भोपाल रेल मंडल: टीटीई नरेश धाकड़ की सजगता से मानसिक रूप से कमज़ोर महिला यात्री सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल के टीटीई नरेश धाकड़ की त्वरित सूझबूझ ने 26 जून 2026 को एक मानसिक रूप से कमज़ोर महिला यात्री को सुरक्षित बचाया। नागपुर से ग्वालियर की ओर यात्रा कर रही यह महिला घर से भागी हुई थी और उसे रेल सुरक्षा बल को सुपुर्द कर उसके परिजनों तक पहुँचाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
मुख्य घटनाक्रम
गुना स्टेशन से तैनात टीटीई नरेश धाकड़ टिकट जाँच के दौरान गाड़ी संख्या 04114 हुबली-प्रयागराज स्पेशल के एस-5 स्लीपर कोच में पहुँचे। बर्थ संख्या 42 पर उन्हें एक महिला मिली जो नागपुर से ग्वालियर के लिए जनरल टिकट लेकर स्लीपर कोच में यात्रा कर रही थी।
उसी कोच के सहयात्रियों ने धाकड़ को सूचित किया कि महिला का व्यवहार सामान्य नहीं लग रहा। गहन पूछताछ में पता चला कि महिला नागपुर की निवासी है और वह घर से भाग निकली थी।
टीटीई की त्वरित कार्रवाई
स्थिति की गंभीरता को भाँपते हुए टीटीई नरेश धाकड़ ने तत्काल महिला को रेल सुरक्षा बल (RPF), ग्वालियर के हवाले किया। महिला के पास उपलब्ध यात्रा टिकट और अन्य दस्तावेज़ों के आधार पर उसके परिजनों से संपर्क स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई, ताकि उसे सुरक्षित घर पहुँचाया जा सके।
रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने कहा कि वाणिज्य टिकट चेकिंग स्टाफ यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ मानवता एवं सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए भी सदैव तत्पर रहता है। उन्होंने टीटीई धाकड़ की सजगता की सराहना की।
यह ऐसे समय में आया है जब रेलवे प्रशासन यात्री सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर ज़ोर दे रहा है। गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में भोपाल मंडल के रेलवे कर्मचारियों ने कई ऐसे मामलों में जीवन रक्षक भूमिका निभाई है।
आम यात्रियों पर असर
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, टिकट चेकिंग स्टाफ को यात्रियों की शारीरिक और मानसिक स्थिति पर नज़र रखने के लिए नियमित रूप से संवेदनशील बनाया जाता है। इस घटना ने एक बार फिर रेखांकित किया कि सतर्क रेलकर्मी किसी कमज़ोर यात्री के लिए सुरक्षा कवच का काम कर सकते हैं।
क्या होगा आगे
रेल सुरक्षा बल महिला के परिजनों से संपर्क स्थापित कर उसे उनके हवाले करने की प्रक्रिया में है। भोपाल मंडल प्रशासन ने संकेत दिया है कि ऐसे मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल को और सुदृढ़ किया जाएगा।