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डिजीहाट राइड्स का 55 शहरों तक विस्तार, भारत टैक्सी और नम्मा यात्री से साझेदारी

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डिजीहाट राइड्स का 55 शहरों तक विस्तार, भारत टैक्सी और नम्मा यात्री से साझेदारी

सारांश

डिजीहाट राइड्स अब सिर्फ दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु तक सीमित नहीं — भारत टैक्सी और नम्मा यात्री के साथ साझेदारी में यह सेवा एक साथ 55 शहरों में पहुँच गई है। सहकारी, ड्राइवर-स्वामित्व मॉडल के साथ यह ओला-उबर के वर्चस्व को सीधी चुनौती है।

मुख्य बातें

डिजीहाट राइड्स का विस्तार 22 मई 2026 को 55 भारतीय शहरों तक हुआ।
साझेदारी भारत टैक्सी और नम्मा यात्री — दोनों ड्राइवर-स्वामित्व सहकारी संस्थाओं — के साथ की गई है।
सेवा पहले केवल दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु में उपलब्ध थी; अब मुंबई , चेन्नई , हैदराबाद सहित टियर-2 और टियर-3 शहर भी शामिल।
मॉडल में कम कमीशन और ड्राइवर स्वायत्तता पर जोर; ग्राहकों को पारदर्शी कीमत का वादा।
राइड सेवा को मेट्रो टिकट, फूड डिलीवरी और ग्रॉसरी सहित एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।

सरकार समर्थित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म डिजीहाट ने 22 मई 2026 को घोषणा की कि उसने ड्राइवर-स्वामित्व वाली सहकारी संस्थाओं भारत टैक्सी और नम्मा यात्री के साथ साझेदारी कर अपनी 'डिजीहाट राइड्स' सेवा को भारत के 55 शहरों तक विस्तारित कर दिया है। यह सेवा पहले केवल दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु में उपलब्ध थी।

विस्तार में कौन-से शहर शामिल

नई सेवा अब अहमदाबाद, चंडीगढ़, चेन्नई, हैदराबाद, जयपुर, कोलकाता, कोच्चि, लखनऊ, मुंबई, सूरत, तिरुवनंतपुरम और वडोदरा सहित कई टियर-2 और टियर-3 शहरों में उपलब्ध होगी। इस प्रकार डिजीहाट राइड्स का नेटवर्क एक साथ देश के प्रमुख महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक फैल गया है।

सहकारी मॉडल की खासियत

डिजीहाट के अनुसार, उसका मोबिलिटी मॉडल पारंपरिक राइड-हेलिंग सेवाओं से भिन्न है। प्लेटफॉर्म में ड्राइवर स्वामित्व और कम कमीशन को प्राथमिकता दी गई है, जिससे ड्राइवरों को अपनी कमाई और निर्णयों पर अधिक नियंत्रण मिलता है। ग्राहकों को पारदर्शी कीमत और सामुदायिक जवाबदेही का लाभ मिलने का दावा किया गया है।

सीईओ का बयान

निर्मित भारत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल विज ने कहा, 'हम कोई और राइड-शेयरिंग ऐप नहीं बना रहे हैं। हम यह साबित कर रहे हैं कि भारत ऐसा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बना सकता है जो सबसे पहले नागरिकों की सेवा करे, न कि शेयरधारकों की। डिजीहाट पर हर ड्राइवर अपनी कमाई खुद रखता है। हर उपयोगकर्ता को वास्तविक विकल्प मिलता है। यही समावेशी डिजिटल भागीदारी की असली तस्वीर है।'

कंपनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पहल 'ईज ऑफ लिविंग' को बेहतर बनाने और देशभर में समावेशी डिजिटल भागीदारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

एकीकृत प्लेटफॉर्म की योजना

डिजीहाट ने बताया कि विस्तारित राइड सेवा को उसके मौजूदा प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा, जिसमें मेट्रो टिकट बुकिंग, फूड डिलीवरी, शॉपिंग और ग्रॉसरी सेवाएँ शामिल हैं। लक्ष्य रोज़मर्रा की ज़रूरतों के लिए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करना है। यह ऐसे समय में आया है जब ओला और उबर जैसी निजी राइड-हेलिंग कंपनियाँ ड्राइवर कमीशन और सर्ज प्राइसिंग को लेकर आलोचना के घेरे में हैं।

