27 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अमित शाह ने गांधीनगर से 'भारत टैक्सी' लॉन्च की, 7 लाख सारथियों को मिलेगा सहकारी स्वामित्व

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अमित शाह ने गांधीनगर से 'भारत टैक्सी' लॉन्च की, 7 लाख सारथियों को मिलेगा सहकारी स्वामित्व

सारांश

'भारत टैक्सी' सिर्फ एक राइड-हेलिंग ऐप नहीं — यह ऐप-आधारित कंपनियों के एकाधिकार को सहकारिता से तोड़ने का प्रयोग है। 7 लाख सारथी अब ड्राइवर नहीं, बल्कि शेयरधारक हैं। अगले दो साल में 500 से अधिक शहरों तक विस्तार की महत्वाकांक्षी योजना इसे परिवहन क्षेत्र का बड़ा दांव बनाती है।

मुख्य बातें

अमित शाह ने 27 जून 2026 को गांधीनगर से 'भारत टैक्सी' सेवा का शुभारंभ किया।
गुजरात के अहमदाबाद, सूरत और राजकोट में सेवाएं शुरू; दोपहिया, ऑटो और चारपहिया तीनों श्रेणियाँ शामिल।
7 लाख सारथी सहकारी संस्था के शेयरधारक होंगे; ऋण, बीमा और कारोबार विस्तार की सुविधा भी मिलेगी।
31 जुलाई तक देश के 7 प्रमुख शहरों में और अगले 2 वर्षों में 500+ शहरों तक विस्तार का लक्ष्य।
गुजरात मेट्रो रेल, गुजरात स्टेट कोऑपरेटिव बैंक, अहमदाबाद ट्रैफिक पुलिस, सरदार पटेल हवाई अड्डा और पश्चिम रेलवे के साथ MOU हस्ताक्षरित।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 27 जून 2026 को गांधीनगर से गुजरात में 'भारत टैक्सी' सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' के विजन को मोबिलिटी क्षेत्र में उतारने की यह पहल टैक्सी चालकों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि का नया अध्याय लिखेगी।

सेवा का दायरा और संरचना

'भारत टैक्सी' की सेवाएं गुजरात के प्रमुख शहरों — अहमदाबाद, सूरत और राजकोट — में पहले ही शुरू हो चुकी हैं। यह प्लेटफॉर्म दोपहिया, ऑटो-रिक्शा और चारपहिया वाहनों की तीनों श्रेणियों में सेवाएं देगा। सरकार का लक्ष्य है कि 31 जुलाई से पहले देश के सात प्रमुख शहरों में इसकी उपस्थिति दर्ज हो जाए।

सारथी बनेंगे मालिक — निजी ऐप से अलग मॉडल

शाह ने इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता बताते हुए कहा कि 'भारत टैक्सी' से जुड़े 7 लाख 'सारथी' इस सहकारी संस्था के शेयरधारक हैं, न कि केवल कर्मचारी। उन्होंने कहा कि निजी ऐप-आधारित कंपनियाँ चालकों को महज ड्राइवर मानती हैं, जबकि 'भारत टैक्सी' उन्हें 'सारथी' के रूप में सम्मान देती है और सहकारी संस्था में हिस्सेदारी प्रदान करती है। इसके अलावा सारथियों को ऋण सुविधा, बीमा सुरक्षा और कारोबार विस्तार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

प्रतिस्पर्धियों पर आरोप

शाह ने आरोप लगाया कि प्रतिस्पर्धी कंपनियों द्वारा अचानक की गई किराया कटौती का असली उद्देश्य 'भारत टैक्सी' की बाज़ार में एंट्री को रोकना है, ताकि बाद में वे मनमाने तरीके से किराया वसूल सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'भारत टैक्सी' आम लोगों की सेवा और पारदर्शी व्यवस्था के अपने संकल्प से नहीं हटेगी।

