8 जुलाई 2026
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तेलंगाना: भट्टी विक्रमार्क का निर्देश — वित्त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमानों के अनुरूप हो संसाधन जुटाना

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तेलंगाना: भट्टी विक्रमार्क का निर्देश — वित्त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमानों के अनुरूप हो संसाधन जुटाना

सारांश

तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क मल्लू ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमानों से राजस्व संग्रह को सीधे जोड़ने का निर्देश दिया। 28 मई से संशोधित भूमि पंजीकरण मूल्य लागू होंगे और एचआईएलटी नीति को अंतिम रूप दिया जा चुका है — राज्य का वित्तीय अनुशासन अभियान अब ठोस रूप ले रहा है।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क मल्लू ने 22 मई 2026 को डॉ.
बीआर अंबेडकर सचिवालय, हैदराबाद में 'संसाधन जुटाने संबंधी कैबिनेट उप-समिति' की बैठक की अध्यक्षता की।
सभी विभागों को निर्देश दिया गया कि राजस्व संग्रह वित्त वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट अनुमानों के अनुरूप हो।
वरिष्ठ अधिकारियों के लिए प्रत्येक शुक्रवार को साप्ताहिक समीक्षा बैठक में उपस्थिति अनिवार्य की गई।
संशोधित भूमि बाजार मूल्य (पंजीकरण मूल्य) 28 मई 2026 से पूरे राज्य में लागू होंगे, जिससे पंजीकरण विभाग का राजस्व बढ़ने की उम्मीद है।
एचआईएलटी नीति दिशानिर्देश को अंतिम रूप दिया जा चुका है; संबंधित आदेश शीघ्र जारी होंगे।
सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने राज्य के खजाने को नुकसान पहुँचाने वाली अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क मल्लू ने 22 मई 2026 को हैदराबाद स्थित डॉ. बीआर अंबेडकर सचिवालय में 'संसाधन जुटाने संबंधी कैबिनेट उप-समिति' की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी विभागों को निर्देश दिया कि राजस्व संग्रह वित्त वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट अनुमानों के पूरी तरह अनुरूप होना चाहिए। राज्य की आर्थिक प्रगति को गति देने के उद्देश्य से बुलाई गई इस बैठक में अतिरिक्त राजस्व स्रोतों की पहचान और विभागीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में कौन थे उपस्थित

बैठक में समिति के सदस्य सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी और सूचना एवं उद्योग मंत्री दुद्दिला श्रीधर बाबू शामिल हुए। वरिष्ठ अधिकारियों में मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव, आर एंड बी विशेष मुख्य सचिव विकास राज, वित्त प्रधान सचिव संदीप कुमार सुल्तानिया, खान प्रधान सचिव श्रीधर, राजस्व सचिव लोकेश कुमार, तथा टीजीआईआईसी के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक शशांक भी उपस्थित रहे।

मुख्य निर्देश और प्राथमिकताएँ

उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि बजट लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सभी उपलब्ध राजस्व स्रोतों का पूर्ण उपयोग किया जाए और व्यय में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जाए। उन्होंने यह भी अनिवार्य किया कि सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी प्रत्येक शुक्रवार को समीक्षा बैठक में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहें। अपरिहार्य परिस्थितियों में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भागीदारी की अनुमति दी गई है।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन और राजस्व संग्रह को लेकर विभागीय जवाबदेही कड़ी करने पर विशेष जोर दे रही है।

28 मई से लागू होंगे संशोधित भूमि बाजार मूल्य

बैठक में अधिकारियों ने सूचित किया कि राज्य मंत्रिमंडल के निर्देशों के अनुसार भूमि के संशोधित (बढ़े हुए) बाजार मूल्य (पंजीकरण मूल्य) 28 मई 2026 से पूरे राज्य में लागू हो जाएंगे। इससे पंजीकरण विभाग के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद जताई गई। इसके अतिरिक्त, उद्योग विभाग से संबंधित 'एचआईएलटी नीति दिशानिर्देश' को अंतिम रूप दे दिया गया है और संबंधित आदेश शीघ्र जारी किए जाएंगे।

प्रमुख विभागों की समीक्षा

उच्च स्तरीय बैठक में नगर प्रशासन एवं शहरी विकास (एमए एंड यूडी), हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एचएमडीए), उद्योग, पंजीकरण, खनन, राजस्व और परिवहन सहित प्रमुख विभागों की वर्तमान संसाधन जुटाने की प्रगति और भविष्य के राजस्व लक्ष्यों की समीक्षा की गई। सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने अधिकारियों को राज्य के खजाने को नुकसान पहुँचाने वाली अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

आगे की राह

साप्ताहिक समीक्षा की अनिवार्यता और बजट-अनुरूप राजस्व संग्रह के स्पष्ट निर्देशों के साथ, तेलंगाना सरकार वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में संरचनात्मक कदम उठाती दिख रही है। भूमि पंजीकरण मूल्यों में संशोधन और एचआईएलटी नीति के क्रियान्वयन से आने वाले महीनों में राज्य के राजस्व पर सीधा असर पड़ने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी। तेलंगाना में पिछले कुछ वर्षों में राजस्व लक्ष्य और वास्तविक संग्रह के बीच का अंतर चिंता का विषय रहा है। भूमि पंजीकरण मूल्यों में वृद्धि से अल्पकालिक राजस्व तो बढ़ सकता है, लेकिन इससे रियल एस्टेट लेनदेन में सुस्ती आने और अनौपचारिक बाज़ार को प्रोत्साहन मिलने का जोखिम भी है। एचआईएलटी नीति के ब्यौरे अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं, इसलिए उद्योग जगत पर इसके वास्तविक प्रभाव का आकलन अभी बाकी है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भट्टी विक्रमार्क मल्लू की इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सभी विभागों का राजस्व संग्रह वित्त वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित बजट अनुमानों के अनुरूप हो। उपमुख्यमंत्री ने अतिरिक्त राजस्व स्रोतों की पहचान और खर्चों में अनियमितता रोकने पर जोर दिया।
तेलंगाना में 28 मई से भूमि पंजीकरण मूल्यों में क्या बदलाव होगा?
राज्य मंत्रिमंडल के निर्देशों के अनुसार 28 मई 2026 से पूरे तेलंगाना में भूमि के संशोधित (बढ़े हुए) बाजार मूल्य लागू होंगे। इससे पंजीकरण विभाग के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
एचआईएलटी नीति दिशानिर्देश क्या है और यह कब लागू होगा?
एचआईएलटी नीति दिशानिर्देश उद्योग विभाग से संबंधित एक नीतिगत ढाँचा है, जिसे अंतिम रूप दिया जा चुका है। संबंधित सरकारी आदेश शीघ्र ही जारी किए जाने की बात कही गई है, हालाँकि सटीक तिथि अभी घोषित नहीं हुई है।
साप्ताहिक समीक्षा बैठक की अनिवार्यता क्यों लागू की गई?
उपमुख्यमंत्री ने राजस्व लक्ष्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक शुक्रवार को वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की है। अपरिहार्य परिस्थितियों में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भागीदारी की अनुमति दी गई है।
इस बैठक में किन प्रमुख विभागों की समीक्षा की गई?
बैठक में नगर प्रशासन एवं शहरी विकास (एमए एंड यूडी), हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एचएमडीए), उद्योग, पंजीकरण, खनन, राजस्व और परिवहन विभागों की संसाधन जुटाने की प्रगति और भविष्य के लक्ष्यों की समीक्षा की गई।
राष्ट्र प्रेस
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