आगे की राह

गौरतलब है कि डिजीहाट खुद को सरकार समर्थित पहल बताता है, जिसका उद्देश्य भारतीय उत्पादकों, कारीगरों, किसान समूहों और उद्यमों की डिजिटल भागीदारी को मज़बूत करना है। आने वाले समय में यह देखना होगा कि सहकारी मॉडल स्थापित निजी प्लेटफॉर्मों के मुकाबले बाज़ार में कितनी पकड़ बना पाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा बाज़ार में होगी — जहाँ ओला और उबर के पास न केवल गहरी जेब है, बल्कि वर्षों की ब्रांड पहचान भी। भारत टैक्सी और नम्मा यात्री जैसी सहकारी संस्थाएँ पहले भी स्थानीय स्तर पर सफल रही हैं, किंतु 55 शहरों में एकसाथ विस्तार परिचालन जटिलता को कई गुना बढ़ा देता है। सरकार समर्थित होने का दावा एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाता है — क्या यह समर्थन नीतिगत है या वित्तीय, और क्या इसे दीर्घकालिक बनाए रखा जा सकता है? जब तक ड्राइवर आय और ग्राहक अनुभव के स्वतंत्र आँकड़े सामने नहीं आते, यह घोषणा महत्वाकांक्षी वादे और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई को नहीं पाट सकती।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिजीहाट राइड्स क्या है और यह कैसे काम करती है?
डिजीहाट राइड्स एक सरकार समर्थित राइड-हेलिंग सेवा है जो ड्राइवर-स्वामित्व वाली सहकारी संस्थाओं भारत टैक्सी और नम्मा यात्री के साथ साझेदारी में संचालित होती है। इसमें ड्राइवरों को कम कमीशन पर अपनी कमाई और निर्णयों पर अधिक नियंत्रण मिलता है, जबकि यात्रियों को पारदर्शी किराया प्रणाली का लाभ मिलता है।
डिजीहाट राइड्स अब किन-किन शहरों में उपलब्ध है?
22 मई 2026 की घोषणा के बाद डिजीहाट राइड्स अब भारत के 55 शहरों में उपलब्ध है। इनमें दिल्ली-एनसीआर और बेंगलुरु के अलावा मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, जयपुर, अहमदाबाद, लखनऊ, कोच्चि, सूरत, तिरुवनंतपुरम और वडोदरा प्रमुख हैं।
डिजीहाट राइड्स ओला और उबर से कैसे अलग है?
डिजीहाट राइड्स सहकारी मॉडल पर आधारित है, जिसमें ड्राइवर प्लेटफॉर्म के स्वामी होते हैं और कम कमीशन देते हैं। कंपनी का दावा है कि इसमें सर्ज प्राइसिंग की बजाय पारदर्शी कीमत और सामुदायिक जवाबदेही को प्राथमिकता दी गई है, जो ओला-उबर जैसे निजी प्लेटफॉर्मों से मूलभूत रूप से अलग है।
डिजीहाट का एकीकृत प्लेटफॉर्म क्या-क्या सेवाएँ देता है?
डिजीहाट का प्लेटफॉर्म राइड-हेलिंग के अलावा मेट्रो टिकट बुकिंग, फूड डिलीवरी, शॉपिंग और ग्रॉसरी सेवाएँ भी प्रदान करता है। कंपनी का लक्ष्य रोज़मर्रा की ज़रूरतों के लिए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाना है।
डिजीहाट और डिजिटल इंडिया विजन का क्या संबंध है?
डिजीहाट खुद को सरकार समर्थित पहल बताता है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया विजन के तहत 'ईज ऑफ लिविंग' बेहतर बनाने और भारतीय उत्पादकों, कारीगरों, किसान समूहों की डिजिटल भागीदारी मज़बूत करने के उद्देश्य से काम करता है। हालाँकि, सरकारी समर्थन की प्रकृति — नीतिगत या वित्तीय — का विस्तृत ब्यौरा अभी सार्वजनिक नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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