विस्तार योजना और साझेदारियाँ

अगले दो वर्षों में 'भारत टैक्सी' को देश के 500 से अधिक शहरों और कस्बों तक विस्तारित करने का लक्ष्य रखा गया है। लॉन्च के अवसर पर 'भारत टैक्सी' ने गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन, गुजरात स्टेट कोऑपरेटिव बैंक, अहमदाबाद ट्रैफिक पुलिस, सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और पश्चिम रेलवे के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए।

आगे की राह

शाह ने जोर देकर कहा कि 'भारत टैक्सी' की सफलता सारथियों और ग्राहकों दोनों की दीर्घकालिक सोच पर निर्भर करेगी। यह पहल सहकारिता आधारित आर्थिक सशक्तिकरण का एक नया मॉडल स्थापित कर सकती है, जो परिवहन क्षेत्र में निजी एकाधिकार को चुनौती देने की क्षमता रखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी — क्योंकि भारत में सहकारी संस्थाओं का इतिहास प्रशासनिक जटिलता और राजनीतिक हस्तक्षेप से भरा रहा है। ओला-उबर जैसी कंपनियों से मुकाबले के लिए तकनीकी दक्षता और उपयोगकर्ता अनुभव में बराबरी ज़रूरी होगी, जो सहकारी ढाँचे में अक्सर पीछे रह जाती है। 500 शहरों का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, पर यह सवाल अनुत्तरित है कि फंडिंग, तकनीकी अवसंरचना और ड्राइवर प्रशिक्षण का खाका क्या है। यह पहल 'सहकार से समृद्धि' की राजनीतिक ब्रांडिंग के साथ-साथ जवाबदेही के ठोस ढाँचे की माँग करती है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'भारत टैक्सी' क्या है और यह कैसे काम करती है?
'भारत टैक्सी' एक सहकारिता-आधारित राइड-हेलिंग सेवा है, जिसे 27 जून 2026 को गांधीनगर से लॉन्च किया गया। इसमें जुड़े 7 लाख सारथी (चालक) निजी कंपनी के कर्मचारी नहीं, बल्कि सहकारी संस्था के शेयरधारक हैं और इसके मुनाफे में भागीदार हैं।
'भारत टैक्सी' ओला-उबर से कैसे अलग है?
निजी ऐप कंपनियाँ चालकों को केवल सेवा प्रदाता मानती हैं, जबकि 'भारत टैक्सी' में सारथी सहकारी संस्था के स्वामी हैं। इसके अलावा उन्हें ऋण सुविधा, बीमा सुरक्षा और कारोबार विस्तार के अवसर भी दिए जाएंगे।
'भारत टैक्सी' अभी किन शहरों में उपलब्ध है?
फिलहाल यह सेवा गुजरात के अहमदाबाद, सूरत और राजकोट में उपलब्ध है। 31 जुलाई तक देश के सात प्रमुख शहरों में और अगले दो वर्षों में 500 से अधिक शहरों व कस्बों में विस्तार का लक्ष्य है।
लॉन्च के मौके पर किन संस्थाओं के साथ MOU हुए?
'भारत टैक्सी' ने गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन, गुजरात स्टेट कोऑपरेटिव बैंक, अहमदाबाद ट्रैफिक पुलिस, सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और पश्चिम रेलवे के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। ये साझेदारियाँ सेवा के विस्तार और एकीकरण को मज़बूत करेंगी।
अमित शाह ने प्रतिस्पर्धी कंपनियों पर क्या आरोप लगाए?
शाह ने कहा कि प्रतिस्पर्धी कंपनियों द्वारा अचानक किराया घटाने का उद्देश्य 'भारत टैक्सी' की बाज़ार में एंट्री को रोकना है, ताकि बाद में वे फिर से मनमाना किराया वसूल सकें। उन्होंने कहा कि 'भारत टैक्सी' पारदर्शी और सेवाभावी व्यवस्था पर कायम रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 घंटे पहले
  2. 20 घंटे पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले