भोपाल में अवैध शराब पर बड़ी कार्रवाई: तरावली गांव से 12 भट्टी, 200 लीटर कच्ची शराब जब्त
सारांश
मुख्य बातें
सागर जिले के जहरीले शराब कांड के बाद मध्य प्रदेश पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई में भोपाल के तरावली गांव से 12 भट्टी, दो बॉयलर और 200 लीटर से अधिक कच्ची शराब जब्त की गई है। 22 सितंबर 2026 को हुई इस छापेमारी में जंगली इलाके में चल रहे अवैध शराब निर्माण के पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ और यह भी खुलासा हुआ कि यहाँ बनी शराब मात्र ₹10 और ₹20 में प्लास्टिक की पन्नी में पैक करके बेची जाती थी।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस और आबकारी दस्ते ने जब तरावली गांव के जंगली इलाके में दबिश दी, तो मौके पर भगदड़ मच गई। छापामारी दल ने वहाँ से 12 भट्टियाँ, दो बॉयलर और कई ड्रम बरामद किए — जिनमें से कुछ खाली थे और कुछ में शराब भरी हुई थी। जमीन के अंदर बनाई गई भट्टियों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
इसके अलावा बड़ी मात्रा में लाहन — जो कच्ची शराब बनाने में कच्चे माल के रूप में उपयोग होता है — भी जब्त किया गया। अधिकारियों के अनुसार यहाँ तैयार शराब को प्लास्टिक की पन्नियों में सील करके बेहद कम कीमत पर बेचा जाता था, जिससे इसकी पहुँच बेहद व्यापक थी।
सागर कांड की पृष्ठभूमि
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब से कई लोगों की मौत हो गई थी। उस हादसे के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए और राज्यभर में अवैध शराब के विरुद्ध अभियान चलाने के निर्देश जारी किए थे।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अवैध शराब निर्माण का कारोबार लंबे समय से सक्रिय है। कुछ-कुछ समय के अंतराल पर ऐसी घटनाएँ सामने आती रहती हैं जिनमें जानें तक जाती हैं — और हर बार कार्रवाई के बाद भी यह नेटवर्क फिर सक्रिय हो जाता है।
शराब बेचने का तरीका उजागर
जाँच में सामने आया कि तरावली में बनने वाली कच्ची शराब को प्लास्टिक की पन्नी में पैक करके मात्र ₹10 और ₹20 प्रति पन्नी की दर से बेचा जाता था। यह सस्ती कीमत इस शराब को गरीब तबके तक आसानी से पहुँचाने का ज़रिया बनती थी, जो स्वास्थ्य के लिहाज से अत्यंत खतरनाक है।
विशेषज्ञों के अनुसार इतनी कम कीमत पर बिकने वाली कच्ची शराब में अक्सर जहरीले रसायन — जैसे मेथेनॉल — मिले होते हैं, जो जानलेवा साबित हो सकते हैं।
आगे की कार्रवाई
आबकारी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जब्त सामग्री को सुरक्षित कर लिया गया है और आगे की जाँच जारी है। मध्य प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार राज्यभर में ऐसी छापेमारी का सिलसिला जारी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि अवैध शराब के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के लिए ग्रामीण और जंगली इलाकों में भी विशेष अभियान चलाया जाएगा।