भारत टैक्सी ऐप पर 8.48 लाख ड्राइवर पंजीकृत, रोज़ाना 11,106 राइड्स — अमित शाह ने राज्यसभा को दी जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
सहकारी मॉडल पर संचालित डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म भारत टैक्सी पर देशभर में 8.48 लाख ड्राइवर और 44.27 लाख ग्राहक पंजीकृत हो चुके हैं, और प्रतिदिन 11,106 राइड्स पूरी की जा रही हैं। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 12 अगस्त 2026 को राज्यसभा में यह जानकारी साझा की।
प्लेटफॉर्म का परिचय और संचालन
भारत टैक्सी का संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) द्वारा बहु-राज्य सहकारी समितियाँ अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के अंतर्गत किया जाता है। यह प्लेटफॉर्म पारंपरिक कॉर्पोरेट राइड-हेलिंग मॉडल से अलग है — यहाँ ड्राइवर सहकारी सदस्य होते हैं, न कि किसी निजी कंपनी के कर्मचारी।
सहकारिता मंत्रालय के बयान के अनुसार, अब तक सारथियों (ड्राइवरों) की कुल ₹83.70 करोड़ की कमाई इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुनिश्चित हुई है। यह आँकड़ा इस बात का संकेत देता है कि औसत प्रति-ड्राइवर कमाई अभी भी अपेक्षाकृत सीमित है, जो विस्तार की प्रारंभिक अवस्था को दर्शाता है।
क्षेत्रवार दैनिक यात्राओं का विवरण
आँकड़ों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में प्रतिदिन 5,574 राइड्स के साथ सबसे अधिक गतिविधि दर्ज है। इसके बाद गुजरात में 3,817, पुणे में 632, जयपुर में 372, लखनऊ में 324, मुंबई में 197 और चंडीगढ़ में 190 दैनिक यात्राएँ दर्ज की गई हैं।
गौरतलब है कि भारत टैक्सी को आधिकारिक रूप से दिल्ली-एनसीआर, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान में लॉन्च किया जा चुका है, जबकि अन्य राज्यों में चरणबद्ध विस्तार जारी है।
विस्तार की रणनीति और शर्तें
सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, नए राज्यों में विस्तार के लिए परिचालन की तैयारी, सारथियों की उपलब्धता, वैधानिक आवश्यकताओं की पूर्ति तथा संबंधित राज्य सरकारों, सहकारी संस्थाओं और हितधारकों के साथ समन्वय को प्राथमिकता दी जा रही है। क्रियान्वयन प्रक्रिया में ड्राइवरों का पंजीकरण, ग्राहकों का नामांकन और प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल के साथ समझौता
STCL ने 19 जुलाई 2026 को पश्चिम बंगाल सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग (DITE) द्वारा संचालित यात्री साथी प्लेटफॉर्म के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी के तहत भारत टैक्सी, यात्री साथी के नेटवर्क के माध्यम से ड्राइवर नामांकन, सहकारी सदस्यता, ड्राइवर कल्याण और जन-जागरूकता के क्षेत्रों में सहयोग करेगी।
यह ऐसे समय में आया है जब Ola और Uber जैसे निजी प्लेटफॉर्मों पर ड्राइवरों के कमीशन और कल्याण को लेकर विवाद जारी हैं। भारत टैक्सी का सहकारी मॉडल एक वैकल्पिक ढाँचा प्रस्तुत करता है, हालाँकि बड़े शहरों में इसकी बाज़ार हिस्सेदारी अभी भी नगण्य है।
आगे की राह
मंत्रालय के बयान के अनुसार, आवश्यक मंजूरियाँ और परिचालन तैयारी पूरी होते ही अतिरिक्त राज्यों में सेवाएँ शुरू की जाएँगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मॉडल की वास्तविक परीक्षा तब होगी जब यह मेट्रो शहरों में निजी प्लेटफॉर्मों से सीधी प्रतिस्पर्धा में उतरेगा।