12 अगस्त 2026
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भोपाल की अरेरा कॉलोनी में 'गायब फुटपाथ' की शिकायत, हबीबगंज थाने पहुँचा मामला

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भोपाल की अरेरा कॉलोनी में 'गायब फुटपाथ' की शिकायत, हबीबगंज थाने पहुँचा मामला

सारांश

भोपाल की पॉश अरेरा कॉलोनी में सरकारी फुटपाथ ही गायब हो गया — और अब इसकी शिकायत थाने पहुँची है। निवासियों ने न केवल भू-माफियाओं पर, बल्कि नगर निगम और PWD अधिकारियों पर भी आपराधिक जाँच की माँग की है। स्मार्ट सिटी में यह कथित तौर पर 'गायब फुटपाथ' की देश की पहली ऐसी शिकायत है।

मुख्य बातें

भोपाल की अरेरा कॉलोनी के 10 नंबर मार्केट के आसपास सरकारी धन से बने फुटपाथ के गायब होने की शिकायत 12 अगस्त को दर्ज हुई।
निवासी विवेक त्रिपाठी और लवनीश भाटी ने हबीबगंज थाने में शिकायत दी।
शिकायत में नगर निगम और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों की आपराधिक जाँच और प्राथमिकी दर्ज करने की माँग।
आरोप है कि फुटपाथ को कथित तौर पर पार्किंग, निजी उपयोग और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए हड़पा गया।
निवासियों ने पुराने सरकारी नक्शों से वर्तमान स्थिति का मिलान कराने की माँग की है।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की प्रतिष्ठित अरेरा कॉलोनी से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है — सरकारी धन से निर्मित फुटपाथ ही गायब हो गया। यह शिकायत 12 अगस्त को हबीबगंज थाने में दर्ज कराई गई, जिसमें न केवल अतिक्रमणकारियों पर, बल्कि नगर निगम और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों पर भी आपराधिक जाँच की माँग की गई है। निवासियों के अनुसार, यह संभवतः किसी स्मार्ट सिटी में 'गायब फुटपाथ' को लेकर दर्ज होने वाली देश की पहली ऐसी शिकायत है।

मुख्य घटनाक्रम

शिकायत के अनुसार, अरेरा कॉलोनी के 10 नंबर मार्केट के आसपास की मुख्य सड़कों के फुटपाथ धीरे-धीरे गायब हो गए। निवासियों का आरोप है कि भू-माफियाओं ने आवासीय भूखंडों पर अवैध व्यावसायिक निर्माण करने के साथ-साथ सार्वजनिक फुटपाथों को भी तोड़ दिया। इन फुटपाथों को कथित तौर पर पार्किंग, निजी उपयोग और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए हड़प लिया गया।

निवासी विवेक त्रिपाठी और लवनीश भाटी ने थाने में शिकायत देकर पूछा है कि जनता के कर (टैक्स) से बनाया गया फुटपाथ आखिर कहाँ गया और अब पैदल चलने वाले नागरिक सड़क पर कहाँ चलें।

शिकायत में क्या माँगा गया

शिकायत में माँग की गई है कि पुराने नक्शे और सरकारी रिकॉर्ड निकालकर फुटपाथ की पूर्व स्थिति और वर्तमान स्थिति का मिलान कराया जाए। यदि रिकॉर्ड और ज़मीनी हकीकत में अंतर पाया जाए, तो कब्जा करने वालों के साथ-साथ उन अधिकारियों को भी आरोपी बनाया जाए जिनकी लापरवाही, संरक्षण या मिलीभगत से यह सार्वजनिक संपत्ति हड़पी गई।

निवासियों का तर्क है कि भू-माफिया अकेले सार्वजनिक ज़मीन पर कब्जा नहीं कर सकता, जब तक जिम्मेदार सरकारी तंत्र आँखें बंद न रखे। इसीलिए शिकायत में नगर निगम और PWD के उन अधिकारियों की आपराधिक जाँच और प्राथमिकी दर्ज करने की माँग की गई है, जिनकी ज़िम्मेदारी इन सड़कों और फुटपाथों की सुरक्षा की थी।

प्रशासन की भूमिका पर सवाल

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि फुटपाथ के गायब होने की प्रक्रिया धीरे-धीरे हुई और इस दौरान प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। गौरतलब है कि भोपाल को स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चुना गया है, जहाँ सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा और रखरखाव की प्राथमिक ज़िम्मेदारी नगर निगम की है। ऐसे में फुटपाथ का इस तरह गायब होना न केवल प्रशासनिक विफलता को उजागर करता है, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

आगे क्या होगा

फिलहाल हबीबगंज थाना शिकायत की जाँच कर रहा है। निवासियों ने माँग की है कि पुलिस और संबंधित विभाग मिलकर रिकॉर्ड का मिलान करें और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें। यह मामला भोपाल में सार्वजनिक संपत्ति पर अतिक्रमण और प्रशासनिक जवाबदेही की बहस को नए सिरे से जन्म दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी एक प्रतिष्ठित कॉलोनी का फुटपाथ 'गायब' हो जाता है और प्रशासन को खबर तक नहीं — यह महज लापरवाही नहीं, बल्कि संस्थागत मिलीभगत का संकेत है। निवासियों ने सही सवाल उठाया है कि भू-माफिया बिना सरकारी संरक्षण के सार्वजनिक संपत्ति नहीं हड़प सकता। असली परीक्षा यह है कि क्या पुलिस केवल अतिक्रमणकारियों तक सीमित रहती है, या नगर निगम और PWD के उन अधिकारियों तक भी जाँच पहुँचती है जिनकी ज़िम्मेदारी इस संपत्ति की रक्षा करना था।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोपाल की अरेरा कॉलोनी में फुटपाथ चोरी का मामला क्या है?
अरेरा कॉलोनी के 10 नंबर मार्केट के आसपास सरकारी धन से बने फुटपाथ के गायब होने की शिकायत 12 अगस्त को हबीबगंज थाने में दर्ज कराई गई है। निवासियों का आरोप है कि फुटपाथ को पार्किंग, निजी उपयोग और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए कब्जा कर लिया गया।
शिकायत में किन अधिकारियों पर कार्रवाई की माँग की गई है?
शिकायत में अतिक्रमणकारियों के साथ-साथ नगर निगम और लोक निर्माण विभाग (PWD) के उन अधिकारियों की आपराधिक जाँच और प्राथमिकी दर्ज करने की माँग की गई है, जिनकी ज़िम्मेदारी इन सड़कों और फुटपाथों की सुरक्षा की थी।
शिकायतकर्ता कौन हैं और उन्होंने क्या माँगा है?
अरेरा कॉलोनी के निवासी विवेक त्रिपाठी और लवनीश भाटी ने हबीबगंज थाने में शिकायत दी है। उन्होंने पुराने नक्शे और सरकारी रिकॉर्ड से वर्तमान स्थिति का मिलान कराने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की माँग की है।
क्या यह देश में पहली ऐसी शिकायत है?
निवासियों के अनुसार, यह संभवतः किसी स्मार्ट सिटी में 'गायब फुटपाथ' को लेकर प्राथमिकी दर्ज करने की देश की पहली शिकायत है। हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
फिलहाल हबीबगंज थाना शिकायत की जाँच कर रहा है। निवासियों ने माँग की है कि पुलिस सरकारी रिकॉर्ड का मिलान कर दोषियों को चिह्नित करे और नगर निगम व PWD अधिकारियों की भूमिका की भी जाँच हो।
राष्ट्र प्रेस
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