भारत टैक्सी लॉन्च: 7 लाख सारथी जुड़े, ड्राइवरों को मालिक बनाएगा सहकारी मॉडल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 27 जून 2026 को गांधीनगर में सहकारिता आधारित राइड-हेलिंग सेवा 'भारत टैक्सी' का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भारत टैक्सी से जुड़े ड्राइवरों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
गुजरात सरकार के मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने बताया कि अब तक देशभर में 7 लाख सारथी इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं, जिनमें से 1 लाख ड्राइवर अकेले गुजरात से हैं। ग्राहकों की संख्या की बात करें तो गुजरात में 7 लाख और देशभर में लगभग 40 लाख उपयोगकर्ता इस सेवा से जुड़ चुके हैं। सेवा दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया — तीनों श्रेणियों के वाहनों को एक ही मंच पर लाती है।
भारत टैक्सी पहले से मुंबई, लखनऊ, कानपुर, जयपुर, दिल्ली-एनसीआर और चंडीगढ़ में सक्रिय है। गुजरात में इसका विस्तार अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, भावनगर समेत 14 प्रमुख शहरों में किया गया है।
सहकारी मॉडल की खासियत
वाघाणी के अनुसार, इस सेवा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि ड्राइवरों को किसी भी प्रकार का कमीशन नहीं देना होगा। उन्होंने दावा किया कि यह दुनिया का पहला ऐसा परिवहन मॉडल है जिसमें मुनाफे का लाभ सीधे सारथियों तक पहुँचता है, जिससे शोषण की संभावना कम होती है। उन्होंने कहा, 'भारत टैक्सी का सबसे बड़ा उद्देश्य ड्राइवरों को केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि व्यवस्था का मालिक बनाना है।'
यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' के विजन से प्रेरित बताई जा रही है। वाघाणी ने कहा कि इससे ग्रामीण और शहरी दोनों अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी और लाखों परिवारों को आय का नया स्रोत मिलेगा। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब ओला और उबर जैसी निजी कैब एग्रीगेटर कंपनियों पर ड्राइवरों के शोषण के आरोप लगातार उठते रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था
यात्रियों की सुरक्षा के लिए भारत टैक्सी को गुजरात पुलिस और एसओएस इंटीग्रेशन प्रणाली से जोड़ा गया है। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित की जा सकेगी। अधिकारियों के अनुसार, यह व्यवस्था यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के लिए एक सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन विकल्प प्रदान करेगी।
विस्तार की योजना
वाघाणी ने बताया कि आने वाले समय में भारत टैक्सी को देश के 500 शहरों तक पहुँचाने की योजना है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों, रेलवे, एयरपोर्ट, राज्य सहकारी संस्थाओं और ट्रैफिक पुलिस समेत कई एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक इस सेवा का उपयोग करें, ताकि परिवहन क्षेत्र में सहकारी मॉडल को मजबूती मिले।