16 जुलाई 2026
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अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद गहलोत का BJP पर हमला — 'बंगाल में गली-गली गुंडागर्दी'

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अभिषेक बनर्जी पर हमले के बाद गहलोत का BJP पर हमला — 'बंगाल में गली-गली गुंडागर्दी'

सारांश

कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने जयपुर में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले की निंदा करते हुए BJP-RSS पर सीधा हमला बोला। उन्होंने बंगाल में 27 लाख मतदाताओं के मताधिकार हनन, टीएमसी दफ्तरों पर हमलों और 'डबल इंजन' सरकार को 'डबल मार' बताया।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने 31 मई 2026 को जयपुर में अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले की निंदा की।
गहलोत ने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद बंगाल में TMC कार्यालयों पर लगातार हमले और कब्ज़े हो रहे हैं।
उनके अनुसार बंगाल चुनाव में ढाई लाख कर्मचारी तैनात किए गए और 27 लाख मतदाताओं को वोट देने से वंचित किया गया।
गहलोत ने PM मोदी के 'डबल इंजन सरकार' नारे को 'डबल मार' करार देते हुए तीखा कटाक्ष किया।
उन्होंने युवाओं और छात्रों से सक्रिय राजनीतिक भागीदारी का आह्वान किया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने 31 मई 2026 को जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले की कड़ी निंदा की। गहलोत ने आरोप लगाया कि इस घटना ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 'चाल, चरित्र और चेहरे' को पूरी तरह उजागर कर दिया है।

मुख्य आरोप और बयान

गहलोत ने कहा, 'जब से चुनाव में TMC हारी है, तब से बंगाल में गुंडागर्दी चरम पर है। गली-गली में हिंसा हो रही है, TMC के कार्यालयों पर लगातार हमले हो रहे हैं और उन पर कब्ज़े करवाए जा रहे हैं।' उन्होंने सवाल उठाया कि जब पूरा देश बंगाल में हो रही इन गतिविधियों को देख रहा है, तो केंद्र सरकार चुप क्यों है।

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस सत्ता बदलते ही अपना रंग बदल लेती है, और यह किसी से छिपा नहीं है कि सत्ताधारी दल की बात मानना उनकी मजबूरी होती है।

चुनाव प्रक्रिया पर सवाल

गहलोत ने बंगाल चुनाव की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उनके अनुसार, चुनाव आयोग ने बंगाल में ढाई लाख कर्मचारी तैनात किए, जबकि पूरे देश के चुनाव में केवल तीन लाख कर्मचारी लगते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी के IPS अधिकारी मोहल्लों में जाकर मतदाताओं को धमका रहे थे, जो उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर था। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि 27 लाख लोगों को मतदान का अवसर ही नहीं मिला और इसीलिए चुनाव कुछ महीने के लिए स्थगित किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी इस विषय पर टिप्पणी की है।

बंगाल की सांस्कृतिक विरासत का संदर्भ

गहलोत ने कहा कि पश्चिम बंगाल की अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है — सुभाष चंद्र बोस से लेकर रवींद्रनाथ टैगोर तक की त्याग और बलिदान की परंपरा। उन्होंने कहा कि वे पहले ही आगाह कर चुके थे कि यदि BJP बंगाल में सत्ता में आई तो पूरा देश निराश होगा।

डबल इंजन सरकार पर कटाक्ष

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'डबल इंजन सरकार' के नारे पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि बंगाल में यह डबल इंजन विकास की बजाय 'डबल मार' के रूप में जनता पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वही इंजन आज गुंडागर्दी और दमन के लिए इस्तेमाल हो रहा है।

युवाओं से आह्वान

गहलोत ने युवा पीढ़ी से सक्रिय राजनीतिक भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश को बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी के संविधान-निर्माण के समय की भावना के अनुरूप चलना चाहिए। उनका कहना था कि छात्र और युवा किसी भी दल में जाएँ, लेकिन सही विचारधारा की पहचान करना उनकी ज़िम्मेदारी है। आने वाले दिनों में बंगाल की स्थिति और राजनीतिक तनाव राष्ट्रीय बहस का केंद्र बने रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे उस व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखना ज़रूरी है जिसमें कांग्रेस खुद बंगाल में हाशिये पर है और TMC की सहानुभूति लेने की कोशिश में है। 'डबल इंजन' पर कटाक्ष प्रभावशाली है, परंतु चुनाव आयोग पर लगाए आरोप — विशेषकर ढाई लाख कर्मचारियों और 27 लाख मतदाताओं वाले दावे — स्वतंत्र सत्यापन की माँग करते हैं। मुख्यधारा की कवरेज इन दावों की पड़ताल किए बिना उन्हें आगे बढ़ा देती है, जो पाठक को आधी तस्वीर देती है। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष इन आरोपों को संसदीय या न्यायिक मंच पर ले जाने की स्थिति में है, या यह केवल प्रेस-बाइट राजनीति तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले पर अशोक गहलोत ने क्या कहा?
गहलोत ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस घटना ने BJP और RSS के 'चाल, चरित्र और चेहरे' को उजागर कर दिया है। उन्होंने बंगाल में चुनाव के बाद TMC कार्यालयों पर हमलों और गुंडागर्दी को केंद्र सरकार की चुप्पी से जोड़ा।
गहलोत ने बंगाल चुनाव प्रक्रिया पर क्या आरोप लगाए?
गहलोत ने दावा किया कि चुनाव आयोग ने बंगाल में ढाई लाख कर्मचारी तैनात किए, जबकि पूरे देश के चुनाव में तीन लाख लगते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 27 लाख मतदाताओं को वोट देने का मौका नहीं मिला और यूपी के IPS अधिकारी मतदाताओं को धमका रहे थे।
'डबल इंजन सरकार' पर गहलोत ने क्या कहा?
गहलोत ने कहा कि PM मोदी का 'डबल इंजन सरकार' का नारा बंगाल में 'डबल मार' बन गया है। उनके अनुसार यही इंजन अब विकास की बजाय गुंडागर्दी और दमन के लिए इस्तेमाल हो रहा है।
गहलोत ने युवाओं से क्या अपील की?
गहलोत ने छात्रों और युवाओं से सक्रिय राजनीतिक भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा किसी भी दल में जाएँ, लेकिन देश की सही विचारधारा को समझना और संविधान की भावना को जीवित रखना उनकी ज़िम्मेदारी है।
बंगाल की राजनीतिक स्थिति को लेकर गहलोत ने क्या चिंता जताई?
गहलोत ने कहा कि बंगाल की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत — सुभाष चंद्र बोस और रवींद्रनाथ टैगोर की परंपरा — खतरे में है। उनका कहना था कि वे पहले ही आगाह कर चुके थे कि BJP के सत्ता में आने से पूरा देश निराश होगा, और अब वही हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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