भारत अमेरिका के आगे झुक रहा है, केंद्र की विदेश नीति से राष्ट्रीय हितों को नुकसान: कांग्रेस सांसद जेबी माथर
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने 14 अगस्त 2026 को केंद्र सरकार की विदेश नीति पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के बजाय अमेरिका के सामने झुकता नजर आ रहा है। नई दिल्ली में माथर ने कहा कि कई गलत समझौतों के चलते देश को नुकसान हो रहा है और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का स्पष्ट रुख गायब है।
मुख्य आरोप: विदेश नीति में अस्पष्टता
माथर ने कहा कि विदेश नीति का मूल अर्थ है — अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर फायदे और नुकसान का आकलन कर स्पष्ट राष्ट्रीय रुख अपनाना। उनके अनुसार, आज की स्थिति यह है कि यह स्पष्ट नहीं है कि भारत किसी बड़े वैश्विक मुद्दे पर वास्तव में क्या चाहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के हितों के लिए मजबूती से अपनी बात रखते हुए सुनने के बजाय अमेरिकी राष्ट्रपति को व्यापार और टैरिफ से जुड़े फैसलों की घोषणा करते देखा जाता है।
व्यापार, टैरिफ और ईरान पर सवाल
माथर ने अमेरिका के साथ व्यापार और टैरिफ के मुद्दे का हवाला देते हुए कहा कि भारत को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के दौरान भारत की भूमिका और आवाज कहाँ थी। माथर के अनुसार, भारत की राय को पर्याप्त महत्व नहीं मिला और यह देश की कूटनीतिक कमज़ोरी को दर्शाता है।
नेहरू युग से तुलना और 'हग डिप्लोमेसी' पर व्यंग्य
कांग्रेस सांसद ने मौजूदा विदेश नीति की तुलना पंडित जवाहरलाल नेहरू के दौर से करते हुए कहा कि दोनों में काफी अंतर दिखाई देता है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जब प्रधानमंत्री 'हग डिप्लोमेसी' अपनाते हैं, तो लोग ऐसे कदमों को लेकर हैरान रह जाते हैं। माथर ने इसे भारत की ऐतिहासिक गुटनिरपेक्ष कूटनीतिक परंपरा से विचलन बताया।
भाजपा पर पलटवार और इंडी अलायंस की एकजुटता
माथर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक शब्द बोलते हैं तो भाजपा के कई नेता प्रतिक्रिया देने के लिए सामने आ जाते हैं और एक लाइन पर कई प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित हो जाती हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर भाजपा राहुल गांधी की बातों को केवल मजाक या कॉमेडी मानती है, तो फिर इतना पलटवार क्यों? माथर ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी अलायंस के घटक दल पूरी तरह एकजुट हैं और विपक्ष लगातार साथ खड़ा है।
आगे क्या
माथर के इस बयान से विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच विदेश नीति को लेकर बहस तेज होने के संकेत मिल रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता एक निर्णायक दौर में है और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है। आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर और तीखी नोकझोंक की संभावना है।