क्या भारत-ईयू एफटीए हमारे लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव लाएगा? : राष्ट्रपति मुर्मु

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क्या भारत-ईयू एफटीए हमारे लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव लाएगा? : राष्ट्रपति मुर्मु

सारांश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारत-ईयू संबंधों में एक ऐतिहासिक क्षण का स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने साझा मूल्यों और भविष्य की साझेदारी पर जोर दिया। क्या यह समझौता हमारे जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा? जानें इस महत्वपूर्ण मुलाकात के बारे में।

मुख्य बातें

भारत और यूरोप के बीच साझा मूल्य हैं।
मुक्त व्यापार समझौता से सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है।
गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय संघ के नेताओं की उपस्थिति महत्वपूर्ण है।
भारत की मेहमाननवाजी की सराहना की गई।
ग्लोबल पार्टनरशिप का महत्व समझा गया।

नई दिल्ली, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच संबंधों में एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का गर्मजोशी से स्वागत किया।

राष्ट्रपति मुर्मु ने उनके सम्मान में एक भव्य भोज का आयोजन किया, जहां दोनों पक्षों ने साझा मूल्यों और भविष्य की साझेदारी पर जोर दिया।

आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से राष्ट्रपति मुर्मु और यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन से मुलाकात की तस्वीर साझा की गई।

इस पोस्ट में लिखा गया, "राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में यूरोपीय काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन का स्वागत किया और उनके सम्मान में एक भोज का आयोजन किया।"

पोस्ट में आगे लिखा गया, "राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और यूरोप न सिर्फ आज के हितों से, बल्कि लोकतंत्र, बहुलवाद और खुली बाजार अर्थव्यवस्था जैसे साझा मूल्यों से भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता हमारे लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव लाएगा।"

यह मुलाकात 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर हुई, जहां कोस्टा और वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह पहली बार था, जब यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेता संयुक्त रूप से भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बने। वे राष्ट्रपति मुर्मु के साथ पारंपरिक बग्गी में सवार होकर कर्तव्य पथ पहुंचे, जहां परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।

राष्ट्रपति भवन में 'एट होम' रिसेप्शन और भोज में दोनों नेताओं ने भारत की मेहमाननवाजी की सराहना की।

एंटोनियो कोस्टा ने अपने 'एक्स' हैंडल पर राष्ट्रपति मुर्मु से मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "नई दिल्ली की शानदार यात्रा खत्म करते हुए, मैंने भारत की गर्मजोशी भरी और मेहमाननवाजी के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को धन्यवाद दिया। आज की ईयू-भारत समिट ने दुनिया को एक साफ संदेश दिया: मूल्यों, नियमों और आपसी हितों पर आधारित ग्लोबल पार्टनरशिप हमारी साझा समृद्धि और सुरक्षा के लिए जरूरी हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-ईयू एफटीए क्या है?
भारत-ईयू एफटीए एक मुक्त व्यापार समझौता है जो दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए बनाया गया है।
यह एफटीए हमारे जीवन में कैसे बदलाव लाएगा?
यह एफटीए व्यापार को बढ़ावा देगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक विकास होगा।
राष्ट्र प्रेस