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भारत टैक्सी पहल से जुड़े 7.97 लाख सारथी, दिल्ली-एनसीआर में 2.55 लाख ड्राइवर-पार्टनर सबसे आगे

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भारत टैक्सी पहल से जुड़े 7.97 लाख सारथी, दिल्ली-एनसीआर में 2.55 लाख ड्राइवर-पार्टनर सबसे आगे

सारांश

निजी राइड-हेलिंग कंपनियों के कमीशन विवादों के बीच सरकार की भारत टैक्सी पहल ने 7.97 लाख सारथी जोड़े हैं। जीरो-कमीशन और सहकारी ढाँचे पर टिकी यह योजना ड्राइवरों के लिए एक वैकल्पिक आय मॉडल पेश करती है — लेकिन असली परीक्षा विस्तार और परिचालन स्थिरता की होगी।

मुख्य बातें

भारत टैक्सी पहल से देशभर में 7.97 लाख सारथी (ड्राइवर-पार्टनर) जुड़ चुके हैं।
दिल्ली-एनसीआर में सर्वाधिक 2.55 लाख , गुजरात में 1.01 लाख और महाराष्ट्र में 71,095 सारथी पंजीकृत हैं।
प्लेटफॉर्म जीरो-कमीशन मॉडल पर काम करता है — किराये में से कोई कटौती नहीं, केवल मामूली सब्सक्रिप्शन शुल्क।
संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) द्वारा, मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट, 2002 के तहत।
सारथियों को SBI मुद्रा ऋण , रियायती बीमा और वाहन वित्तपोषण की सुविधा।
अन्य राज्यों में विस्तार परिचालन तैयारियों और राज्य सरकारों के समन्वय पर निर्भर।

केंद्र सरकार की भारत टैक्सी पहल के तहत देशभर में अब तक 7.97 लाख ड्राइवर-पार्टनर (सारथी) इस सहकारी डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। 29 जुलाई को संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर सबसे अधिक पंजीकरण वाला क्षेत्र बना हुआ है।

राज्यवार पंजीकरण का आँकड़ा

गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि 19 जुलाई तक दिल्ली-एनसीआर में 2.55 लाख सारथी पंजीकृत हो चुके हैं — जो किसी भी एकल क्षेत्र में सर्वाधिक है। इसके बाद गुजरात में 1.01 लाख और महाराष्ट्र में 71,095 सारथी इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं। फिलहाल भारत टैक्सी इन्हीं तीन क्षेत्रों में परिचालित है।

सहकारी मॉडल और जीरो-कमीशन ढाँचा

भारत टैक्सी एक सहकारी मॉडल पर आधारित डिजिटल ऐप मोबिलिटी प्लेटफॉर्म है, जिसका संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) करती है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसका जीरो-कमीशन मॉडल है — यानी किसी भी सवारी के किराये में से सारथी की कमाई पर कोई कमीशन नहीं काटा जाता। शाह ने स्पष्ट किया कि तकनीक, ऐप रखरखाव और प्लेटफॉर्म विस्तार के खर्च के लिए सारथियों से एक मामूली सब्सक्रिप्शन या प्लेटफॉर्म उपयोग शुल्क अलग से लिया जाता है, जिसका उनके किराये पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

सारथियों को मिलने वाले लाभ

मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट, 2002 के तहत STCL की सदस्यता लेने वाले सारथियों को कई कल्याणकारी और वित्तीय सुविधाएँ दी जाती हैं। इनमें रियायती दरों पर स्वास्थ्य और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, SBI मुद्रा ऋण सहित संस्थागत ऋण और बैंकों के माध्यम से वाहन वित्तपोषण शामिल हैं। इसके अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग, ग्राहक सेवा, सड़क सुरक्षा और यात्री सुरक्षा पर समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।

विस्तार की योजना

सरकार ने संसद को बताया कि अन्य राज्यों और शहरों में भारत टैक्सी सेवा का विस्तार परिचालन तैयारियों, सारथियों की उपलब्धता, कानूनी प्रक्रियाओं के पूरा होने और संबंधित राज्य सरकारों, सहकारी संस्थाओं तथा अन्य हितधारकों के साथ समन्वय के आधार पर किया जाएगा। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब Ola और Uber जैसे निजी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्मों पर ड्राइवरों की कमाई और कमीशन को लेकर विवाद लगातार बने रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह वही दावा है जो कई सहकारी डिजिटल उद्यम शुरुआत में करते हैं और बाद में परिचालन लागत के दबाव में संशोधित करते हैं। 7.97 लाख पंजीकरण एक बड़ा आँकड़ा है, पर असली सवाल यह है कि इनमें से कितने सारथी सक्रिय रूप से सवारियाँ ले रहे हैं — पंजीकरण और परिचालन गतिविधि में फ़र्क होता है। तीन राज्यों तक सीमित विस्तार और राज्य सरकारों की मंजूरियों पर निर्भरता यह भी बताती है कि राष्ट्रव्यापी स्केलिंग अभी लंबी राह पर है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत टैक्सी पहल क्या है?
भारत टैक्सी एक सरकार-समर्थित सहकारी डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म है, जिसका संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) करती है। यह जीरो-कमीशन मॉडल पर काम करता है और फिलहाल दिल्ली-एनसीआर, गुजरात और महाराष्ट्र में उपलब्ध है।
भारत टैक्सी में अब तक कितने सारथी जुड़े हैं?
29 जुलाई को संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, 19 जुलाई तक देशभर में 7.97 लाख सारथी इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। इनमें दिल्ली-एनसीआर में 2.55 लाख, गुजरात में 1.01 लाख और महाराष्ट्र में 71,095 सारथी शामिल हैं।
भारत टैक्सी का जीरो-कमीशन मॉडल कैसे काम करता है?
इस मॉडल में सारथी की किराये की कमाई से कोई कमीशन नहीं काटा जाता। तकनीक और प्लेटफॉर्म रखरखाव के लिए सारथियों से एक अलग मामूली सब्सक्रिप्शन या प्लेटफॉर्म उपयोग शुल्क लिया जाता है, जो उनके किराये को प्रभावित नहीं करता।
भारत टैक्सी से जुड़े सारथियों को क्या लाभ मिलते हैं?
STCL के सदस्य सारथियों को रियायती स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा, SBI मुद्रा ऋण सहित संस्थागत ऋण, वाहन वित्तपोषण और डिजिटल कौशल व सड़क सुरक्षा पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ मिलता है।
भारत टैक्सी का विस्तार अन्य राज्यों में कब होगा?
सरकार ने बताया है कि विस्तार परिचालन तैयारियों, सारथियों की उपलब्धता, कानूनी प्रक्रियाओं के पूरा होने और संबंधित राज्य सरकारों व हितधारकों के साथ समन्वय पर निर्भर करेगा। कोई निश्चित समय-सीमा अभी घोषित नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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