा, "झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जन्मदिन की हार्दिक बधाई। ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना करता हूं।" यह उल्लेखनीय है कि विरोधी दलों के नेता भी इस अवसर पर शुभकामनाएं देने में शामिल रहे।
हेमंत सोरेन: एक परिचय
हेमंत सोरेन का जन्म 10 अगस्त 1975 को झारखंड के रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में हुआ था। वे वरिष्ठ आदिवासी नेता और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक शिबू सोरेन के पुत्र हैं। आदिवासी राजनीति की विरासत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने राज्य की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है।
राजनीतिक सफर
हेमंत सोरेन का संसदीय राजनीतिक सफर 2009 में शुरू हुआ, जब वे झारखंड से राज्यसभा सदस्य बने। सितंबर 2010 में उन्हें झारखंड का उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया और वे जनवरी 2013 तक इस पद पर रहे। उसी वर्ष उन्होंने JMM-राजद-कांग्रेस गठबंधन सरकार का नेतृत्व करते हुए पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
झारखंड के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में उनका पहला कार्यकाल 13 जुलाई 2013 से 23 दिसंबर 2014 तक रहा। 2014 के विधानसभा चुनाव में वे दुमका निर्वाचन क्षेत्र से हार गए, लेकिन बरहेट सीट से जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक उपस्थिति बनाए रखी। जनवरी 2015 में उन्हें झारखंड विधानसभा में विपक्ष का नेता नियुक्त किया गया।
2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव में JMM के नेतृत्व वाले गठबंधन को बहुमत मिला। सोरेन ने दुमका और बरहेट दोनों सीटों से चुनाव लड़कर दोनों जगह जीत दर्ज की और दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। 2022 में उन्होंने झारखंड विधानसभा में विश्वास मत सफलतापूर्वक जीता।
ईडी गिरफ्तारी और वापसी
कथित भूमि घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी से पहले सोरेन ने 31 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। 28 जून 2024 को उन्हें रिहा किया गया और जुलाई 2024 में वे पुनः मुख्यमंत्री पद पर आसीन हुए — यह उनके राजनीतिक जीवन की सबसे नाटकीय वापसी मानी जाती है।
आगे की राह
आदिवासी राजनीति के एक प्रमुख चेहरे के रूप में हेमंत सोरेन की भूमिका झारखंड की सीमाओं से परे राष्ट्रीय राजनीति में भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। उनके जन्मदिन पर सत्तापक्ष के वरिष्ठ नेताओं की शुभकामनाएं राजनीतिक शिष्टाचार की परंपरा को दर्शाती हैं।