भारत टैक्सी पहल से जुड़े 7.97 लाख सारथी, दिल्ली-एनसीआर में 2.55 लाख ड्राइवर-पार्टनर सबसे आगे
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार की भारत टैक्सी पहल के तहत देशभर में अब तक 7.97 लाख ड्राइवर-पार्टनर (सारथी) इस सहकारी डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। 29 जुलाई को संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर सबसे अधिक पंजीकरण वाला क्षेत्र बना हुआ है।
राज्यवार पंजीकरण का आँकड़ा
गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि 19 जुलाई तक दिल्ली-एनसीआर में 2.55 लाख सारथी पंजीकृत हो चुके हैं — जो किसी भी एकल क्षेत्र में सर्वाधिक है। इसके बाद गुजरात में 1.01 लाख और महाराष्ट्र में 71,095 सारथी इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं। फिलहाल भारत टैक्सी इन्हीं तीन क्षेत्रों में परिचालित है।
सहकारी मॉडल और जीरो-कमीशन ढाँचा
भारत टैक्सी एक सहकारी मॉडल पर आधारित डिजिटल ऐप मोबिलिटी प्लेटफॉर्म है, जिसका संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) करती है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसका जीरो-कमीशन मॉडल है — यानी किसी भी सवारी के किराये में से सारथी की कमाई पर कोई कमीशन नहीं काटा जाता। शाह ने स्पष्ट किया कि तकनीक, ऐप रखरखाव और प्लेटफॉर्म विस्तार के खर्च के लिए सारथियों से एक मामूली सब्सक्रिप्शन या प्लेटफॉर्म उपयोग शुल्क अलग से लिया जाता है, जिसका उनके किराये पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
सारथियों को मिलने वाले लाभ
मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट, 2002 के तहत STCL की सदस्यता लेने वाले सारथियों को कई कल्याणकारी और वित्तीय सुविधाएँ दी जाती हैं। इनमें रियायती दरों पर स्वास्थ्य और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, SBI मुद्रा ऋण सहित संस्थागत ऋण और बैंकों के माध्यम से वाहन वित्तपोषण शामिल हैं। इसके अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग, ग्राहक सेवा, सड़क सुरक्षा और यात्री सुरक्षा पर समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
विस्तार की योजना
सरकार ने संसद को बताया कि अन्य राज्यों और शहरों में भारत टैक्सी सेवा का विस्तार परिचालन तैयारियों, सारथियों की उपलब्धता, कानूनी प्रक्रियाओं के पूरा होने और संबंधित राज्य सरकारों, सहकारी संस्थाओं तथा अन्य हितधारकों के साथ समन्वय के आधार पर किया जाएगा। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब Ola और Uber जैसे निजी राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्मों पर ड्राइवरों की कमाई और कमीशन को लेकर विवाद लगातार बने रहे हैं।