ईडी की बड़ी कार्रवाई: भूमि घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग में दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार, SRMF संपत्तियों की फर्जी बिक्री का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 15 मई 2025 को सैकड़ों करोड़ रुपये के भूमि घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दो मुख्य आरोपियों — जी राम चंद्र मोहन और आकाश मालवीय — को गिरफ्तार किया। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने एक पंजीकृत चैरिटेबल संस्था की अचल संपत्तियों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए तीन राज्यों में अवैध रूप से बेचा और अपराध की आय को बैंक खातों के माध्यम से ठिकाने लगाया।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला स्पिरिचुअल रीजनरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया (SRMF) से जुड़ा है, जो वर्ष 1963 में पंजीकृत एक चैरिटेबल सोसायटी है। जांच के अनुसार, आरोपियों ने इस संस्था की उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में स्थित अचल संपत्तियों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से बेच दिया। ईडी ने 7 मई को दर्ज ईसीआईआर (ECIR) के आधार पर जांच शुरू की थी, जो धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी पहचान और आपराधिक विश्वासघात से संबंधित विभिन्न एफआईआर से जुड़ा है।
आरोपियों की भूमिका
ईडी की जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी जी राम चंद्र मोहन ने वर्ष 2010 में खुद को SRMF का कोषाध्यक्ष बताकर एक फर्जी संस्था बनाई। उन्होंने नकली पैन कार्ड हासिल किया, जिसे बाद में आयकर विभाग ने फर्जी घोषित कर निष्क्रिय कर दिया। इसके बाद उन्होंने अवैध रूप से बैंक खाते खोलकर अपराध की आय को ट्रांसफर किया।
वहीं, आकाश मालवीय ने खुद को संस्था का कार्यकारी सदस्य बताकर फर्जी बिक्री दस्तावेजों पर अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता की भूमिका निभाई। जांच में यह भी सामने आया कि एम/एस सिंहवाहिनी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक प्रदीप सिंह ने जानते हुए भी कि जमीन SRMF की है और आरोपियों के पास उसे बेचने का कोई वैध अधिकार नहीं है, जानबूझकर इन सौदों में भाग लिया और बिक्री के तुरंत बाद भूमि के हिस्सों को तीसरे पक्ष को भी बेच दिया।
छापेमारी और संपत्तियाँ फ्रीज
ईडी ने 14-15 मई को व्यापक छापेमारी के बाद यह गिरफ्तारियाँ कीं। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 17(1ए) के तहत प्रदीप सिंह और उनकी कंपनी के बैंक खाते, लॉकर तथा लग्जरी वाहन — टोयोटा हाइब्रिड, लैंड रोवर डिफेंडर और महिंद्रा थार रॉक्स — फ्रीज कर दिए हैं। इसके अलावा, एम/एस सिंहवाहिनी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के बैंक खातों व चल संपत्तियों को भी फ्रीज करने के आदेश जारी किए गए हैं।
न्यायिक प्रक्रिया
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों — जी राम चंद्र मोहन और आकाश मालवीय — को नई दिल्ली स्थित पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें ईडी की हिरासत में भेज दिया गया। ईडी का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संलिप्त पक्षों की पहचान की जा रही है।